• In Kuwait

जय हो! (Jai Ho)

August 8, 2019 0

यह एक एतिहासिक क्षण है। एक प्रहार से इतिहास बदल दिया गया। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटा कर उसे एक सामान्य दिल्ली जैसा राज्य बना दिया गया है। अनुच्छेद धारा 370 पूरी तरह से अस्थाई थी। अम्बेदकर तो इसके बिलकुल खिलाफ थे पर शेख अब्दुल्ला के दबाव में जवाहर लाल नेहरू इसके लिए तैयार हो गए थे। वह भी चाहते थे कि समय के साथ यह प्रभावहीन हो जाए। समझा गया था कि इसके द्वारा कश्मीर का बाकी देश में भावनात्मक विलय हो जाएगा लेकिन हुआ इसका उलट। इस अनुच्छेद ने कश्मीर और बाकी देश के बीच अलंघ्य दीवार खड़ी कर जिसके भारी दुष्परिणाम निकले, देश के लिए भी और कश्मीर के लिए भी। कश्मीर की तरक्की रुक गई क्योंकि […]

हाउ इज़ द जोश! (Hows The Josh)

May 30, 2019 0

ऐसी लहर मैंने पहली बार तब देखी थी जब 1977 में एमरजैंसी हटाए जाने के बाद लोगों ने ‘गाय और बछड़ा’ और बछड़ा जो उस समय कांग्रेस का चुनाव चिन्ह था और जिसका मतलब लोगों ने इंदिरा गांधी तथा संजय गांधी से लिया था, को पराजित किया था। यह दूसरी ऐसी लहर मैंने देखी है लेकिन इन दोनों लहरों में अंतर है। 1977 की लहर इंदिरा गांधी की ज्यादतियों के खिलाफ थी जबकि 2019 में यह जोश से भरी आशावादी लहर नरेन्द्र मोदी तथा भाजपा के पक्ष में है। लोगों ने पांच वर्ष नरेन्द्र मोदी का काम देखा है। कुछ कमजोरियां रही लेकिन आम राय है कि बंदा खरा है, ईमानदार है, मेहनती है और इरादा सही है। यह भी […]

अडवाणीजी को राम राम I (Farewell To Advani Ji)

April 4, 2019 0

  भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व ने अपने मार्गदर्शक मंडल को बाहर का मार्ग दिखा दिया। लाल कृष्ण अडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शांता कुमार, बीसी खंडूरी, कारया मुंडा और उनसे पहले यशवंत सिन्हा सबकी हैसीयत अब दर्शक की रह गई है। इनको भी समझना चाहिए था कि इनका समय गुज़र चुका है। आखिर अडवाणीजी की आयु 91 वर्ष है। जोशीजी कुछ ही वर्ष कम है। कितनी और राजनीति करनी है? सही कहा गया कि आदमी को तब छोड़ देना चाहिए जब लोग कहें ‘क्यों?’ तब नहीं जब लोग कहें  ‘क्यों नहीं?’ है। इन महापुरुषो का  ‘क्यों नहीं’ समय आ चुका था। अफसोस इस बात का नहीं कि इन्हें एक तरफ कर दिया गया अफसोस जिस ढंग से किया गया उसका […]

जब दरिया रुख बदलता है (When River Changes Course)

June 7, 2018 0

पिछले कुछ महीने मोदी सरकार तथा भाजपा के लिए अच्छे नहीं रहे। गोरखपुर तथा फूलपुर के बाद उत्तर प्रदेश में कैराना तथा नूरपुर की सीटें भाजपा द्वारा हारना बताता है कि पार्टी तेजी से ज़मीन खो रही है और इस बात की संभावना नहीं कि 2019 में भाजपा 2014 दोहरा सकेगी। अब तक के 27 संसदीय उप चुनावों में से भाजपा केवल 5 जीत सकी है और उसने 8 खो डालें है। इनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी तथा उप मुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्या की भी सीटें हैं और उत्तर प्रदेश वह प्रदेश है जिसने 2014 में भाजपा को 71 सीटें दी थी। मोदी ब्रैंड जिसने देश को चकाचौंध कर दिया था अब फीका पड़ रहा है। ठीक है कैराना […]

कांग्रेस का बहादुर शाह जफर (The Bahudur Shah Zafar of Congress)

May 24, 2016 0

पांच विधानसभा चुनावों के परिणाम बता गए हैं कि भाजपा के अच्छे दिन फिर आ रहे हैं और कांग्रेस का दु:स्वप्न जारी है। असम और केरल कांग्रेस के हाथ से निकल गए हैं। पार्टी में बेचैनी बढ़ रही है। ममता बैनर्जी की धमाकेदार जीत हुई है और जयललिता एमजीआर के बाद पहली मुख्यमंत्री बनी हैं जिन्हें दोबारा सत्ता मिली है। त्रिपुरा तक सीमित वाम को केरल से राहत मिलेगी पर पश्चिम बंगाल में मिली कुचलने वाली पराजय से पता चलता है कि देश कांग्रेस मुक्त ही नहीं कामरेड मुक्त होने की दिशा में भी चल रहा है। असम में भाजपा की सरकार उत्तर पूर्व की पहली भाजपा सरकार होगी। इससे भाजपा को दिल्ली तथा बिहार की पराजय से उभरने का […]

शाह बनेंगे शहनशाह? (Will Shah become Shahenshah)

January 27, 2016 0

लाल कृष्ण आडवाणी तथा मुरली मनोहर जोशी की अनुपस्थिति में अमित शाह फिर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बन गए हैं। जिस तरह उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का समर्थन मिला हुआ है संभावना यही लगती है कि पार्टी अमित शाह के नेतृत्व में ही अगले चुनाव मैदान में भी उतरेगी। उनके नेतृत्व में पार्टी ने 2014 का चुनाव जीता। उसके बाद महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड तथा जम्मू कश्मीर में एक के बाद एक चुनाव पार्टी जीतती चली गई। जम्मू कश्मीर में पहली बार भाजपा सत्ता में घुसपैठ करने में सफल रही चाहे इस वक्त इस गठबंधन का भविष्य अनिश्चित नज़र आता है। लेकिन जहां इतनी कामयाबी मिली हो कहीं लापरवाही भी आ जाती है जिसका परिणाम दिल्ली तथा बिहार में पराजय […]

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