• In Kuwait

तेरे सामने आसमान और भी है (You Have More Skies To Conquer)

September 12, 2019 0

आजाद भारत के इतिहास में ऐसा रोमांचक क्षण पहले 16 दिसम्बर, 1971 को आया था जब ढाका में पाकिस्तान की सेना ने समर्पण कर दिया और इसके साथ ही बांग्लादेश का युद्ध समाप्त हो गया था। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का रेडियो पर भाषण सुनने के लिए तब देश देर रात तक जागा था। अब यह दूसरा मौका था जब रोमांचित हुआ देश चंद्रयान-2 की पूर्ण सफलता की इंतजार में देर रात तक जागा हुआ था। 7 सितम्बर शनिवार की सुबह 1.50 मिनट पर चारों तरफ उत्साह था। विक्रम लैंडर ने चांद पर अपना उतार शुरू कर दिया था। बड़े स्क्रीन पर हरा बिन्दु निर्धारित लाल रेखा के साथ चल रहा था कि एक मिनट के बाद सब गड़बड़ हो गया। […]

रिश्तों की नींव हिल गई (Uncertainty in Indo-US Relations)

August 1, 2019 0

अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के अनिश्चित रिश्तों के बारे अपनी किताब में चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों के सलाहकार रहे ब्रूस रीडल लिखते हैं,  “इस क्षेत्र में अमेरिका अपने अधिकतर लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल रहा है। रुज़वैल्ट से लेकर ओबामा तक अधिकतर अमरीकी राष्ट्रपतियों ने पाया कि उपमहाद्वीप में आगे बढ़ना मुश्किल है… इतिहास साक्षी है कि अमेरिकी कदमों ने बुरी स्थिति को बदतर बना दिया था…।” अगर अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने यह किताब पढ़ी होती या अपने सलाहकारों की राय मानी होती तो इमरान खान के साथ अपनी बैठक में कश्मीर में अपनी मध्यस्थता की अनावश्यक पेशकश न कर बैठते। इमरान खान के लिए तो छींका फूटने वाली बात हो गई लेकिन अपनी इस लापरवाही से ट्रम्प […]

दो कोरिया के बाद भारत-पाक? (After Koreas Indo-Pak ?)

May 10, 2018 0

कई लोग भावुक हो रहें हैं। जब से उत्तर तथा दक्षिण कोरिया के बीच संबंध बेहतर हुए हैं हमारे यहां तथा पाकिस्तान में भी, कई लोग उत्साह से भारत तथा पाकिस्तान के नजदीक आने के सपने देख रहें हैं। कहा जा रहा है कि भारत 70 वर्षों में विश्व की पांचवीं बड़ी अर्थ व्यवस्था बन सकता है तो अगर भारत तथा पाकिस्तान इकट्ठे होते तो हम दूसरी या तीसरी बड़ी अर्थ व्यवस्था होते। पाकिस्तान में ऐसी आवाजें बहुत उठ रही हैं। अपनी आंतरिक समस्याओं तथा बेचैन माहौल के कारण वहां नैराश्य का वातावरण है। द डॉन अखबार के प्रमुख स्तम्भकार सायरल एलमीडिया ने लिखा है  “आखिर में हमें वह आग ही भस्म करती है जो हमने खुद जलाई हो।“ जुबेदा […]

नेहरू और पटेल (Nehru and Patel)

November 9, 2017 0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शिकायत है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम को इतिहास से मिटाने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री की शिकायत गलत नहीं। जवाहरलाल नेहरू के बाद शास्त्री जी का कार्यकाल अल्पावधि रहा और शासन की बागडोर दशकों नेहरू-गांधी परिवार के हाथ रही इस कारण जिनके भी नेहरू के साथ मतभेद थे उन्होंने उनकी सम्मानीय जगह नहीं दी गई। पटेल, सुभाष बोस, सी. राजगोपालाचारी, अम्बेदकर, अबुल कलाम आजाद सबकी उपेक्षा सत्तारुढ़ ‘डायनेस्टी’ द्वारा की गई। इसका इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है कि जिस महान देशभक्त तथा प्रशासक ने 500 से अधिक रियासतों को इकट्ठा कर भारत संघ में विलय करवाया, पटेल, उन्हें भारत रत्न देर से 1991 में दिया गया। तब तक जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा […]

चीन की वर्ल्ड ड्रीमज़ (China’s World Dreams)

May 18, 2017 0

चीन की वर्ल्ड ड्रीमज़चीन के बारे नैपोलियन ने कहा था कि इसे सोने दो क्योंकि जब वह जाग गया वह दुनिया को हिला कर रख देगा। दो शताब्दियों के बाद यह सोया ड्रैगन न केवल जाग उठा है बल्कि दहाड़ भी रहा है। चीन अब अगला सुपरपॉवर बनने के लिए बड़े कदम उठा रहा है। वह इस वक्त दुनिया का उत्पादन का केन्द्र है। अमेरिका का सबसे बड़ा लेनदार भी है। दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक देश है। उसका 4068 अरब डॉलर का व्यापार अमेरिका के 3724 अरब डॉलर से आगे निकल गया है। वह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था है। उसकी सेना दुनिया की सबसे बड़ी सेना है। सैनिक बजट अमेरिका के बाद सबसे बड़ा है। भारत […]