असहमति सही, विरोध जायज़, प्रदर्शन अधिकार, पर देश विरोध अस्वीकार्य (Dissent Fine, Opposition Acceptable, Protests Right but Anti National not acceptable)

February 16, 2016 1

जिस वक्त सियाचिन के हीरो लांस नायक हनुमनथप्पा की सलामती के लिए देश भर में प्रार्थनाएं हो रही थीं और देश की रक्षा के लिए उसके 9 साथियों की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा था उसी दिन दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में कुछ लोग ‘अफजल गुरू जिंदाबाद’ तथा भारत के टुकड़े टुकड़े करने के नारे लगा रहे थे। जेएनयू के छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया को गिरफ्तार कर लिया है पर वामपंथी उसके समर्थन पर उतर आए हैं और कहा जा रहा है कि देश में आपातकाल लगाया जा रहा है। यह बकवास है। अगर वामदल देश से भाप की तरह उड़ रहे हैं तो इसका भी मुख्य कारण है कि वह चरमपंथ को समर्थन […]