ए सैक्यूलरवाद, तेरे नाम पर क्या क्या अपराध किए जाते हैं! (Secularism, What Crimes are Committed in Thy Name)

July 13, 2017 0

किस्सा फ्रांस की क्रांति से जुड़ा है। 1789 में जब यह शुरू हुई तो मैडम रोलांड तथा उनके पति क्रांतिकारियों के प्रमुख तथा प्रभावशाली सदस्य थे लेकिन बाद में एक उग्रवादी गुट हावी हो गया। हजारों को कैद कर लिया गया और हजारों को ही मौत के घाट उतार दिया गया। मैडम रोलांड को पर्याप्त क्रांतिकारी नहीं समझा गया और 8 नवम्बर 1793 को उन्हें सर काटने की मशीन गिलोटीन पर भेज दिया गया। जब मैडम रोलांड को ले जाया जा रहा था तो रास्ते में पेरिस के क्रांतिकारी चौराहे पर आजादी की मूर्ति लगी हुई थी। उसकी तरफ उदासी से देखते हुए मैडम रोलांड ने यह शब्द कहे जो आज तक याद किए जाते हैं, O LIBERTY WHAT  CRIMES ARE […]

उड़ता सिद्धू (Udta Sidhu)

July 26, 2016 1

    दो महीने पहले भाजपा को अपनी मां कहने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी को छोड़ गए हैं। कसमें खाने के बाद लोग मुकर जाते हैं। राजनीतिक मजबूरी में भी लोग बदल जाते हैं यह बात तो समझ अाती है लेकिन यह नहीं समझ अाता कि तीन महीने पहले सिद्धू ने राज्यसभा का मनोनयन क्यों स्वीकार किया था अगर उन्होंने इसे छोड़ना ही था? यह उन लोगों से विश्वासघात है जिन्होंने उसे इस काबिल समझा और खुद महामहिम राष्ट्रपति के पद का अनादर है जिन्होंने उनका मनोनयन किया। यह तो साफ है कि उन्होंने अकाली-भाजपा के साथ अपने सारे पुल साढ़ लिए हैं। उनकी पत्नी कह चुकी हैं कि लालबत्ती वाली गाडि़यों में ड्रग्स जाते हैं। खुद सिद्धू […]

शाह बनेंगे शहनशाह? (Will Shah become Shahenshah)

January 27, 2016 0

लाल कृष्ण आडवाणी तथा मुरली मनोहर जोशी की अनुपस्थिति में अमित शाह फिर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बन गए हैं। जिस तरह उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का समर्थन मिला हुआ है संभावना यही लगती है कि पार्टी अमित शाह के नेतृत्व में ही अगले चुनाव मैदान में भी उतरेगी। उनके नेतृत्व में पार्टी ने 2014 का चुनाव जीता। उसके बाद महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड तथा जम्मू कश्मीर में एक के बाद एक चुनाव पार्टी जीतती चली गई। जम्मू कश्मीर में पहली बार भाजपा सत्ता में घुसपैठ करने में सफल रही चाहे इस वक्त इस गठबंधन का भविष्य अनिश्चित नज़र आता है। लेकिन जहां इतनी कामयाबी मिली हो कहीं लापरवाही भी आ जाती है जिसका परिणाम दिल्ली तथा बिहार में पराजय […]

jo bigad bigad kar sanvar gaye -by Chander Mohan

February 10, 2015 2

जो बिगड़ बिगड़ कर संवर गए जो संवर संवर कर बिगड़ गए उन्हें देखना ही फिज़ूल है तुझे देखना है तो देख उन्हें जो बिगड़ बिगड़ कर संवर गए -जोश मलसयानी दिल्ली के चुनाव से एक दिन पहले दिल्ली की रईस आबादी ग्रेटर कैलाश से एक परिचित का फोन आया कि उनकी सोसायटी जो सदा भाजपा के पक्ष में रही है इस बार एकमत आप के लिए वोट करने जा रही है। तब ही समझ आ गया था कि भाजपा को भारी धक्का लगने वाला है। अगर ग्रेटर कैलाश में समर्थक बिदक गए तो रह क्या गया? टीवी चैनलों पर विशेषज्ञ बताते रहे कि यह वर्गीय लड़ाई है। कमजोर वर्ग ‘आप’ के साथ है और मिडल क्लास तथा उच्च वर्ग […]