• Author at Kremlin in Moscow

पाकिस्तान के नज़ारे (Pakistan in Turmoil)

July 19, 2018 0

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ तथा उनकी बेटी मरियम शरीफ जिन्हें दस और सात साल की कैद सुनाई  गई है इसे भुगतने के लिए पाकिस्तान लौट आए हैं और उन्हें गिरफ्तार कर रावलपिंडी के जेल में भेज दिया गया है। अप्रैल में उनकी सुप्रीम कोर्ट नवाज शरीफ को आजीवन चुनाव लडऩे के अयोग्य करार दे चुकी है क्योंकि वह ‘अमीन तथा सादिक’ नहीं हैं, अर्थात सच्चे और ईमानदार नहीं हैं। इस पर नवाज शरीफ ने टिप्पणी की थी कि क्या पाकिस्तान में बाकी सभी ‘अमीन और सादिक’ हैं? पाकिस्तान का दुर्भाग्य रहा है कि किसी भी प्रधानमंत्री को अपनी अवधि पूरी करने नहीं दी गई। किसी को गोली मार दी गई तो किसी को फांसी लगा दी गई तो […]

इतिहास के आईने में अमरेन्द्र सिंह (Focus on Amarinder Singh)

July 12, 2018 0

पंजाबियों ने वह दर्दनाक वीडियो देखा है जहां अपने पिता की लाश के साथ लेटा आठ साल का जसप्रीत कह रहा है,  “पापा उठो मैनु स्कूल छड के आओ।“ लेकिन पापा, तरनतारन के  धोतियां गांव का गुरबेज सिंह 36 साल नहीं उठ सकता क्योंकि उसे तो नशा जिसे पंजाब में चिट्टा, कहा जाता है लील गया है। नशे के कारण पत्नी छोड़ गई थी अब बच्चे बेसहारा हैं। गुरबेज की विधवा मां विलाप करती है, “जब से मेरे बेटे ने चिट्टा लेना शुरू किया है तब से मेरी जिंदगी नरक बन गई है। मेरे पास केवल एक एकड़ जमीन थी वह भी उसके इलाज के लिए बेच दी। अब मैं क्या करुंगी।“ ऐसी कहानियां गांव-गांव दोहराई जा रही है। देहात में […]

भारत-अमेरिका : 2+2=3 (India-America: 2+2=3)

July 5, 2018 0

जिस प्रकार उड़ान के दौरान वायुमंडल में विक्षोभ आ जाता है और विमान हचकोले खाने लगता है वही हाल आज-कल भारत-अमेरिका रिश्तों का है। यह रिश्ते बाराक ओबामा के समय तक सही उड़ रहे थे और हम खुद को अमेरिका के ’स्ट्रैटजिकल पार्टनर’ भी समझने लगे थे। इस कारण हमने रूस से रिश्ते बिगाड़ लिए और चीन के साथ डोकलाम में टकराव की नौबत आ गई थी लेकिन डॉनल्ड ट्रम्प’ के वहां राष्ट्रपति बनने के बाद रिश्तों में भारी अशांति आ गई है। भारत पर एक किताब की लेखिका और विशेषज्ञ एलीसा एयरस ने सही लिखा है, “आपसी रिश्तों में पिछले कुछ महीनों में नया तनाव आया है और यह जारी रहेगा… दोनों देशों के बीच सब कुछ ठीक-ठाक नहीं […]

बहुत देर कर दी मेहरबां आते आते (J&K Too Late)

June 28, 2018 0

पहला कदम ही गलत पड़ा था। मार्च 2015 में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में शपथ ग्रहण के तत्काल बाद नव निर्वाचित मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद ने सहयोगी भाजपा की भावनाओं की परवाह किए बिना जम्मू-कश्मीर के शांतमय चुनाव का श्रेय आतंकवादियों, अलगाववादियों तथा ‘उस पार के लोगों’ अर्थात पाकिस्तान को दे डाला। ऐसा कर मुफ्ती ने अपना इरादा तथा झुकाव स्पष्ट कर दिया लेकिन इस हिमाकत को भाजपा का नेतृत्व चुपचाप बर्दाश्त कर गया। आखिर उस वक्त अपनी टोपी में नए-नए पंख लगाने की दौड़ थी नहीं तो उसी मौके पर भाजपा के मंत्रियों को शपथ लेने से इंकार कर देना चाहिए था। दिलचस्प है कि मुफ्ती मुहम्मद सईद की पीडीपी में जिन लोगों ने भाजपा के […]

जो खामोश रहे तब (Those Who Remained Silent Then)

June 21, 2018 0

हिटलर तथा उसके नाज़ियों के अत्याचार तथा उसके सामने जर्मन बुद्धिजीवियों के कायर समर्पण के बारे जर्मन पादरी मार्टिन नीमओलर ने बाद में लिखा था, पहले वह सोशलिस्ट के लिए आए, मैं नहीं बोला क्योंकि मैं सोशलिस्ट नहीं था। फिर वह ट्रेड यूनीयनिस्ट के लिए आए पर मैं नहीं बोला क्योंकि मैं ट्रेड यूनियनिस्ट नहीं था। फिर वह यहूदियों के लिए आए और मैं नहीं बोला क्योंकि मैं यहूदी नहीं था। फिर वह मेरे लिए आए, पर मेरे लिए बोलने वाला कोई नहीं बचा था। यह पंक्तियां एक सूझवान जर्मन की हताशा व्यक्त करती है कि अगर शुरू में हिटलर को रोका जाता तो इतना विनाश न होता और न ही जर्मनी तबाह होता। लेकिन उस वक्त जिसे अब्राहिम लिंकन […]

कांग्रेस, संघ और प्रणब मुखर्जी (Congress, RSS and Pranab Mukherjee)

June 14, 2018 0

मनोवैज्ञानिक LOVE-HATE RELATIONSHIP की बात करते हैं अर्थात वह रिश्ता जो कभी प्यार का है तो कभी नफरत में बदल जाता है। कांग्रेस पार्टी तथा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का रिश्ता भी प्यार-नफरत वाला ही रहा है चाहे इसमें नफरत की मात्रा अधिक रही है। महात्मा गांधी की हत्या से इस रिश्तों में अधिक तनाव आ गया था। उनकी हत्या के अगले ही महीने अर्थात फरवरी 1948 में संघ पर पाबंदी लगा दी गई। संघ को लेकर जवाहर लाल नेहरू तथा सरदार पटेल में मतभेद रहे। गांधी जी की हत्या के दो सप्ताह के बाद पंजाब सरकार को लिखे अपने पत्र में देश के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने लिखा था, “इन लोगों के हाथ महात्मा गांधी के खून से […]

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