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कैमरन की आधी अधूरी

July 4, 2013 0

कैमरन की आधी अधूरी जलियांवाला नरसंहार के लगभग 94 वर्ष के बाद ब्रिटेन के एक प्रधानमंत्री ने वहां झुक कर और मौन रख कर स्वीकार किया है कि उस घटना से वे शर्मिंदा हैं। डेविड कैमरन ने वहां लिखा है, ‘ब्रिटेन के इतिहास में यह बेहद शर्मनाक घटना है। विंस्टन चर्चिल ने इस घटना को उस समय सही ही राक्षसी कहा था।’ अर्थात् ब्रिटिश प्रधानमंत्री यह तो स्वीकार कर रहे हैं कि वे इस घटना के लिए शर्मिंदा हैं पर उन्होंने स्पष्ट तौर पर माफी नहीं मांगी जिससे कई लोग यहां निराश भी हुए हैं। 1997 में महारानी इलिजाबेथ तथा उनके पति प्रिंस फिलिप्स भी वहां आए थे लेकिन फिलिप्स ने यह कह कर कि मरने वालों की संख्या इतनी […]

वीवीआईपी का उड़नघोटाला

July 4, 2013 0

वीवीआईपी का उड़नघोटाला क्या यह सरकार कोई भी काम सीधा नहीं कर सकती? ईंट उठाओं तो घोटाला, स्कैंडल, भ्रष्टाचार, रिश्वत! 2जी घोटाले, कोयला आबंटन घोटाले, राष्ट्रमंडल खेलों में महाघोटाले के बाद अब वीवीआईपी हैलीकाप्टर घोटाले का विस्फोट हुआ है। इटली से खरीदे जाने वाले इस 3600 करोड़ रुपए के सौदे में 362 करोड़ रुपए की भारत में रिश्वत दी गई है। भारत सरकार ने सीबीआई की जांच के आदेश तो दे दिए हैं लेकिन यह हैलीकाप्टर सौदा भी बोफोर्स की तरह बहुत धुआं छोड़ गया है। यूपीए की दूसरी सरकार का गठन अशुभ घड़ी में हुआ लगता है। जब हालात कुछ बेहतर होने लगते हैं तो नया विस्फोट सब कुछ बिखेर देता है। वर्तमान हैलीकाप्टर घोटाले ने बड़े-बड़े लोगों की […]

‘ऐलिएनेशन’ दो तरफा हो सकती है

July 4, 2013 0

‘ऐलिएनेशन’ दो तरफा हो सकती है  अफजल गुरू की फांसी के बाद कश्मीर वादी में हालात तनावग्रस्त बने हुए हैं। उमर अब्दुल्ला को घबराहट है कि कश्मीरियों की मुख्यधारा से ‘ऐलिएनेशन’, अर्थात् विमुखता और मजबूत होगी। लेकिन कश्मीरी तो सामान्य स्थिति में अकारण भी ‘विमुख’ रहते हैं। आदत सी बना ली है। आज से नहीं है दशकों से हैं। हैरानी है कि जब लाखों कश्मीरी पंडितों को वहां से निकलने के लिए मजबूर किया गया तब यह ‘विमुखता’ नजर नहीं आई। उस व्यक्ति की फांसी पर इतना छटपटा जिसने देश के खिलाफ युद्ध किया हो, कश्मीरी भी बाकी देश को क्या संदेश दे रहे हैं? जो कश्मीरी कश्मीर से बाहर रहते और काम करते हैं उनकी आम शिकायत रहती है […]

महानायक, यह जुम्मा-चुम्मा की उम्र नहीं है

July 4, 2013 0

महानायक, यह जुम्मा-चुम्मा की उम्र नहीं है हमारे संविधान निर्माता अभिव्यक्ति की आजादी पर ‘जायज पाबंदी’ के पक्ष में थे पर हमारा मनोरंजन उद्योग, सिनेमा, टीवी और मीडिया का एक वर्ग, समझता है कि वह कुछ भी दिखा सकते हैं, उन्हें पूर्ण आजादी है। उदाहरण पश्चिमी देशों का प्रस्तुत किया जाता है लेकिन वे भूलते हैं कि उनके समाज तथा हमारे समाज में बहुत अंतर है। हमारा समाज कई मामलों में उनसे अधिक परिपक्व है लेकिन कई मामलों में अभी भी मध्यकालीन युग की बर्बरता है, जैसा दिल्ली में हुए गैंगरेप से मालूम होता है। वहां ऐसे गैंगरेप नहीं होते। आजकल देश के चारों तरफ से बलात्कार के समाचार मिल रहे हैं। छोटी-छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार के समाचार मिले […]

भाजपा बच गई, चौटाला फंस गए!

July 4, 2013 0

भाजपा बच गई, चौटाला फंस गए! भाजपा बच गई! नितिन गडकरी को हटवा कर वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पार्टी को अनैतिक चक्रव्यूह में फंसने से बचा लिया। भाजपा में अब स्थायित्व और स्पष्टता आएगी। जिस तरह गडकरी आयकर अधिकारियों को धमकियां देते वापिस गए उससे पता चलता है कि वह इस बड़े पद के सर्वथा अनुपयुक्त थे। संघ को भी अपनी लक्ष्मण रेखा समझनी चाहिए। गलत लोगों को भाजपा पर लादने का गलत अंजाम निकलेगा। भाजपा वयस्क हो गई है इसे माईक्रो मैनेज करने का प्रयास नहीं होना चाहिए। आडवाणी जी को अब भाजपा का अगला प्रधानमंत्री तैयार करना चाहिए। सभी सर्वेक्षण और जनता की आवाज बता रही हैं कि यह नरेंद्र मोदी ही हो सकते हैं। शिक्षक भर्ती […]

बदलाव आएगा कैसे?

July 4, 2013 0

बदलाव आएगा कैसे? जयपुर में राहुल गांधी के भावुक भाषण को सुन कर दिसंबर 1985 में मुंबई में राजीव गांधी के कांग्रेस शताब्दी पर दिए गए भाषण की याद ताजा हो गई जब राजीव ने कहा था कि “हम (कांग्रेसजन) सार्वजनिक नैतिकता के किसी नियम का पालन नहीं करते, कोई अनुशासन नहीं है, सामाजिक जागरूकता की कोई भावना प्रकट नहीं करते, सार्वजनिक हित के लिए कोई चिंता नहीं। भ्रष्टाचार न केवल बर्दाश्त ही नहीं किया जाता उसे नेतृत्व का मापदंड भी समझा जाता है।” उस भाषण को 27 वर्ष हो गए। इस बीच अटल बिहारी वाजपेयी के शासन को छोड़ कर अधिकतर कांग्रेस या कांग्रेस समर्थक सरकारें ही रही हैं। पिछले नौ साल से तो सरकार की कमान सीधी कांग्रेस […]

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