• In Kuwait

इमरान खान की नपुंसक गर्जन (Imran Khan’s Impotent Rage)

September 19, 2019 0

कहते हैं  ‘इश्क ने गालिब निकम्मा कर दिया वरना हम भी आदमी थे काम के।’  जिस तरह इमरान खान आज-कल बड़बड़ा रहें उन्हें न केवल इश्क बल्कि राजनीति ने भी बिल्कुल निकम्मा कर दिया लगता है। इश्क में तो वह कप्तान रहें ही हैं! हाल ही के कुछ सप्ताहों में वह भारत के प्रधानमंत्री तथा भारत के नेतृत्व को  ‘कायर’ ,  ‘हिटलर’ ,  ‘नाजी’, ‘फासीवादी’,  ‘मुस्लिम विरोधी’ कई प्रकार की गालियां निकाल चुके हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की योजना भारत से मुसलमानों के  ‘नस्ली सफाए’ की है। यह उस देश का नेता कह रहा है जहां अल्पसंख्यक धीरे-धीरे लुप्त होते जा रहे हैं। उन्होंने खुद को  ‘कश्मीर का अम्बैसेडर’ घोषित कर दिया है। उन्हें यह भी […]

रिश्तों की नींव हिल गई (Uncertainty in Indo-US Relations)

August 1, 2019 0

अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के अनिश्चित रिश्तों के बारे अपनी किताब में चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों के सलाहकार रहे ब्रूस रीडल लिखते हैं,  “इस क्षेत्र में अमेरिका अपने अधिकतर लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल रहा है। रुज़वैल्ट से लेकर ओबामा तक अधिकतर अमरीकी राष्ट्रपतियों ने पाया कि उपमहाद्वीप में आगे बढ़ना मुश्किल है… इतिहास साक्षी है कि अमेरिकी कदमों ने बुरी स्थिति को बदतर बना दिया था…।” अगर अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने यह किताब पढ़ी होती या अपने सलाहकारों की राय मानी होती तो इमरान खान के साथ अपनी बैठक में कश्मीर में अपनी मध्यस्थता की अनावश्यक पेशकश न कर बैठते। इमरान खान के लिए तो छींका फूटने वाली बात हो गई लेकिन अपनी इस लापरवाही से ट्रम्प […]

पाकिस्तान: चुनौती और मौका (Pakistan: Challenge and Opportunity)

June 13, 2019 0

आज किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दोनों मौजूद रहेंगे। क्या दोनों में मुलाकात होगी? विदेश विभाग के प्रवक्ता रवीश कुमार का कहना है कि  “मेरी जानकारी के अनुसार” दोनों में कोई मुलाकात नहीं होने वाली। यह निराला वाक्य न इस बात का प्रतिवाद करता है और न ही पुष्टि करता है कि बिश्केक में दोनों नेताओं के बीच कुछ होने वाला है। मामला और भी पहेलीनुमा बनता है क्योंकि नए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक महत्वपूर्ण भाषण में कहा है कि भारत को पड़ोस में  ‘उदार नीति’ अपनानी चाहिए और अपने पड़ोसियों से सहयोग के लिए खुद पहल करनी चाहिए। लेकिन पड़ोसियों में तो […]

मसूद : चीन, पाकिस्तान और भारत (Masood: China, Pakistan and India)

May 9, 2019 0

हवा कर रुख क्या है यह उस वकत ही साफ हो गया था जब चीन के महत्वकांक्षी बेलट एंड रोड प्रोजैक्ट के दूसरे शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान के वज़ीर-ए-आजम इमरान खान बीजिंग पहुंचे थे। उनकी आगवानी के लिए वहां कोई मंत्री या अधिकारी मौजूद नहीं था। इमरान भी यह देख कर परेशान नज़र आ रहे थे कि उनकी आगवानी के लिए चीन सरकार ने बीजिंग म्यूनिसिपिल कमेटी की उप सचिव ली फिंग को भेजा था। इमरान खान चीन को ‘लौह-मित्र’ कहते रहे लेकिन बीजिंग में उनका फीका स्वागत बता गया कि चीन पाकिस्तान के सारे बोझ उठाने को अब तैयार नहीं। बाद में जब सभी मेहमानों का चित्र लिया गया तो इमरान खान को दूसरी पंक्ति […]

पाकिस्तान का ‘भारत-चुनाव’ (Pakistan’s Indian Elections)

April 18, 2019 0

पाकिस्तान के हुकमरान को आजकल नींद नहीं आ रही है। भारत में चुनाव हो रहे हैं और वह सटपटा रहें हैं। कौन जीतेगा? कौन जीतेगा? उनके विदेशमंत्री शाह महमूद कुरैशी साहिब ने पहले घोषणा कर दी कि उनकी सरकार के पास विश्वसनीय खुफिया जानकारी है कि भारत 16 से 20 अप्रैल के बीच हमला करेगा फिर उनका कहना था कि भारत 23 अप्रैल को हमला करेगा। लेकिन अपना मज़ाक बनाने में उनके वजीर-ए-आज़म इमरान खान साहिब भी पीछे नहीं हैं। वह कह चुके हैं कि भारत बालाकोट जैसा और हमला कर सकता है। वह रोजाना नरेन्द्र मोदी पर ताबड़तोड़ हमले भी करते आ रहे हैं यहां तक कह दिया कि जब ‘छोटे लोग जब बड़े पदों पर बैठ जाए’ तो […]

आंख में पानी नहीं आग भरो (It Can’t Be Left Unanswered)

February 21, 2019 0

दिल्ली के पालम हवाई अड्डे के टैक्निकल क्षेत्र में पुलवामा में शहीद हुए 40 जवानों के शव रखे हुए थे। उस वक्त एक चैनल ने लता मंगेशकर का मशहूर गाना लगा दिया,”ऐ मेरे वतन के लोगों ज़रा आंख में भर लो पानी।“ बहुत भावुक क्षण था। विपक्ष भी पूरा सहयोग दे रहा था। पुलवामा के बाद देश बदल गया था। शोक में हम इकट्ठे थे और खून सबका खौल रहा था इसलिए मेरा मानना है कि लताजी के इस आइकानिक गाने में अब संशोधन करने की जरूरत है। आज आंख में पानी नहीं आग भरने की जरूरत है। यह 1962 का भारत नहीं जिसे चीन रौंद सका था। वह पराजय एक टूटे, कमज़ोर, बेतैयार और घबराए हुए देश की पराजय […]

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