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अबकी बार ट्रम्प से प्यार (Ab Ki baar Trump se Pyar)

September 26, 2019 0

यह मानना पड़ेगा कि अमेरिकी राष्ट्रपतियों को साधने की कला में नरेन्द्र मोदी का कोई मुकाबला नहीं। जवाहर लाल नेहरू की अगवानी के लिए खुद राष्ट्रपति कैनेडी हवाई अडड्डे पर गए थे लेकिन रिश्ता आगे बढ़ नहीं सका क्योंकि तब तक नेहरू वृद्ध हो गए थे और युवा अमेरिकी राष्ट्रपति से संबंध कायम नहीं कर सके। सबसे कड़वे रिश्ते इंदिरा गांधी तथा अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के रहे हैं। बांग्लादेश के संकट के समय निक्सन ने हमारी बात सुनने से ही इंकार कर दिया था। जब दूसरे दिन मुलाकात का समय आया तो निक्सन ने इंदिरा गांधी को अपने दफ्तर के बाहर 45 मिनट इंतजार करवाया था। इंदिरा गांधी को भी आभास था कि वह एक प्राचीन सभ्यता की […]

भारत-अमेरिका: झटके खाता रिश्ता (Indo-America:Uncertain Friends)

July 4, 2019 0

शेक्सपीयर ने एक जगह लिखा है कि “सच्चे प्रेम का रास्ता कभी भी समतल नहीं रहा।“ अगर आज भारत और अमेरिका के रिश्तों पर नज़र दौड़ाएं तो कहा जा सकता है कि इन रिश्तों का रास्ता भी सहज नहीं है। विशेष तौर पर जब से डॉनल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति बने हैं कहा ही नहीं जा सकता कि अगले क्षण क्या होने वाला है? उन पर तो यह मुहावरा बहुत जचता है कि पल में तोला पल में माशा! और यह केवल हमारे साथ ही नहीं हो रहा। कैनेडा, जापान, मैक्सिको, यूरेपियन यूनियन जैसे अमेरिका के मित्र सब ट्रम्प की सनक के शिकार हो चुके हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति तो ईरान को नेस्तोनाबूत करने की धमकी दे चुके हैं लेकिन कुछ ही […]

भारत-अमेरिका : 2+2=3 (India-America: 2+2=3)

July 5, 2018 0

जिस प्रकार उड़ान के दौरान वायुमंडल में विक्षोभ आ जाता है और विमान हचकोले खाने लगता है वही हाल आज-कल भारत-अमेरिका रिश्तों का है। यह रिश्ते बाराक ओबामा के समय तक सही उड़ रहे थे और हम खुद को अमेरिका के ’स्ट्रैटजिकल पार्टनर’ भी समझने लगे थे। इस कारण हमने रूस से रिश्ते बिगाड़ लिए और चीन के साथ डोकलाम में टकराव की नौबत आ गई थी लेकिन डॉनल्ड ट्रम्प’ के वहां राष्ट्रपति बनने के बाद रिश्तों में भारी अशांति आ गई है। भारत पर एक किताब की लेखिका और विशेषज्ञ एलीसा एयरस ने सही लिखा है, “आपसी रिश्तों में पिछले कुछ महीनों में नया तनाव आया है और यह जारी रहेगा… दोनों देशों के बीच सब कुछ ठीक-ठाक नहीं […]

हमारी पाकिस्तान नीति क्या है? (What is our policy on Pakistan?)

January 11, 2018 0

यह सवाल पहली बार नहीं उठा। पाकिस्तान को लेकर किसी भी भारतीय सरकार की नीति स्पष्ट नहीं रही। हम कभी आंखें दिखाते हैं तो कभी दोस्ताना पहल करते हैं। कारगिल के खलनायक परवेज़ मुशर्रफ को प्रधानमंत्री वाजपेयी ने आगरा बुलाया पर वह कश्मीर के इलावा और बात करने को तैयार नहीं था इसलिए उसे बेरंग वापिस भेज दिया गया। मोदी लाहौर में नवाज शरीफ को मिलने गए उसके बाद पठानकोट एयरबेस पर हमला हो गया। हाल ही में कुलभूषण जाधव की माता तथा पत्नी के साथ वहां घोर दुर्व्यवहार किया गया। हमारा मीडिया उत्तेजित होकर पाकिस्तान को गालियां निकाल रहा था। सुषमा स्वराज ने संसद में एक और बढ़िया भावनात्मक भाषण दे डाला पर बाद में पता चला कि इस […]