• Author with Sh. Atal Bihari Vajpayee

यह गुस्ताखी माफ करने लायक नहीं

July 4, 2013 0

यह गुस्ताखी माफ करने लायक नहीं पाकिस्तान की संसद ने एक प्रस्ताव पारित कर अफजल गुरू को फांसी दिए जाने की निंदा की है और उसके शव को उसके परिवारजनों को सौंपने की मांग भी की है। न केवल भारत के आंतरिक मामले में दखल देने वाले बल्कि एक प्रकार से हमें चिढ़ाने वाले इस प्रस्ताव में कश्मीरी अलगाववादियों को हर तरह से समर्थन देने का वायदा भी किया गया। यह आतंकी संगठनों को सिग्नल भी है कि बढ़े चलो, हम तुम्हारे साथ हैं! पाकिस्तान के राजनीतिक वर्ग ने आतंकवाद पर अपनी मोहर लगा दी है। हमारी संसद पर हमले को सही करार दिया। यह प्रस्ताव जयपुर में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की हमारे विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद द्वारा […]

करें या न करें, यही है सवाल

July 4, 2013 0

करें या न करें, यही है सवाल राहुल गांधी का आचरण कई बार शेक्सपीयर के पात्र डैनमार्क के युवराज हैमलॅट की याद ताजा कर देता है, टू बी ऑर नौट टू बी, इज द क्वश्चन? करूं या न करूं? यही सवाल है। दुविधा है। वे दस वर्षों से राजनीति में हैं लेकिन अभी तक यह निर्णय नहीं कर सके कि वे इसे पसंद करते हैं या नहीं करते? शुरू में उनके पिता राजीव गांधी इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट थे। उन्हें राजनीति नहीं करनी। अगर किस्मत ने दखल न दिया होता और हवाई हादसे में भाई संजय की मौत न होती तो राजीव इस वक्त तक एयरलाईन के सीनियर कैप्टन रिटायर हो चुके होते। न ही सोनिया गांधी को ही […]

बसंलजी, हमें रूम फ्रैशनर की अनुभूति कब होगी?

July 4, 2013 0

बसंलजी, हमें रूम फ्रैशनर की अनुभूति कब होगी? पवन बंसल से पहले रेल विभाग लालू प्रसाद यादव, राम बिलास पासवान, नीतीश कुमार तथा ममता बनर्जी या उनकी पार्टी के प्रतिनिधि रेलमंत्री रहे हैं। इस दौरान दो कमजोरियां रही हैं। एक, केवल पूर्व भारत का ख्याल रखा गया। दूसरा, इन सब का ध्यान सस्ती लोकप्रियता बढ़ाने में था रेल की आर्थिकता सही करने में नहीं। पिछले 10 वर्ष रेल का किराया नहीं बढ़ाया गया। रेल को आधुनिक  तथा सुरक्षित बनाने तथा लोगों तथा उद्योग की जरूरत के अनुसार तैयार करने का प्रयास नहीं किया गया। कई पुल है जो अंग्रेजों के समय के हैं। मुंबई-दिल्ली मुख्य रेलमार्ग पर रतलाम के पास भैरोगढ़ का पुल 120 वर्ष पुराना है। इसे 2003-04 में […]

कैमरन की आधी अधूरी

July 4, 2013 0

कैमरन की आधी अधूरी जलियांवाला नरसंहार के लगभग 94 वर्ष के बाद ब्रिटेन के एक प्रधानमंत्री ने वहां झुक कर और मौन रख कर स्वीकार किया है कि उस घटना से वे शर्मिंदा हैं। डेविड कैमरन ने वहां लिखा है, ‘ब्रिटेन के इतिहास में यह बेहद शर्मनाक घटना है। विंस्टन चर्चिल ने इस घटना को उस समय सही ही राक्षसी कहा था।’ अर्थात् ब्रिटिश प्रधानमंत्री यह तो स्वीकार कर रहे हैं कि वे इस घटना के लिए शर्मिंदा हैं पर उन्होंने स्पष्ट तौर पर माफी नहीं मांगी जिससे कई लोग यहां निराश भी हुए हैं। 1997 में महारानी इलिजाबेथ तथा उनके पति प्रिंस फिलिप्स भी वहां आए थे लेकिन फिलिप्स ने यह कह कर कि मरने वालों की संख्या इतनी […]

वीवीआईपी का उड़नघोटाला

July 4, 2013 0

वीवीआईपी का उड़नघोटाला क्या यह सरकार कोई भी काम सीधा नहीं कर सकती? ईंट उठाओं तो घोटाला, स्कैंडल, भ्रष्टाचार, रिश्वत! 2जी घोटाले, कोयला आबंटन घोटाले, राष्ट्रमंडल खेलों में महाघोटाले के बाद अब वीवीआईपी हैलीकाप्टर घोटाले का विस्फोट हुआ है। इटली से खरीदे जाने वाले इस 3600 करोड़ रुपए के सौदे में 362 करोड़ रुपए की भारत में रिश्वत दी गई है। भारत सरकार ने सीबीआई की जांच के आदेश तो दे दिए हैं लेकिन यह हैलीकाप्टर सौदा भी बोफोर्स की तरह बहुत धुआं छोड़ गया है। यूपीए की दूसरी सरकार का गठन अशुभ घड़ी में हुआ लगता है। जब हालात कुछ बेहतर होने लगते हैं तो नया विस्फोट सब कुछ बिखेर देता है। वर्तमान हैलीकाप्टर घोटाले ने बड़े-बड़े लोगों की […]

‘ऐलिएनेशन’ दो तरफा हो सकती है

July 4, 2013 0

‘ऐलिएनेशन’ दो तरफा हो सकती है  अफजल गुरू की फांसी के बाद कश्मीर वादी में हालात तनावग्रस्त बने हुए हैं। उमर अब्दुल्ला को घबराहट है कि कश्मीरियों की मुख्यधारा से ‘ऐलिएनेशन’, अर्थात् विमुखता और मजबूत होगी। लेकिन कश्मीरी तो सामान्य स्थिति में अकारण भी ‘विमुख’ रहते हैं। आदत सी बना ली है। आज से नहीं है दशकों से हैं। हैरानी है कि जब लाखों कश्मीरी पंडितों को वहां से निकलने के लिए मजबूर किया गया तब यह ‘विमुखता’ नजर नहीं आई। उस व्यक्ति की फांसी पर इतना छटपटा जिसने देश के खिलाफ युद्ध किया हो, कश्मीरी भी बाकी देश को क्या संदेश दे रहे हैं? जो कश्मीरी कश्मीर से बाहर रहते और काम करते हैं उनकी आम शिकायत रहती है […]

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