• Author at Kremlin in Moscow

जिस दिन भगत सिंह को फांसी दी गई (The Day Bhagat Singh was Hanged)

March 22, 2018 0

हमारे आजादी के आंदोलन ने बड़े-बड़े नायक पैदा किए हैं लेकिन भगत सिंह और उनके साथी राजगुरु तथा सुखदेव की अपनी अलग जगह रहेगी। भगत सिंह विशेष तौर पर आजादी की लड़ाई के क्रांतिकारी लोकनायक थे। उनकी शहादत के 87 वर्ष के बाद भी आज कई युवा पीली पगड़ी पहन कर भगत सिंह के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं जबकि भगत सिंह ने कभी पीली पगड़ी नहीं डाली। याद रखना चाहिए कि वह अलग समय था। अब कोई भगत सिंह पैदा नहीं होगा। भगत सिंह का जीवन अत्यंत रोचक है। जन्म जाट सिख परिवार में हुआ जिस पर आर्य समाज का बड़ा प्रभाव था। बाद में मार्कसी विचारधारा से प्रभावित होकर भगत सिंह नास्तिक बन गए और उन्होंने भगवान […]

विकल्प है, तो विकल्प क्या है? (Where is the alternative ?)

March 15, 2018 0

सोनिया गांधी ने घोषणा की है कि वह भाजपा तथा नरेन्द्र मोदी को सत्ता में वापिस आने नहीं देंगे। उनका यह भी विश्वास है कि 2019 में कांग्रेस वापिसी करेगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह जानती थी कि मनमोहन सिंह उनसे बेहतर प्रधानमंत्री होंगे लेकिन फिर सवाल उठता है कि उन्होंने पर्दे के पीछे से मनमोहन सिंह की लगाम अपने हाथ में क्यों रखी? मनमोहन सिंह को तो एक प्रकार से स्टैपनी प्रधानमंत्री बना दिया गया जिनकी इज्जत न पार्टी करती थी न उनके मंत्री। उनका बड़ा तमाशा तो तब बन गया था जब राहुल गांधी ने जबरदस्त अहंकार दिखाते हुए उस वक्त मंत्रिमंडल द्वारा पारित अध्यादेश के टुकड़े कर दिए जब प्रधानमंत्री वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति से […]

2019 अभी दूर है (Waiting For 2019)

March 8, 2018 0

भाजपा बम-बम है। लगभग एक महीना पहले नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के बैंक घोटाले तथा राजस्थान, पश्चिम बंगाल तथा मध्यप्रदेश के उप चुनावों में पराजय के बाद पार्टी की हालत पतली नज़र आ रही थी पर कहा गया है कि राजनीति में तो एक सप्ताह भी बहुत समय होता है। इस एक-डेढ़ महीने में कार्ति चिदम्बरम जेल में है और उत्तर पूर्व के तीन राज्यों में भाजपा ने चौकाने वाली जीत दर्ज की है। विशेष तौर पर त्रिपुरा की जीत तो चमत्कार से कम नहीं। चाहे मार्कसी पार्टी के पास मानिक सरकार में एक करिश्माई नेता हैं और वहां उसका मज़बूत संगठन भी है पर वह भाजपा के बढ़ते कदमों को रोक नहीं सके। 2013 में भाजपा को वहां […]

मुद्दत से आरज़ू थी सीधा करे कोई (The Trudeau Fiasco)

March 1, 2018 0

कैनेडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो अपनी एक सप्ताह की यात्रा के बाद स्वदेश पहुंच गए। जाने से पहले वह बता गए कि वह भारत की एकता तथा अखंडता में विश्वास रखतें हैं और किसी भी प्रकार के उग्रवाद का समर्थन नहीं करते। धन्यवाद ट्रूडो जी, पर ऐसे स्पष्टीकरण की जरूरत भी क्यों पड़े? किसी और देश के नेता को तो ऐसा कहने की जरूरत नहीं पड़ी। इसका जवाब है कि खुद ट्रूडो तथा उनकी सरकार के कुछ मंत्री पंजाब में खालिस्तान की मुहिम को हवा देते रहे हैं। इसी का परिणाम था कि ट्रूडो की आठ दिन की यात्रा आखिर में खंडहर में परिवर्तित होकर रह गई थी। कैनेडा का मीडिया विलाप करता रहा कि उनके प्रधानमंत्री का ठंडा स्वागत […]

हर शाख पर उल्लू बैठा है (The Shocking Failure of System)

February 22, 2018 0

11,400 करोड़ रुपए का बैंक डाका डालने वाले नीरव मोदी ने बता दिया है कि अब वह बकाया इसलिए नहीं चुका सकता क्योंकि ब्रैंड का धंधा चौपट कर दिया गया है। अर्थात जो ठग 2011 से लगातार देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक पीएनबी को चूना लगाता आ रहा है ने अब आपको ठेंगा दिखा दिया है। बैंक जो मर्जी कर ले वह पैसे वापिस नहीं करेगा। सीनाजोरी ऐसी है कि विजय माल्या की तरह पैसे वापिस करने का खोखला वायदा भी नहीं है। स्पष्ट इंकार के रूप में उसने हमारी व्यवस्था पर थप्पड़ जड़ दिया है। जो मेरा करना है कर लो! उसका आत्म विश्वास भी खोखला नहीं आखिर वह एनआरआई बन चुका है। अब वह इतमिनान से अपना […]

जवाब कैसे दिया जाए? (How Do We Retaliate ?)

February 15, 2018 0

टीवी  के एक चैनल पर इस आलोचना कि कश्मीरी राजनेता वहां देश विरोधी तत्वों के सामने हिम्मत नहीं दिखाते, से भडक़ी कश्मीरी वकील शबनम लोन से सवाल किया, ‘आप बताईए कि आपने पाकिस्तान का क्या किया? अगर वह सैनिकों की हत्या करवा रहा है तो आपकी नीति क्या है? रोजाना सैनिक मारे जा रहे हैं, मिसाईल हमले हो रहे हैं पर आपकी नीति में अनुरुपता नहीं है।’ शबनम लोन के वालिद ए जी लोन की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। जो सवाल उन्होंने उठाया है वह ही सवाल जम्मू में सुंजवां सैनिक अड्डे पर हुए हमले जिसमें फिर पांच सैनिक शहीद हो गए, के बाद सारा देश भी पूछ रहा है। हमारी पाकिस्तान नीति क्या है? हम उस अस्थिर, […]

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