• Author at Kremlin in Moscow

कांग्रेस, संघ और प्रणब मुखर्जी (Congress, RSS and Pranab Mukherjee)

June 14, 2018 0

मनोवैज्ञानिक LOVE-HATE RELATIONSHIP की बात करते हैं अर्थात वह रिश्ता जो कभी प्यार का है तो कभी नफरत में बदल जाता है। कांग्रेस पार्टी तथा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का रिश्ता भी प्यार-नफरत वाला ही रहा है चाहे इसमें नफरत की मात्रा अधिक रही है। महात्मा गांधी की हत्या से इस रिश्तों में अधिक तनाव आ गया था। उनकी हत्या के अगले ही महीने अर्थात फरवरी 1948 में संघ पर पाबंदी लगा दी गई। संघ को लेकर जवाहर लाल नेहरू तथा सरदार पटेल में मतभेद रहे। गांधी जी की हत्या के दो सप्ताह के बाद पंजाब सरकार को लिखे अपने पत्र में देश के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने लिखा था, “इन लोगों के हाथ महात्मा गांधी के खून से […]

क्योंकि मोदी ज़रूरी है (Why Modi is Imperative)

May 17, 2018 0

कर्नाटक में भाजपा की जीत ने एक बार फिर बता दिया कि पार्टी के लिए नरेन्द्र मोदी कितने ज़रूरी हैं। अप्रैल के आखिरी सप्ताह तथा मई के शुरू में लग रहा था कि भाजपा तथा कांग्रेस के बीच बराबर की दौड़ है और संतुलन देवेगौडा की जेडीएस के पास रहेगा पर जिस दिन से नरेन्द्र मोदी ने खुद को इस चुनाव अभियान में झोंका है उस दिन से पलड़ा भाजपा की तरफ झुकने लगा। अब तो अंग्रेजी के मीडिया वाले जो मोदी के कट्टर आलोचक हैं दबी जुबान में उनके ‘आकर्षण’ तथा ‘मैजिक’ की बात कह रहें हैं। सुर बिलकुल बदल गया है। कांग्रेस तथा जेडीएस के साथ आने से स्थिति नहीं बदलेगी कि जनादेश कांग्रेस के खिलाफ और भाजपा […]

दर्द-ए-कांग्रेस (Dard-e-Congress)

August 9, 2016 0

यह संतोष की बात है कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी की हालत अब स्थिर है। वाराणसी में उनके रोड शो में लोगों में जोश था लेकिन ऐसा रोड शो करने के लिए सेहत भी चाहिए, जो नहीं है। इस महिला की हिम्मत की दाद देनी चाहिए कि इसके बावजूद पार्टी को उत्तर प्रदेश में खड़ा करने के लिए वह खुद मैदान में कूद गई थीं। शुरुआत धर्म की नगरी वाराणसी से की जो प्रधानमंत्री का चुनाव क्षेत्र भी है। सावन में वाराणसी में धार्मिक माहौल रहता है इसीलिए सोनिया गांधी के कार्यक्रम में काशी विश्वनाश मंदिर में पूजा तथा गंगा पूजा को शामिल किया गया था। यह हो न सका। लेकिन वहां उन्हें मिला जनसमर्थन भाजपा के लिए चिंता का […]

Ma aur bete ke beech Congress -by Chander Mohan

March 21, 2015 0

मां और बेटे के बीच कांग्रेस सोनिया गांधी के नेतृत्व में 14 पार्टियों के 100 सांसदों ने संसद भवन से लेकर राष्ट्रपति भवन तक एक किलोमीटर मार्च कर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को विवादास्पद भूमि अधिग्रहण विधेयक के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। पहली बार इस तरह 10 जनपथ की ऊंची दीवारों से बाहर आकर सोनिया गांधी ने सड़क पर प्रदर्शन किया है। इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी तथा लाल कृष्ण आडवाणी सब ऐसा कर चुके हैं लेकिन सोनिया गांधी की ऐसी सक्रियता देश ने पहली बार देखी है। वह अदालत द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को समन दिए जाने के बाद भी कांग्रेस के नेताओं के साथ मनमोहन सिंह के घर तक मार्च कर चुकी हैं। इस बार उन्हें अधिक समर्थन मिला […]

कांग्रेस के चेहरे की धूल

January 13, 2015 0

कांग्रेस के चेहरे की धूल जम्मू कश्मीर तथा झारखंड के नतीजों के बाद कांग्रेस में दहशत फैल गई है। पार्टी का ग्राफ लगातार गिर रहा है और कोई इसे संभालने वाला नज़र नहीं आता दूसरी तरफ नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा बुलंदियों पर है जिसे देख कर कांग्रेस के मायूस कार्यकर्ता कह सकते हैं, एक वह हैं जिन्हें तस्वीर बना आती है एक हम हैं लिए अपनी ही सूरत को बिगाड़। पार्टी कार्यकर्ता सोनिया गांधी से गुहार कर रहे हैं कि ‘मैडम कुछ करो’ और हर हार के बाद राहुल गांधी उसकी जांच के लिए कमेटी बैठाने का ऐलान कर देते हैं। मैं समझता हूं कि कमेटी बैठाने की तो जरूरत ही नहीं राहुल गांधी अगर आइना देख लें […]