अध्यापक के बिना अध्यापन नहीं (No Teaching Without Teacher)

July 9, 2020 0

लगभग हर क्षेत्र की तरह चीन से उत्पन्न वायरस ने शिक्षा के क्षेत्र को भी अस्त व्यस्त कर दिया है। यूनेस्को के अनुसार दुनिया के 186 देशों के 120 करोड़ बच्चे कक्षाओं से बाहर हैं और जीवन में आए इस उथल पुथल से परेशान है। पिछले महीने की युनिसैफ की रिपोर्ट के अनुसार यह महामारी  दक्षिण एशिया के बच्चों की ज़िन्दगी और भविष्य को ‘फाड़ रही है’। बच्चे, उनके पेरंटस और सरकार सब असमंजस में हैं। कुछ परिक्षाओ को लेकर अनिश्चितता है न  ही मालूम है कि शिक्षा संस्थान कब खुलेंगे?  फ़ीस को ले कर भी काफ़ी हंगामा हो चुका है। पेरंटस चाहतें हैं कि उनके बच्चे बढ़िया संस्थानों में पढ़ें। कई निजी स्कूल एयरकंडीशन्ड हो गए।स्कूल ऑन लाइन हो […]

भारत-चीन और अमेरिका-रूस India-China and America-Russia

July 2, 2020 0

लद्दाख में भारत और चीन के बीच गम्भीर  टकराव को लेकर दुनिया में चिन्ता है। कहा जा रहा है कि यह दूसरे शीत युद्ध की शुरूआत हो सकती है। पर न्यूयार्क टाईम्स ने एक विश्लेषण में लिखा है कि चाहे चीन भारत और जापान जैसे पड़ोसी देशों के साथ तनाव भड़का रहा है पर असली निशाना अमेरिका है। यह अख़बार अमेरिका के साथ ‘घातक टकराव’ की चेतावनी दे रहा है। लंडन का अख़बार फ़ाइनेंशियल टाईम्स कुछ और लिखता है, “सीमा पर टकराव के बाद भारत और चीन के बीच अलगाव अब अवश्यभावी नज़र आता है…भारत के नीति निर्माताओं में यह सहमति है कि क्योंकि चीन एक वैरी ताक़त है इसलिए भारत की एकमात्र जायज़ प्रतिक्रिया अमेरिका तथा एशिया के लोकतान्त्रिक […]

चीन, नेहरू और मोदी (China, Nehru and Modi)

June 25, 2020 0

दो सप्ताह पहले अपने लेख में मैंने लिखा था, “एक और भारतीय प्रधानमंत्री फेल हो रहें हैं…जिस तरह चीन अंतराष्ट्रीय मंच पर जवाहरलाल नेहरू को बर्दाश्त नही कर सका उसी तरह नरेन्द्र मोदी की अंतराष्ट्रीय पहुँच को पचा नही रहा और उसी तरह चुनौती दे रहा है”। 15-16 जून की रात को गलवान घाटी में जो हिंसक टकराव हुआ और हमारे  20 सैनिक शहीद हो गए से मेरी बात की पुष्टि हो गई कि एक और प्रधानमंत्री को चीन की तरफ़ से गम्भीर चुनौती मिल रही है। जवानों के ज़ख़्म बता रहें हैं कि उनके साथ अत्यन्त बर्बरता का सलूक किया गया जो कोई प्रोफैशनल आर्मी नही करती। इतनी क्रूरता दिखा कर चीन न केवल यह बता रहा है कि […]

पंजाब में फिर शरारत (Mischief in Punjab, Again)

June 18, 2020 0

आपरेशन ब्लूस्टार की बरसी कष्टदायक अनुभव है क्योंकि पुरानी अप्रिय यादें ताज़ा हो जाती हैं लेकिन कहीं यह अहसास भी है कि इस दुखांत के लिए एक कोई पक्ष दोषी नही है। पर अफ़सोस की बात है कि इस 36 वर्ष पुरानी घटना को लेकर कुछ लोग फिर शरारत कर रहें हैं ताकि पंजाब का माहौल तनावग्रस्त रहे। यह भी बड़े अफ़सोस की बात है कि इस बार ऐसा करने वाले अकाल तख़्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी हर प्रीत सिंह तथा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी के अध्यक्ष गोबिन्द सिंह लांगोवाल हैं। ग़ज़ब की ग़ैर ज़िम्मेवारी और मैं तो कहूँगा देश विरोध का प्रदर्शन करते हुए इन दोनों ने एक पत्रकार सम्मेलनमें न केवल कथित खालिस्तान का समर्थन किया बल्कि यह […]

क्या चीन का बहिष्कार हो सकता है? (Should We Boycott China?)

June 11, 2020 0

भारत ने चीन के साथ अगर दोस्ताना नही तो सामान्य रिश्ते रखने का भरसक प्रयास किया है लेकिन  इस मामले में एक और भारतीय प्रधानमंत्री फ़ेल हो रहें हैं। जवाहरलाल नेहरू से ले कर नरेन्द्र मोदी तक हर भारतीय प्रधानमंत्री से चीन ने दगा किया है। नरेन्द्र मोदी ने शी जिनपिंग को अहमदाबाद में साबरमती के किनारे झूला झुलाया,फिर वुहान और महाबलीपुरम में दोनों में अच्छी बातचीत हुई। हम चीन द्वारा फैलाए वायरस के मामले में ख़ामोश रहे। तायवान, हांगकांग, डब्ल्यू एच ओ सब पर हम मौनी बाबा बने रहे। पर न यह और न ही झूला या कथित वुहान स्पिरिट ही चीन को बदमाशी से रोक सकी। अनुमान है कि लद्दाख में पैंगांग झील के साथ लगते हमारे इलाक़े […]

बाक़ी चार साल (Remaining Four Fours)

June 4, 2020 0

हमारी पीढ़ी ने बहुत कुछ देखा है। विभाजन की त्रासदी का असर हम पर पड़ा  था। गांधीजी की हत्या, 1962 की लड़ाई, एमरजैंसी, पाकिस्तान का दो फाड़ होना, इंदिरा गांधी की हत्या, दंगे सब के बीच में से हम गुज़र कर हटें हैं। हम करोड़ों लोगों को ग़रीबी से निकालने में सफल रहे। कहा जाने लगा कि चीन के साथ भारत विश्व की भावी दिशा तय करेगा। दशकों के बाद नरेन्द्र मोदी की सरकार आई जिसे पूर्ण बहुमत प्राप्त था। अर्थ व्यवस्था में कुछ गिरावट के बावजूद आशा थी कि भारत अपनी चुनौतियों पर विजय पा लेगा। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा दिया गया। तीन तलाक़ की वाहियात प्रथा ख़त्म कर दी गई। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के […]

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