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About Chander Mohan
Chander Mohan is the grandson of the legendary editor of Pratap, Mahashya Krishan. He is the son of the famous freedom fighter and editor, Virendra. He is the Chief Editor of ‘Vir Pratap’ which is the oldest hindi newspaper of north west india. His editorial inputs on national, international, regional and local issues are widely read.

सहर्ष सौहार्द का समय (Ayodhya Verdict)

November 14, 2019 0

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के ज़मीनी विवाद पर अपना ऐतिहासिक निर्णय देकर वह पचीदा मामला हल कर दिया जिसका शताब्दियों से कोई समाधान नहीं निकल पा रहा था। यह जश्न का समय है क्योंकि अयोध्या के भव्य राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया है और यह कार्रवाई भी संविधान के दायरे के अंदर हो रही है और पूरा संयम दिखाते हुए देश ने इसे स्वीकार किया है। विवादित 2.77 एकड़ जमीन रामलला विराजमान को सौंपने का आदेश देकर सुप्रीम कोर्ट ने सदियों पुरानी कटुता समाप्त करने का रास्ता निकाल दिया है। हिन्दू तथा मुस्लिम धर्म गुरुओं ने भी स्थिति को शांत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश ने इस मामले में वह परिवक्वता दिखाई है जो कुछ […]

शुरुआत की तरफ सफर या तनाव की तरफ वापिसी? (Will Kartarpur Corridor be a Bridge of Peace ?)

November 7, 2019 0

9 नवम्बर का दिन ऐतिहासिक होगा जब सात दशकों की इंतजार के बाद पाकिस्तान में स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जहां गुरु नानक देव ने अपने अंतिम दिन गुजारे थे, के दर्शन के लिए गलियारा खोल दिया जाएगा। इसे लेकर संगतों में भारी उत्साह है आखिर बहुत पुरानी हसरत पूरी हो रही है पर इस गलियारे के उद्घाटन समागम को लेकर पंजाब में कुछ दुर्भाग्यपूर्ण विवाद रहा है कि कौन मंच लगाएगा, कौन नहीं? कितनी शर्मनाक बात है कि ऐसे ऐतिहासिक दिन को भी सब नेता मिल कर मनाने को तैयार नहीं जबकि सब खुद को गुरु नानक देव जी के अनुयायी कहते हैं जिन्होंने सदा भाईचारे, सादगी तथा बराबरी का संदेश दिया था। क्या एक दिन के लिए हम राजनीति […]

किसी को जनादेश नहीं (No One Gets Mandate)

October 31, 2019 0

सभी पंडितों, विशेषज्ञों, पत्रकारों, सर्वेक्षणकर्त्ताओं को गलत सिद्ध करते हुए लोगों ने हरियाणा में भाजपा का बहुमत छीन लिया और महाराष्ट्र में पार्टी को शिवसेना की ब्लैकमेल के लिए खुला छोड़ दिया। भाजपा का विजय रथ रोक दिया गया है पर किसी दूसरी पार्टी को भी पूरा समर्थन नहीं दिया। विपक्ष ने भी कुछ कमाल नहीं दिखाया, केवल जनता ने अपनी आवाज़ बुलंद की है कि वह नाराज हैं, पर बहुत भी नहीं। उसे एक पार्टी पर आधारित व्यवस्था पसंद नहीं इसलिए जैसे-तैसे विपक्ष को मज़बूत कर रही है। लोग विपक्ष चाहते हैं और वह अपने पास दलों का भाग्य बनाने या बिगाडऩे की ताकत चाहते हैं। इन चुनावों का आने वाले दिल्ली और झारखंड चुनावों पर असर पड़ेगा। प्रभाव […]

इन्हें बख्श दो (Why Divide Freedom Fighters)

October 24, 2019 0

  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव बहुत असुखद विवाद छोड़ गया है। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें वीर सावरकर के नाम से भी जाना जाता है, को भारत रत्न देने की मांग की है। चुनाव प्रचार में भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगा कि उनकी सरकारों ने सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दिया? वह भूल गए कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार तथा नरेन्द्र मोदी की पहली सरकार ने भी सावरकर को भारत रत्न नहीं दिया था लेकिन अब महाराष्ट्र के चुनाव की मजबूरी थी इसलिए मामला गर्म किया गया। इसके विपरीत बहुत से लोग है जो सावरकर को भारत रत्न देने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सावरकर ने पांच […]

अनाड़ी से खिलाड़ी : मनोहरलाल खट्टर (The Khattar Factor)

October 17, 2019 0

पांच साल पहले जब अनुभवहीन मनोहरलाल खट्टर को नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाया तो सारा प्रदेश दंग रह गया। आम राय थी कि अनाड़ी के हाथ प्रदेश को संभाल दिया गया। खट्टर के बारे अधिक जानकारी भी नहीं थी इसके सिवाय कि वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक रहें हैं और कुछ महीने वह और एक और प्रचारक नरेन्द्र मोदी, पंचकूला में एक ही घर में रहे थे। उनकी प्रशासनिक अनुभवहीनता तथा राजनीतिक अनाड़ीपन की आशंका उस समय सही सिद्ध होती नज़र आई जब फरवरी, 2016 में प्रदेश को हिंसक जाट आंदोलन का सामना करना पड़ा। दस दिन प्रदेश में व्यापक स्तर पर आगजनी हुई। अराजक माहौल था। फिर रामपाल का मामला उठा और हरियाणा का प्रशासन […]

तल्ख थे, तल्ख रहेंगे (India-China, Tense Relationship)

October 10, 2019 0

अमेरिका के पूर्व विदेशमंत्री हैनरी किसिंजर ने चीन के नेतृत्व के बारे अपनी किताब  ‘ऑन चायना’ में लिखा था,  “वह सौदेबाजी या वार्ता को विशेष महत्व नहीं देते… वह नहीं समझते कि व्यक्तिगत संबंध का फैसलों पर विशेष असर पड़ता है चाहे वह व्यक्तिगत संबंधों के द्वारा अपने प्रयासों को बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं।” अब जबकि चेन्नई के पास प्राचीन मंदिरों के शहर मामल्लापुरम में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा चीन के राष्ट्रपति जी जिनपिंग एक बार फिर मिल रहे हैं, आशा है कि हमारे प्रधानमंत्री किसिंजर की इस समझदार राय को याद रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी पहले शी जिनपिंग का अहमदाबाद में सागरमती के किनारे स्वागत कर चुके हैं। पिछले साल दोनों चीन के खूबसूरत शहर वुहान […]

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