• In Kuwait

इमरान खान की नपुंसक गर्जन (Imran Khan’s Impotent Rage)

September 19, 2019 0

कहते हैं  ‘इश्क ने गालिब निकम्मा कर दिया वरना हम भी आदमी थे काम के।’  जिस तरह इमरान खान आज-कल बड़बड़ा रहें उन्हें न केवल इश्क बल्कि राजनीति ने भी बिल्कुल निकम्मा कर दिया लगता है। इश्क में तो वह कप्तान रहें ही हैं! हाल ही के कुछ सप्ताहों में वह भारत के प्रधानमंत्री तथा भारत के नेतृत्व को  ‘कायर’ ,  ‘हिटलर’ ,  ‘नाजी’, ‘फासीवादी’,  ‘मुस्लिम विरोधी’ कई प्रकार की गालियां निकाल चुके हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की योजना भारत से मुसलमानों के  ‘नस्ली सफाए’ की है। यह उस देश का नेता कह रहा है जहां अल्पसंख्यक धीरे-धीरे लुप्त होते जा रहे हैं। उन्होंने खुद को  ‘कश्मीर का अम्बैसेडर’ घोषित कर दिया है। उन्हें यह भी […]

तेरे सामने आसमान और भी है (You Have More Skies To Conquer)

September 12, 2019 0

आजाद भारत के इतिहास में ऐसा रोमांचक क्षण पहले 16 दिसम्बर, 1971 को आया था जब ढाका में पाकिस्तान की सेना ने समर्पण कर दिया और इसके साथ ही बांग्लादेश का युद्ध समाप्त हो गया था। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का रेडियो पर भाषण सुनने के लिए तब देश देर रात तक जागा था। अब यह दूसरा मौका था जब रोमांचित हुआ देश चंद्रयान-2 की पूर्ण सफलता की इंतजार में देर रात तक जागा हुआ था। 7 सितम्बर शनिवार की सुबह 1.50 मिनट पर चारों तरफ उत्साह था। विक्रम लैंडर ने चांद पर अपना उतार शुरू कर दिया था। बड़े स्क्रीन पर हरा बिन्दु निर्धारित लाल रेखा के साथ चल रहा था कि एक मिनट के बाद सब गड़बड़ हो गया। […]

भाजपा नेतृत्व की जिम्मेवारी (Responsibility of BJP Leadership)

September 5, 2019 0

जम्मू-कश्मीर के हालात पर अपने बयान पर अब राहुल गांधी ने संशोधन कर लिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। इससे पहले कश्मीर पर अपनी टिप्पणी में राहुल गांधी ने कहा था कि वहां हालात बहुत खराब है और  “लोग मर रहे हैं”  जबकि एक भी प्रमाण नहीं कि सुरक्षा बलों की फायरिंग में कोई हताहत हुआ हो। राहुल गांधी की समस्या है कि वह समझते हैं कि राजनीति पब्लिक स्कूल की डिबेट है जहां उन्हें हर हाल में अपने मुखालिफ का विरोध करना है चाहे वह सही क्यों न हो। इस बार फिर यह उलट पड़ा क्योंकि पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र को कश्मीर बारे जो शिकायत की है उसमें […]

हमारे भी है मेहरबान कैसे कैसे (The kind of ‘Leaders’ We Have)

August 29, 2019 0

पुरानी कहावत है कि आप चाहे खुद को कितना भी बड़ा समझो कानून आपसे भी उपर है। इस वक्त चल रहे अम्रपाली मामले में जहां घर खरीदने वालों का 3500 करोड़ रुपया इस ग्रु्रप ने इधर-उधर कर दिया पर सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है कि, “इस घपले के पीछे ताकतवर लोग हैं लेकिन वह कितने भी ताकतवर हो हम उन्हें सजा देंगे।” सुप्रीम कोर्ट का यह सख्त संदेश अब पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को भी समझ आ गया होगा जब कपिल सिब्बल तथा मनु अभिषेक सिंघवी जैसे नामवार वकीलों के उद्यम के बावजूद अदालत ने राहत देने से इंकार कर दिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक मीडिया कंपनी के साथ साजिश कर अपने पुत्र कार्ति चिदंबरम […]

सोनिया गांधी की वापिसी (Return of Sonia Gandhi)

August 22, 2019 0

सोनिया गांधी अपने पति राजीव गांधी के राजनीति में प्रवेश और बाद में प्रधानमंत्री बनने के जबरदस्त विरुद्ध थी। इंदिरा गांधी ने खुशवंत सिंह को बताया था कि  “राजीव की राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। सोनिया ने धमकी दी है कि अगर वह राजनीति में कदम रखेंगे तो वह तलाक दे देंगी।” लेकिन पहले संजय गांधी की हवाई दुर्घटना में मौत और फिर खुद इंदिरा गांधी की हत्या ने सब कुछ बदल डाला। जिस वक्त अभी इंदिरा गांधी का गोलियों से छलनी शव हस्पताल में ही था, दूसरे कमरे में सोनिया गांधी अपने पति से “शेरनी की तरह” , यह शब्द उनके अपने हैं, लड़ रही थीं कि वह प्रधानमंत्री न बने। बाद में उन्होंने कहा था, “राजीव के […]

मोदी का दाव और इमरान की बेबसी (Aggressive Modi and Helpless Imran)

August 15, 2019 0

पाकिस्तान की संसद में भारत द्वारा धारा 370 रद्द किए जाने को लेकर तीखी बहस हो रही थी। विपक्ष प्रधानमंत्री इमरान खान पर ताबड़तोड़ हमला कर रहा था कि उन्होंने एक बार कहा था कि  “शायद अगर भाजपा जो एक दक्षिणपंथी पार्टी है, जीत जाती है तो कश्मीर का समाधान निकल जाए”  लेकिन यहां तो नरेन्द्र मोदी ने नक्शा ही बदल डाला। इमरान खान बेबस हैं। एक बार अपनी संसद में झल्ला कर उन्होंने विपक्ष से यह सवाल जरुर कर दिया कि  “आप क्या चाहते हैं कि मैं क्या करुं? भारत पर हमला कर दूं?” यह नहीं कि इमरान खान ने खुद जंग की धमकी नहीं दी। वह संसद में कह चुके हैं कि अगर युद्ध होता है तो यह […]

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