• Author at Kremlin in Moscow

दिल बहलाने को ख्याल अच्छा है

July 4, 2013 0

दिल बहलाने को ख्याल अच्छा है पंजाबी का मुहावरा है “पिंड वसया नहीं उचक्के पहलां आ गए”, अर्थात्ï गांव तो अभी बसा नहीं बदमाश पहले पहुंच गए। 2014 के चुनाव को लेकर जनता दल (यू) तथा भाजपा के बीच जो रार छिड़ गई है उसके बारे भी यही कहा जा सकता है। दो वर्ष पड़े है और यह भी मालूम नहीं कि राजग की सरकार बनेगी या नहीं पर अभी से इसे लेकर राजग में सर फोडऩे की नौबत आ गई हैं। समझ नहीं आ रही कि इस वक्त बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भावी प्रधानमंत्री की योग्यता का मामला खोलने की क्या मजबूरी थी सिर्फ इसके कि वह खुद को बहुत बड़ा ‘सैक्यूलर’ सिद्ध करना चाहते हैं। उनकी […]

स्मारक कहां बनेॽ

July 4, 2013 0

स्मारक कहां बनेॽ 1984 में अमृतसर में स्वर्ण  मंदिर परिसर के अंदर ब्लू स्टार कार्रवाई में मारे गए लोगों के लिए वहां जरनैल  सिंह भिंडरावाला से संबंधित दमदमी टकसाल को ‘शहीदी स्मारक’ बनाने  की जिम्मेवारी सौंपने का निर्णय पंजाब में एक गंभीर मसला बन गया है। अगर इसे पूर्व  मुख्यमंत्री बेअंत सिंह तथा 16  अन्य की हत्या के दोषी बलवंत सिंह राजोआणा को ‘जिंदा शहीद’ घोषित  किए जाने के अकाल तख्त के निर्णय से जोड़ कर देखा जाए तो पंजाब की अकाली-भाजपा  सरकार की दिशा को लेकर लोगों में बेचैनी है असंतोष है। लोगों ने विकास के नाम पर  वोट दिए थे पर यहां कट्टरवाद को फिर जिंदा किया जा रहा है जिसके आगे चल कर गंभीर  दुष्परिणाम निकल सकते […]

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