• Author at Kremlin in Moscow

हे राम! (He Ram)

April 26, 2018 0

इंदौर में एक आठ महीने की बच्ची के साथ रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई। नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी जिन्होंने बढ़ते रेप को ‘नैशनल  एमरजैंसी’ कहा है, के अनुसार पिछले तीन साल में बच्चों के खिलाफ अपराध में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 96 प्रतिशत मामलों में अपराधी वह शख्स था जिसे परिवार और बच्चा जानते हैं जिस कारण कई मामले छिपे भी रहते हैं। किसी समाज की नीचता का इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है कि यहां बच्चियां सुरक्षित नहीं? हमारी तो इंसानियत मर गई लगती है। एक दिन नहीं जाता जब कहीं न कहीं से ऐसा बुरा समाचार नहीं मिलता। आभास मिलता है कि यहां दरिंदे भरे हुए हैं। कठुआ और उन्नाव के […]

संजय कुमार जातव की बारात (Dalit Angst)

April 19, 2018 0

बिना उत्तेजना दिए, बिना किसी को गाली दिए, बिना कहीं आग लगाए यह दलित नौजवान पूर्वाग्रहों से लडऩे की देश के आगे बढ़िया मिसाल कायम कर गया है। संजय कुमार जातव की शादी इस महीने के अंत में है। वह जिस रास्ते से अपनी बारात ले जाना चाहता था उस रास्ते में ठाकुरों के घर पड़ते थे जो शताब्दियों पुराने पूर्वाग्रह में इस बारात के प्रवेश का विरोध कर रहे थे। संजय कुमार हाईकोर्ट तक भी गया कि यह उसके ‘सम्मान’ का मामला है पर दुर्भाग्यवश वहां से भी मदद नहीं मिली। उसने यह वायदा भी किया था कि उसकी बारात पूरी गरिमायुक्त होगी, कोई शराब नहीं पीएगा, कोई हथियार नहीं रखेगा और कुछ आपत्तिजनक नहीं कहा जाएगा। जिला प्रशासन […]

डॉलर के जाल में फंसे कबूतर (False Dollar Dreams)

April 12, 2018 0

पंजाब ग़मगीन है। जब से इराक में मारे गए 39 भारतीयों, जिनमें 27 पंजाबी हैं, के अंग-भंग शव लाए गए हैं तब से हर घर में इसकी चर्चा है क्योंकि यह त्रासदी सब को छूती है। जिसे पंजाब में ‘कबूतरबाजी’ अर्थात इंसानी तस्करी या गैर कानूनी ढंग से बाहर भेजना कहा जाता है, यह धंधा हजारों पंजाबी घरों को छूता है। बेरोजगारी, ड्रग्स तथा भ्रष्टाचार ने कभी देश के 1 नंबर रहे प्रांत का हुलिया बिगाड़ दिया है। खेती लाभकारी नहीं रही। सरकारी नौकरियां सीमित हैं तथा आरक्षण ने उन्हें और सीमित कर दिया जिस कारण जो बाहर निकल सकता है वह सही या गलत कोशिश कर रहा है। कई कामयाब हो भी जाते हैं पर कई इराक में मारे […]

United States of India

April 5, 2018 0

 विपक्ष का सर्कस शुरू हो गया है। नेता जगह-जगह इकट्ठे हो रहे हैं। ममता बैनर्जी विशेष तौर पर रिंग मास्टर बनना चाहतीं है। कई नेताओं जिनमें सोनिया गांधी भी शामिल है, से वह मिल चुकी हैं। सर्कस की तरह ट्रपीज़ पर चंद्र बाबू नायडू जैसे इधर से उधर झूल रहे हैं। कई और झूलने की तैयारी में है। जब से भाजपा गोरखपुर तथा फूलपुर में बुरी तरह से पिटी है तब से यह प्रभाव फैल गया कि इसे हराया जा सकता है। वह अजेय नहीं रही। तर्क गलत भी नहीं। पिछले चुनाव में भाजपा को मात्र 31 प्रतिशत वोट पर ही बहुमत मिल गया था क्योंकि बाकी 69 प्रतिशत बिखरा हुआ था। 2014 में भारी कांग्रेस विरोधी तथा मोदी पक्षीय […]