• Author with Sh. Atal Bihari Vajpayee

ब्रिटेन और ‘खालिस्तान’ (Britain and ‘Khalistan’)

August 30, 2018 0

12 अगस्त को कथित ‘खालिस्तान’  के  समर्थन में कथित ‘सिख  फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) का लंडन में रिफरैंडम 2020 के नाम पर तमाशा फ्लॉप शो रहा। दुनिया भर में प्रचार करने के बावजूद वहां केवल 2500 के करीब ही लोग उपस्थित थे। बार-बार प्रयास करने के बावजूद पाकिस्तान तथा दूसरे देशों में बैठे आतंकी नेता पंजाब की धरती पर आतंकवाद फिर खड़ा नहीं कर सके। इन तत्वों के पास पैसे की कमी नहीं है। इसी के बल पर वह लंडन की रैली में बाहर से लोगों को ला सके और उन्हें वहां ठहरा सके। इंटरनैट पर इनकी उपस्थिति बहुत है। सोशल मीडिया का वह खूब इस्तेमाल करते हैं। जिस तरह जेहादी युवकों को रैडिकल कर रहे हैं उसी तरह यह कथित […]

इमरान खान और ‘खतरनाक’ पाकिस्तान ( Imran Khan and ‘Dangerous’ Pakistan)

August 23, 2018 0

चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों के सलाहकार रहे ब्रूस रीडल ने पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान की ताजपोशी पर लिखा है, “दुनिया का सबसे खतरनाक देश अब और खतरनाक बन गया है।” वह लिखते हैं,  “पाकिस्तान को हर हाल में अच्छी सरकार तथा स्वस्थ नागरिक-सेना रिश्ते चाहिए… उसे अपना परमाणु कार्यक्रम धीमा करना चाहिए… उनके अपने हित में है कि वह भारत के साथ बेहतर संबंध करें। सबसे अधिक उसे एक स्थिर तथा अनुभवी नेतृत्व चाहिए। पर ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला। एक अज्ञात भविष्य के लिए तैयार हो जाएं। जिस वक्त इमरान खान सत्ता संभाल रहे हैं ब्रूस रीडल का यह आंकलन काफी सख्त लगता है पर यह हकीकत पर आधारित है। इमरान खान के पास अपना बहुमत नहीं […]

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहां हैं? (Where Are They Who Are Proud of India?)

August 16, 2018 0

यह एक अनूठा सफर रहा। हम 71 वर्ष के हो गए। राम प्रसाद बिसमिल जिन्हें 30 वर्ष की आयु में अंग्रेजों ने फांसी दे दी थी कवि भी थे। उन्होंने एक बार लिखा था : इलाही वह दिन भी होगा जब अपना राज देखेंगे, अब अपनी ही ज़मीं होगी, अपना आसमां होगा। अब अपनी जमीन और आसमां को मिले 71 वर्ष से उपर हो गए।  सवाल उठता है कि इसका हमने बनाया क्या है? यह वह देश ही नहीं रहा 1947 में जिसकी आधी जनसंख्या गरीब थी। अब हम सवा सौ करोड़ के हो गए पर कोई पेट भूखा नहीं सोता। हम विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था हैं और जल्द पांचवें पायदान पर होंगे। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने […]

पहाड़ों की रानी की झुर्रियां (The Wrinkles of The Queen of Hills)

August 9, 2018 0

हिमाचल प्रदेश कई मामलों में देश का सर्वश्रेष्ठ प्रांत है। विकासशील है और बहुत मामलों में बाकियों के लिए मिसाल है। लोग शालीन और शांतिप्रिय हैं। यह शायद देश का एकमात्र प्रदेश है जिसने देश के लिए कभी कोई बड़ी समस्या खड़ी नहीं की। न कोई हिंसक आंदोलन चला न कभी कानून और व्यवस्था की स्थिति संभालने के लिए केन्द्रीय बलों की ही जरूरत पड़ी। लेकिन यह भी दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य है कि किसी भी प्रदेश ने अपनी राजधानी को इस तरह बर्बाद नहीं किया जैसा हिमाचल प्रदेश ने किया। बाकी प्रदेश अपनी-अपनी राजधानी को चमकाते रहते हैं लेकिन हिमाचल की राजधानी शिमला के तो फटे हाल है, दम फूल चुका है और यह गंभीर रूप से बीमार है। अंग्रेजों ने […]

हिमा दास के आंसू (Tears of Hima Das)

August 2, 2018 0

कुछ समय के लिए ही सही पर अपने लड़ाई-झगड़े, टकराव, गाली-गलौच सब भुला कर सारा देश रोमांचित हो उठा। अंडर-20 एथलैटिक्स की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक प्राप्त करने के बाद विजय मंच पर भारत की 18 वर्षीय हिमा दास खड़ी थी। राष्ट्रीय गान बज रहा था और हिमा की आंखों से आंसू बह रहे थे। खुशी के। गर्व के। बड़ी सफलता के। और देश भक्ति के। बहुत भारतवासियों ने यह वीडियो देखा है सब के लिए यह वो भावनात्मक क्षण था जिसके लिए बहुत समय से हम तरस रहे थे। आज इस देश में बहुत कुछ गलत चल रहा है। अखबार नकारात्मक खबरों से भरे हुए हैं। टीवी चैनलों की बहस ही आग लगा रही है। आपस में […]