• Author at Kremlin in Moscow

पंजाब में धर्म संकट (The Dilemma in Punjab)

November 2, 2017 0

गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा की करारी हार से आए भूचाल के झटके अभी भी महसूस किए जा रहें हैं। भाजपा का प्रादेशिक नेतृत्व इस हार के लिए कांग्रेस तथा अकाली दल को जिम्मेवार ठहरा रहा है। कांग्रेस पर सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल का आरोप लगाना तो सामान्य है पर हैरानी है कि भाजपा नेता गठबंधन साथी अकाली दल की च्बदनामीज् को भी इस जबरदस्त हार के लिए जिम्मेवार ठहरा रहें हैं। लेकिन यह आधी कहानी है। असली बात तो यह है कि यहां भाजपा को उसके केन्द्रीय नेतृत्व ने अकालियों के हवाले लावारिस छोड़ दिया। एक प्रकार से आऊटसोर्स कर दिया। भाजपा की अपनी हस्ती ही नहीं रही। परिणाम हुआ कि जब अकाली नेतृत्व की बदनामी के कारण गठबंधन […]

जिस देश में गंगा बहती है (Where Ganga Flows)

October 26, 2017 0

‘भात’, ‘भात’ कराहती हुई झारखंड के कारीमारी गांव की ग्यारह वर्ष की बच्ची संतोषी ने भूख से तड़प-तड़प कर जान दे दी। कारण यह बताया जाता है कि परिवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से राशन मिलना बंद हो गया था क्योंकि उनका राशन कार्ड आधार कार्ड से लिंक नहीं था। अब विलाप करती उसकी मां कोयली देवी का कहना है कि काश उसके पास भात होता तो उसकी बच्ची बच सकती थी। कितना अनर्थ है कि आज के भारत में अभी भी लोग भूख से मर रहे हैं और उनकी भूख को आधार से लिंक किया जा रहा है। हमने खाक सुपरपावर बनना है अगर हम अपने लोगों का पेट भी नहीं भर सकते? और झारखंड तो वह प्रदेश […]

दिवाली पर बम और पटाखे (Bombs and Crackers of Diwali)

October 19, 2017 0

भारतीय जनता पार्टी के लिए दिवाली की शुरूआत अच्छी नहीं रही। जिस गुरदासपुर से 2014 में भाजपा के विनोद खन्ना 1.36 हजार से विजयी रहे थे वहां इस बार पार्टी दो लाख से हार गई। यह हार किसी बम गिरने से कम नहीं। भाजपा की पराजय के कई कारण हैं। उनके उम्मीदवार की छवि संदिग्ध है। पूर्व अकाली मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह पर रेप का मामला दर्ज होने से अकाली दल उस क्षेत्र में बहुत बदनाम है। पंजाब भाजपा के पास न कोई नेता हैं और न ही किसी को उभरने ही दिया गया। दिल्ली का रवैया उपेक्षापूर्ण रहा है और पार्टी को अकालियों के पास गिरवी रख दिया गया। लेकिन असली कारण और है। लोग विशेष तौर पर कारोबारी, […]

नरेन्द्र मोदी और उनके निंदक (Narendra Modi and his critics)

October 12, 2017 0

पिछले कुछ सप्ताह इस सरकार के लिए अच्छे नहीं रहे। जैसी संभावना थी जब से विकास की दर 7.2 फीसदी से 5.7 फीसदी गिरने का समाचार बाहर निकला है सरकार सुरक्षात्मक हो गई है। यशवंत सिन्हा तथा अरुण शोरी जैसे वाजपेयी सरकार के मंत्री असुखद सवाल खड़े कर रहे हैं। राहुल गांधी के चेहरे पर चमक आ गई है। मैंने खुद 7 सितम्बर के लेख में लिखा था, “सरकार की गिरती अर्थव्यवस्था के दुष्परिणामों से निबटने के लिए तैयार रहना चाहिए।“ मोदी सरकार के लिए इस सबसे असुखद है कि संघ भी सरकार की आर्थिक नीतियों से असंतुष्ट है। विजयदशमी पर अपने भाषण में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने छोटे व्यापारियों को आ रही दिक्कतों का मामला उठाया था। उसी […]

मास्को में 50 साल बाद (In Moscow after 50 years)

October 5, 2017 0

मैं पहली बार मई 1967 में मास्को गया था। मेरी उम्र तब 21 साल की थी। मैं नई दिल्ली में यूएनआई में ट्रेनिंग ले रहा था कि उस वक्त के जनरल मैनेजर और प्रतिष्ठित पत्रकार कुलदीप नैय्यर ने मुझे और प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए चैकोस्लोवाकिया की राजधानी प्राग भेजा था। पूर्वी जर्मनी (उस वक्त)तथा सोवियत यूनियन की यात्रा हमारे प्रशिक्षण का हिस्सा था। इसलिए इस जुलाई में जब वहां जाने का मौका मिला तो देखना चाहता था कि इन 50 वर्षों में क्या कुछ बदल गया? बहुत कुछ बदल गया। शीत युद्ध समाप्त हो गया, चैकोस्लोवाकिया के दो हिस्से हो चुके हैं और सोवियत यूनियन का पतन हो गया। 25 दिसम्बर, 1991 को वहां कम्युनिस्ट शासन समाप्त हो गया […]

रोहिंग्या मुसलमान हमारी जिम्मेवारी नहीं (Rohingya Muslims Not Our Responsibility)

September 28, 2017 0

म्यांमार से भाग कर भारत में बसने का प्रयास कर रहे रोहिंग्या मुसलमानों के बारे भारत सरकार ने जो नीति अपनाई है वह देश हित में है और उससे असहमत नहीं हुआ जा सकता। सरकार का स्पष्ट कहना है कि यह शरणार्थी नहीं, अवैध प्रवासी हैं। हमें पहले अपने नागरिकों के बारे सोचना है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह शपथ पत्र भी दिया है कि देश के अंदर 40,000 रोहिंग्या मुसलमान देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। सरकार के इस स्पष्ट स्टैंड पर कई लैफ्ट-लिबरल उबल रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार का नज़रिया ‘नसली’ है। सरकार के इस तर्क को भी रद्द किया जा रहा है कि वह देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। वकील प्रशांत […]

1 2 3 4 61