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कुज मरन दा शौक वी सी (DEATH WISH OF CONGRESS)

June 6, 2019 0

कांग्रेस ने अपने प्रवक्ताओं से कहा है कि वह एक महीना टीवी चैनलों से दूर रहें। जिस वक्त पार्टी बुरी तरह चुनाव में पिटी है, नेताओं तथा कार्यकर्त्ताओं का मनोबल न्यूनतम स्तर पर है, ऐसे निर्णय पार्टी की सेहत के लिए और हानिकारक साबित हो सकते हैं। इस वक्त तो यह भी मालूम नहीं कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी रह रहें हैं या जा रहें हैं? सोनिया गांधी को कांग्रेस की संसदीय दल की नेता चुन लिया गया। सोनिया गांधी ने राहुल गांधी को कमान संभालते हुए कहा था कि राहुल अब मेरा भी नेता है लेकिन अब संसद में सोनिया गांधी राहुल की नेता बन गई। परिवार का यह गोरखधंधा समझ नहीं आ रहा लेकिन ऐसी कांग्रेस पार्टी बन […]

हाउ इज़ द जोश! (Hows The Josh)

May 30, 2019 0

ऐसी लहर मैंने पहली बार तब देखी थी जब 1977 में एमरजैंसी हटाए जाने के बाद लोगों ने ‘गाय और बछड़ा’ और बछड़ा जो उस समय कांग्रेस का चुनाव चिन्ह था और जिसका मतलब लोगों ने इंदिरा गांधी तथा संजय गांधी से लिया था, को पराजित किया था। यह दूसरी ऐसी लहर मैंने देखी है लेकिन इन दोनों लहरों में अंतर है। 1977 की लहर इंदिरा गांधी की ज्यादतियों के खिलाफ थी जबकि 2019 में यह जोश से भरी आशावादी लहर नरेन्द्र मोदी तथा भाजपा के पक्ष में है। लोगों ने पांच वर्ष नरेन्द्र मोदी का काम देखा है। कुछ कमजोरियां रही लेकिन आम राय है कि बंदा खरा है, ईमानदार है, मेहनती है और इरादा सही है। यह भी […]

सबसे बदतमीज़ चुनाव (Most Abusive Election)

May 22, 2019 0

आज चुनाव परिणाम आ जाएंगे। जैसी चुनौतियां देश के आगे हैं हमें मज़बूत सरकार चाहिए। अर्थ व्यवस्था की हालत बहुत अ‘छी नहीं है मंदी के संकेत हैं। निर्यात गिर रहें हैं। अमेरिका तथा चीन के बीच ट्रेड वॉर शुरू हो चुकी है। अमेरिका तथा ईरान के बीच जो तनातनी है वह भी खतरनाक दिशा ले सकती है। खाड़ी क्षेत्र में लाखों भारतीय रहते हैं जो अरबों डॉलर देश को भेजते हैं। ऐसी नाजुक स्थिति में दिल्ली में कोई घपला सरकार घातक सिद्ध हो सकती है। पर यह अलग बात है। इस वक्त तो हम अपने इतिहास के सबसे बुरे चुनाव से गुज़र कर हटें हैं। यह एक बदतमीज़ और बेसुरा चुनाव था जहां सब नेता अपनी-अपनी मर्यादा की लक्ष्मण रेखा […]

दशहत में युवा और युवाओं से दहशत (Challenges Before The Young)

May 16, 2019 0

आजकल परीक्षण परिणाम निकलने का मौसम है।  बच्चों के जितने नंबर आ रहें हैं उन्हें देख कर हमारी पीढ़ी तो दंग है। 499/500 कैसे संभव है? एक स्कूल की प्रिंसीपल ने बताया कि उनके 20 टॉपर में से  18 विदेश जा रहे हैं। हम फिर ब्रेन ड्रेन देख रहे हैं। यह रुक गया था और उलटा ब्रेन बैक शुरू हो गया था क्योंकि भारत में अचानक अवसर नज़र आने लगा था लेकिन अफसोस देश के अंदर अफरा-तफरी का माहौल देख कर एनआरआई ने अब लौटना कम कर दिया है। उलटा प्रतिभा का पलायन तेजी से है जिसके बारे विभिन्न सरकारें बेखबर है। लेकिन आज मैं दूसरी बात कर रहा हूं। इस युवा प्रतिभा को संभालने की जरूरत है क्योंकि कई […]

मसूद : चीन, पाकिस्तान और भारत (Masood: China, Pakistan and India)

May 9, 2019 0

हवा कर रुख क्या है यह उस वकत ही साफ हो गया था जब चीन के महत्वकांक्षी बेलट एंड रोड प्रोजैक्ट के दूसरे शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान के वज़ीर-ए-आजम इमरान खान बीजिंग पहुंचे थे। उनकी आगवानी के लिए वहां कोई मंत्री या अधिकारी मौजूद नहीं था। इमरान भी यह देख कर परेशान नज़र आ रहे थे कि उनकी आगवानी के लिए चीन सरकार ने बीजिंग म्यूनिसिपिल कमेटी की उप सचिव ली फिंग को भेजा था। इमरान खान चीन को ‘लौह-मित्र’ कहते रहे लेकिन बीजिंग में उनका फीका स्वागत बता गया कि चीन पाकिस्तान के सारे बोझ उठाने को अब तैयार नहीं। बाद में जब सभी मेहमानों का चित्र लिया गया तो इमरान खान को दूसरी पंक्ति […]

नहीं, प्रियंका इंदिरा गांधी नहीं है (No, Priyanka is no Indira Gandhi)

May 2, 2019 0

इंदिरा गांधी के बारे एक किस्सा याद आता है। जुलाई 1977 जब इंदिराजी सत्ता से बाहर थीं तो बिहार के बेलछी गांव में 9 दलितों की सवर्ण जाति के जमीनदारों ने निर्मम हत्या कर दी थी। लोगों ने उनके खिलाफ वोट दिया था और छः महीने पहले बिहार में कांग्रेस का सफाया हो कर हटा था लेकिन इंदिरा गांधी पीछे हटने वाली नहीं थी। वह पटना पहुंच गई और वहां से कार द्वारा बिहार शरीफ पहुंची। वह बेलछी जाना चाहती थी। तब तक शाम हो चुकी थी। मौसम बेहद खराब था और उन्हें कहा गया कि रात को इस क्षेत्र में जाना सही नहीं है। यह भी समझाया गया कि बाढ़ के कारण आगे रास्ता कच्चा  तथा पानी से भरा हुआ […]

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