• Author with Sh. Atal Bihari Vajpayee
About Chander Mohan
Chander Mohan is the grandson of the legendary editor of Pratap, Mahashya Krishan. He is the son of the famous freedom fighter and editor, Virendra. He is the Chief Editor of ‘Vir Pratap’ which is the oldest hindi newspaper of north west india. His editorial inputs on national, international, regional and local issues are widely read.

झटके खाती हमारी कूटनीति (The Failure of Diplomacy)

October 4, 2018 0

हमने प्रयास किया। बार-बार ईमानदार प्रयास किया। अटल जी बस में लाहौर गए तो कारगिल मिला। नरेन्द्र मोदी नवाज शरीफ के पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे तो तत्काल पठानकोट और उरी हो गया। जब उधर से हमारे प्रयास का जवाब आतंकी हमले से मिलता है तो हम नाराज़ हो जाते हैं। दुनिया के मंचों से उन्हें लताडऩे लगते हैं जैसे अब न्यूयार्क में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने किया। सुषमा जी का संयुक्त राष्ट्र में दिया भाषण अच्छा था। अटल जी के बाद वह हिन्दी में सबसे अच्छी सार्वजनिक वक्ता हैं लेकिन यह भाषण किस मकसद से है? उन्होंने पाकिस्तान को आतंकियों का पनाहगार कहा। कहा कि इस माहौल में जब वह आतंकियों का महिमामंडन कर रहे […]

चर्च,पहले अपना इलाज कर! (Physician Heal Thyself!)

September 27, 2018 0

अपनी विवादास्पद भारत यात्रा के दौरान तत्कालीन पोप ने नई दिल्ली में घोषणा की थी कि “जिस तरह पहली सहस्त्राब्दी में क्रॉस को योरुप की भूमि में दृढ़ता से स्थापित किया गया, दूसरी में अमेरिका तथा अफ्रीका में किया गया, तीसरी ईसाई सहस्त्राब्दी इस बड़े और महत्वपूर्ण महाद्वीप में धार्मिक निष्ठा की बड़ी फसल की कटाई की गवाह बनेगी।“  यह घोषणा पोप ने नवम्बर 1999 में की थी। उसके बाद भी कैथलिक चर्च तथा उसके मिशनरी लगातार भारत और एशिया में ईसाईयत फैलाने तथा धर्म परिवर्तन करने का प्रयास करते रहे। पोप जॉन पॉल ने तो अपने लोगों से कहा था कि ‘एशिया में जाओ और इस महाद्वीप को जीसस (ईसा) के लिए जीत कर लाओ।‘ मदर टरेसा जिन्होंने बहुत […]

अकाली दल का ब्लूस्टार (Akali Dals Blue Star)

September 20, 2018 0

पंजाब में अकाली दल तथा उसके नेतृत्व की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। अब तो फिर पुलिस घेरे में पार्टी रैलियां कर रही है पर पहले तो अकाली नेताओं ने लोगों के गुस्से के डर से घर से बाहर निकलना बंद कर दिया था। बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी के बाद धरने पर बहिबलकलां बैठे दो सिखों की पुलिस गोली में मौत से मामला और बिगड़ गया है। गोली चलाने का हुकम किसने दिया, किसने नहीं दिया यह विवाद बन गया है। सरदार प्रकाश सिंह बादल कहते हैं कि उन्होंने नहीं दिया लेकिन तब वह मुख्यमंत्री थे और उनके पुत्र सुखबीर बादल गृहमंत्री थे इसलिए लोगों की नजरों में वह गोली चलने की जिम्मेवारी से […]

कूटनीति के विकल्प और चुनौतियां (Choices and Challenges of Diplomacy)

September 13, 2018 0

भारत की विदेश नीति पर अपनी किताब ‘चौयसेस’ अर्थात  ‘विकल्प’ में मनमोहन सिंह सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन भारत-अमेरिका रिश्ते पर तब ली गई पहल के बारे लिखते हैं, “यह पहल इस धारणा पर आधारित थी कि बदली परिस्थिति में यह हमारे हित में है। चाहे दोनों देश यह कहने में शर्माते हैं कि उनकी सांझेदारी चीन से संतुलन बनाने के लिए है पर यह स्पष्ट है कि चीन का उत्थान इसकी प्रमुख प्रेरणा है… भारत अपने को बदलने, अपने विकास के लिए तथा स्थिर तथा शांतमय वातावरण के लिए अमेरिकी टैकनालिजी, बाजार तथा समर्थन चाहता है।“ इस सब पर कोई विवाद नहीं हो सकता है। जवाहर लाल नेहरू से लेकर सभी प्रधानमंत्रियों ने अमेरिका के साथ […]

जनून का दौर है (The Madness in Us)

September 6, 2018 0

महाराष्ट्र पुलिस द्वारा इस आरोप पर कि वह सरकार के खिलाफ साजिश रच रहे थे आधा दर्जन लोगों की गिरफ्तारी  को लेकर बहुत बवाल मचा है। सुप्रीम कोर्ट ने दखल देकर आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है लेकिन इसके बावजूद कई वामपंथी झुकाव के लोग शिकायत कर रहे हैं कि देश में एमरजैंसी जैसी हालत है। लेखिका अरुणाधति राय तथा वकील प्रशांत भूषण तो इससे भी आगे बढ़ गए और उनका आरोप है कि देश की स्थिति एमरजैंसी से भी बदतर है। प्रशांत भूषण लिखते हैं,  “नवीनतम गिरफ्तारियां लगातार नागरिक आजादी, मूल अधिकारों तथा भारत में लोकतंत्र के क्षरण का अत्यंत खतरनाक चरण है… जो कई मायनों में 1975 की एमरजैंसी से भी अधिक खतरनाक है। “ सचमुच? […]

ब्रिटेन और ‘खालिस्तान’ (Britain and ‘Khalistan’)

August 30, 2018 0

12 अगस्त को कथित ‘खालिस्तान’  के  समर्थन में कथित ‘सिख  फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) का लंडन में रिफरैंडम 2020 के नाम पर तमाशा फ्लॉप शो रहा। दुनिया भर में प्रचार करने के बावजूद वहां केवल 2500 के करीब ही लोग उपस्थित थे। बार-बार प्रयास करने के बावजूद पाकिस्तान तथा दूसरे देशों में बैठे आतंकी नेता पंजाब की धरती पर आतंकवाद फिर खड़ा नहीं कर सके। इन तत्वों के पास पैसे की कमी नहीं है। इसी के बल पर वह लंडन की रैली में बाहर से लोगों को ला सके और उन्हें वहां ठहरा सके। इंटरनैट पर इनकी उपस्थिति बहुत है। सोशल मीडिया का वह खूब इस्तेमाल करते हैं। जिस तरह जेहादी युवकों को रैडिकल कर रहे हैं उसी तरह यह कथित […]

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