• Author at Kremlin in Moscow

बहुत देर कर दी मेहरबां आते आते (J&K Too Late)

June 28, 2018 0

पहला कदम ही गलत पड़ा था। मार्च 2015 में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में शपथ ग्रहण के तत्काल बाद नव निर्वाचित मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद ने सहयोगी भाजपा की भावनाओं की परवाह किए बिना जम्मू-कश्मीर के शांतमय चुनाव का श्रेय आतंकवादियों, अलगाववादियों तथा ‘उस पार के लोगों’ अर्थात पाकिस्तान को दे डाला। ऐसा कर मुफ्ती ने अपना इरादा तथा झुकाव स्पष्ट कर दिया लेकिन इस हिमाकत को भाजपा का नेतृत्व चुपचाप बर्दाश्त कर गया। आखिर उस वक्त अपनी टोपी में नए-नए पंख लगाने की दौड़ थी नहीं तो उसी मौके पर भाजपा के मंत्रियों को शपथ लेने से इंकार कर देना चाहिए था। दिलचस्प है कि मुफ्ती मुहम्मद सईद की पीडीपी में जिन लोगों ने भाजपा के […]

जो खामोश रहे तब (Those Who Remained Silent Then)

June 21, 2018 0

हिटलर तथा उसके नाज़ियों के अत्याचार तथा उसके सामने जर्मन बुद्धिजीवियों के कायर समर्पण के बारे जर्मन पादरी मार्टिन नीमओलर ने बाद में लिखा था, पहले वह सोशलिस्ट के लिए आए, मैं नहीं बोला क्योंकि मैं सोशलिस्ट नहीं था। फिर वह ट्रेड यूनीयनिस्ट के लिए आए पर मैं नहीं बोला क्योंकि मैं ट्रेड यूनियनिस्ट नहीं था। फिर वह यहूदियों के लिए आए और मैं नहीं बोला क्योंकि मैं यहूदी नहीं था। फिर वह मेरे लिए आए, पर मेरे लिए बोलने वाला कोई नहीं बचा था। यह पंक्तियां एक सूझवान जर्मन की हताशा व्यक्त करती है कि अगर शुरू में हिटलर को रोका जाता तो इतना विनाश न होता और न ही जर्मनी तबाह होता। लेकिन उस वक्त जिसे अब्राहिम लिंकन […]

कांग्रेस, संघ और प्रणब मुखर्जी (Congress, RSS and Pranab Mukherjee)

June 14, 2018 0

मनोवैज्ञानिक LOVE-HATE RELATIONSHIP की बात करते हैं अर्थात वह रिश्ता जो कभी प्यार का है तो कभी नफरत में बदल जाता है। कांग्रेस पार्टी तथा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का रिश्ता भी प्यार-नफरत वाला ही रहा है चाहे इसमें नफरत की मात्रा अधिक रही है। महात्मा गांधी की हत्या से इस रिश्तों में अधिक तनाव आ गया था। उनकी हत्या के अगले ही महीने अर्थात फरवरी 1948 में संघ पर पाबंदी लगा दी गई। संघ को लेकर जवाहर लाल नेहरू तथा सरदार पटेल में मतभेद रहे। गांधी जी की हत्या के दो सप्ताह के बाद पंजाब सरकार को लिखे अपने पत्र में देश के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने लिखा था, “इन लोगों के हाथ महात्मा गांधी के खून से […]

जब दरिया रुख बदलता है (When River Changes Course)

June 7, 2018 0

पिछले कुछ महीने मोदी सरकार तथा भाजपा के लिए अच्छे नहीं रहे। गोरखपुर तथा फूलपुर के बाद उत्तर प्रदेश में कैराना तथा नूरपुर की सीटें भाजपा द्वारा हारना बताता है कि पार्टी तेजी से ज़मीन खो रही है और इस बात की संभावना नहीं कि 2019 में भाजपा 2014 दोहरा सकेगी। अब तक के 27 संसदीय उप चुनावों में से भाजपा केवल 5 जीत सकी है और उसने 8 खो डालें है। इनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी तथा उप मुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्या की भी सीटें हैं और उत्तर प्रदेश वह प्रदेश है जिसने 2014 में भाजपा को 71 सीटें दी थी। मोदी ब्रैंड जिसने देश को चकाचौंध कर दिया था अब फीका पड़ रहा है। ठीक है कैराना […]