• Author at Kremlin in Moscow

पप्पू ‘पप्पू’ न रहा (Pappu No Longer Pappu)

November 23, 2017 0

चुनाव आयोग ने गुजरात में भाजपा के राहुल गांधी को मज़ाक में ‘पप्पू’ कहने वाले टीवी विज्ञापन को मंजूरी नहीं दी। यह चुनाव आयोग की सोच है पर मेरा मानना है कि ‘पप्पू’ शब्द के इस्तेमाल पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अफसोस है कि हमारी राजनीति हास्य रहित नीरस बनती जा रही है। एक टीवी चैनल ने श्याम रंगीला का कॉमिक एक्ट हटा दिया था क्योंकि उसमें नरेन्द्र मोदी तथा राहुल गांधी की नकल उतारी गई थी। चाहिए तो यह था कि यह दोनों उस लड़के को उसकी प्रतिभा के लिए शाबाशी देते पर उलटा हो गया। गांधी जी को किसी ने उनका चित्र बना कर दिखाया तो हंसने लगे कि “मुझे नहीं मालूम था कि मैं इतना बदसूरत […]

मिस्टर वाड्रा के लिए मकान (A House for Mr. Vadra)

June 7, 2016 0

प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि उन्होंने लोगों की ‘मिठाई खाना’ बंद कर दिया है। यह मानना पड़ेगा कि केन्द्रीय सरकार पर इन दो वर्षों में एक भी आरोप नहीं लगा। लेकिन सवाल दूसरा है। क्या सरकार भ्रष्टाचार के जो दूसरे बड़े मामले हैं उन्हें तार्किक अंत तक पहुंचाने के प्रति गंभीर है या दिलचस्पी केवल उनका राजनीतिक लाभ उठाने में ही है? मामला राबर्ट वाड्रा से भी जुड़ा है। चुनाव अभियान के दौरान भाजपा ने राबर्ट वाड्रा के जमीन घोटालों को बड़ा मुद्दा बनाया था। अब दो वर्ष हो गए। हमें बताया जा रहा है कि मामले की जांच हो रही है। कितनी जांच होनी है? जमीन हरियाणा तथा राजस्थान में खरीदी गई। अगर घपला हुआ है तो यहां […]

Unki, Unke Dwara, Unke Liye

September 15, 2015 0

उनकी, उनके द्वारा, उनके लिए कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाने पर किसी ने खूब ट्वीट किया है, ‘सोनिया ने सोनिया के सामने सोनिया को एक साल और अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे सोनिया ने मंजूर कर दिया!’ यह हास्यस्पद स्थिति देश की सबसे पुरानी पार्टी की है जो एक परिवार की जेबी पार्टी बन कर रह गई है। जैसे इब्राहिम लिंकन ने लोकतंत्र की परिभाषा दी थी उसी तरह कांग्रेस को भी परिभाषित किया जा सकता है, ‘गांधी परिवार की, गांधी परिवार के द्वारा, गांधी परिवार के लिए!’ जो पार्टी अपने इतिहास के सबसे कम आंकड़े, 44 सीटों, पर आकर गिर चुकी है उसकी यह दयनीय स्थिति बन गई है कि वह […]