• Author with Sh. Atal Bihari Vajpayee

पंजाब के लिए ‘वेक अप कॉल’

July 4, 2013 0

पंजाब के लिए ‘वेक अप कॉल’ यह राहत की बात है कि लै. जनरल (सेवानिवृत्त) कुलदीप सिंह बराड़ लंदन में हुए कातिलाना हमले में बच गए हैं। विदेशमंत्री एस.एम. कृष्णा का कहना है कि जनरल बराड़ ने भारतीय हाईकमिशन को सूचित नहीं किया था और किसी को मालूम नहीं था कि वे लंदन में हैं। यह बात सही नहीं कि ‘किसी को मालूम नहीं था’, क्योंकि खालिस्तानियों को तो मालूम था, और वह जनरल साहिब की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। अब अवश्य समाचार है कि लंदन पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आशा है कि वह इस साजिश की गहराई तक जाएंगे क्योंकि हमारी शिकायत है कि कई देश ऐसे लोगों के प्रति उदार रहते […]

पैर के नीचे बटेर!

July 4, 2013 0

पैर के नीचे बटेर! संविधान में संशोधन कर नितिन गडकरी को दूसरी बार भाजपा का अध्यक्ष बनाने का रास्ता साफ कर दिया गया है। जहां इसका मतलब है कि चुनाव के समय वे ही भाजपा के अध्यक्ष होंगे वहां इसका यह भी मतलब है कि उन्हें वह सम्मान दिया गया जो अटल बिहारी वाजपेयी तथा लाल कृष्ण आडवाणी जैसे बड़े नेताओं को भी नहीं दिया गया था। लेकिन अभी तक गडकरी अपनी पार्टी को भावी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार या चुस्त दुरुस्त नहीं कर सके। अर्थात् उन्हें दोबारा अध्यक्ष बनाने का औचित्य क्या है, यह अभी तक समझ नहीं आया। उनका राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जरूर कहना था कि ‘सत्ता हाथ में आने वाली है,’ पर अगर ऐसी […]

विश्वास भी पेड़ों पर नहीं लगता

July 4, 2013 0

विश्वास भी पेड़ों पर नहीं लगता अभी तक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह यह प्रभाव देते रहे कि देश में कुछ भी हो जाए, उन्हें किसी को स्पष्टीकरण देने की जरूरत नहीं है। वास्तव में कांग्रेस की त्रिमूर्ति (सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और राहुल गांधी) यह प्रभाव देती रही कि उन्हें किसी को कोई जवाब देने की जरूरत नहीं। लेकिन ममता बैनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का यूपीए से प्रस्थान, सफल भारत बंद तथा डीज़ल की कीमतों में भारी वृद्धि और रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को लेकर देश में जो भूचाल आया उसने सरकार को इस तरह हिला कर रख दिया कि प्रधानमंत्री को भी अपनी बात कहने के लिए जनता के सम्मुख आना पड़ा। पर अफसोस यह है कि उन्होंने जो […]

तनाव में युवा

July 4, 2013 0

तनाव में युवा जालन्धर के शिवाली आत्महत्या मामले में इंसाफ कर दिया गया है। पंजाब सरकार के आदेश पर मुख्य आरोपी पुलिस इंस्पैक्टर बलविंद्र कौर तथा दो मीडिया कर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर  लिया गया है। आईजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि सब बराबर जिम्मेवार हैं। संतोष है कि आखिर न्याय हो गया क्योंकि बहुत जरूरी है कि पुलिस और मीडिया दोनों को अपनी अपनी लक्ष्मण रेखा समझ आ जाए। शिवाली का कसूर केवल यह था कि वह अपने दोस्त के साथ कार में जा रही थी। उस कार की किसी और कार के साथ टक्कर हो गई पर मौके पर पहुंची ट्रैफिक पुलिस इंस्पैक्टर बलविन्द्र कौर ने उसे जलील करना शुरू […]

65 साल के बाद भी आरक्षणॽ

July 4, 2013 0

65 साल के बाद भी आरक्षण? पिछले बुधवार को संसद में जो कुछ हुआ वह लोकतंत्र को शर्मिंदा करने वाली घटना थी। प्रोमोशन में आरक्षण देने वाले विधेयक को पेश करते समय समाजवादी पार्टी तथा बहुजन समाज पार्टी के दो सांसद आपस में गुत्थम गुत्था हो गए और हंगामे में राज्यसभा स्थगित हो गई। राज्यसभा के सांसद विशिष्ट समझे जाते हैं पर यहां टीवी कैमरों के सामने दो ‘माननीय’ सांसद इस तरह भिड़ रहे थे जैसे वे गली के मुशटंडे हों; और उल्लेखनीय है कि दोनों अपने किए पर शर्मिंदा नहीं। देश से माफी मांगने को तैयार नहीं। इस घटना से हमारे संसदीय लोकतंत्र की गरिमा और कम हुई है। पहले ही संसद नहीं चल रही थी। एक दिन यह […]

कौन राहजन, कौन रहनुमा?

July 4, 2013 0

कौन राहजन, कौन रहनुमा? चाहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शायराना अंदाज में कहा है कि ‘हजारों जवाबों से अच्छी है मेरी खामोशी, न जाने कितने सवालों की आबरु रखी,’ पर बेहतर होता कि ‘सवालों की आबरु’ रखने की जगह वे बताते कि जून 2004 में कोयला ब्लाक आबंटन के नीलामी का निर्णय लेने के बाद आठ साल तक उस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई; उनकी तो खुद सरकार की आबरु खतरे में है। वे कहते हैं कि इस्तीफा नहीं दूंगा। कोई उन्हें मजबूर भी नहीं कर सकता पर इस जर्जर हालत में यह सरकार चलेगी भी कैसेॽ जिस सरकार का इकबाल खत्म हो गया वह फैसले कैसे लेगीॽ अपने जवाब में प्रधानमंत्री ने अपने सिवाय बाकी सब पर दोष […]

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