• Author with Sh. Atal Bihari Vajpayee

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहां हैं? (Where Are They Who Are Proud of India?)

August 16, 2018 0

यह एक अनूठा सफर रहा। हम 71 वर्ष के हो गए। राम प्रसाद बिसमिल जिन्हें 30 वर्ष की आयु में अंग्रेजों ने फांसी दे दी थी कवि भी थे। उन्होंने एक बार लिखा था : इलाही वह दिन भी होगा जब अपना राज देखेंगे, अब अपनी ही ज़मीं होगी, अपना आसमां होगा। अब अपनी जमीन और आसमां को मिले 71 वर्ष से उपर हो गए।  सवाल उठता है कि इसका हमने बनाया क्या है? यह वह देश ही नहीं रहा 1947 में जिसकी आधी जनसंख्या गरीब थी। अब हम सवा सौ करोड़ के हो गए पर कोई पेट भूखा नहीं सोता। हम विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था हैं और जल्द पांचवें पायदान पर होंगे। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने […]

इंदिरा गांधी और नरेन्द्र मोदी (Indira Gandhi and Narendra Modi)

November 29, 2016 0

राजदीप सरदेसाई के साथ इंटरव्यू में सोनिया गांधी का कहना था कि वह इससे सहमत नहीं कि नरेन्द्र मोदी इंदिरा गांधी जैसे ताकतवर नेता हैं। दिलचस्प है कि हमारे बड़े बड़े दबंग पत्रकार जब बड़े नेताओं से बात करते हैं तो उनकी सारी बोलती बंद हो जाती है। अरनब गोस्वामी की नरेन्द्र मोदी के साथ और अब राजदीप सरदेसाई की सोनिया गांधी की इंटरव्यू में भी इंटरव्यू करने वाला बिलकुल दब्बू था। प्रभाव यह दे रहे थे कि अपने सामने बैठे व्यक्ति के आभा मंडल से वह मंत्रमुग्ध हैं। जहां तक इंदिरा गांधी तथा नरेन्द्र मोदी के बीच तुलना का सवाल है दोनों का व्यक्तित्व, पृष्ठभूमि तथा कैरियर अलग अलग हैं। इंदिरा गांधी का जन्म देश के सबसे प्रतिष्ठित परिवारों […]

इंदिरा गांधी की विरासत

November 1, 2014 0

इंदिरा गांधी की विरासत 31 अक्तूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती तथा इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि कुछ विवाद छोड़ गई है। सरकारी तौर पर पटेल की जयंती को धूमधाम से मनाया गया जबकि इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि की उपेक्षा कर दी गई लेकिन मेरा इस विवाद में पडऩे का मकसद नहीं है। आज मैं इंदिरा गांधी की विरासत पर लिखने जा रहा हूं। वह एक सामान्य महिला थी जो जिम्मेवारी मिलने तथा चुनौती का सामना करने के लिए असामान्य बन गईं। बचपन सुखद नहीं था। पिता जवाहरलाल अधिकतर समय जेल में या आजादी के आंदोलन में व्यस्त थे। मां या बीमार थी या बाकी नेहरू परिवार की उपेक्षा की शिकार थी। विशेषतौर पर जवाहरलालजी की बहन विजयलक्ष्मी पंडित […]

‘गांधी-थकावट’ से पीड़ित है यह देश

October 23, 2013 2

 ‘गांधी-थकावट’ से पीड़ित है यह देश कांग्रेस पार्टी अधिकृत तौर पर इस बात का सख्ती से प्रतिवाद कर चुकी है लेकिन कांग्रेस के अंदर से यह आवाज़ उठनी बंद नहीं हो रही कि प्रियंका गांधी वाड्रा को राजनीति के मैदान में उतारा जाए।  इस मांग से दो तीन बीतें निकल रही हैं। एक कि ज़मीनी स्तर पर कांग्रेस के नेता तथा कार्यकर्ता पार्टी की हालत के बारे चिंतित हैं। उन्हें सत्ता की आदत पड़ गई है अब घबराहट है कि यह हाथ से निकल न जाए। दूसरा, वह ‘भईया’ के नेतृत्व से असंतुष्ट हैं। समझ गए हैं कि वे ‘भार’ उठाने में सफल नहीं रहे। राहुल मेहनत बहुत कर रहे हैं देश भर के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कहीं […]