• Author at Kremlin in Moscow

मनमोहन सिंह का रेनकोट (Manmohan Singh’s Raincoat)

February 15, 2017 1

अमेरिका के 33वें राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने कहा था कि अगर आप ताप नहीं सह सकते तो रसोई में कदम मत रखो। अर्थात् अगर आप राजनीति में हैं तो आलोचना और यहां तक कि अपशब्द भी सहने की ताकत आप में होनी चाहिए। कुछ ऐसी ही बात पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने भी कही थी कि राजनीति में मोटी चमड़ी चाहिए और गालियां तक सहने को तैयार रहना चाहिए। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी की पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस का बवाल समझ नहीं आता। अपने प्रतिद्वंद्वियों पर हमला सब राजनीतिक दल करते हैं। विदेशों में भी होता है। कई जगह तो हमसे भी अधिक आक्रामकता और निम्न ढंग से होता है। यहां प्रधानमंत्री मोदी को […]

Mulzim Number 6 -by Chander Mohan

March 14, 2015 0

मुलजि़म नम्बर 6 ओडिशा में बिरला समूह की कम्पनी हिंडालको को तालाबीरा 2 तथा 3 ब्लाक अलॉट करने के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आरोपी बनाते हुए सीबीआई की अदालत ने उन्हें समन जारी किए हैं। इस मामले में वह मुलजि़म नम्बर 6 होंगे। भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने अपने 75 पृष्ठ के आदेश में लिखा है कि प्रथम दृष्टया यह प्रमाण हैं कि मनमोहन सिंह उस साजिश का हिस्सा थे जिसमें सरकारी कम्पनी नेवेली से छीन कर कोयला ब्लाक हिंडालको को सौंप दिया गया जिससे नेवेली ओडिशा में अपना पावर प्लांट कायम करने में असफल रही और हिंडालको को बहुत फायदा हुआ। उनके अलावा और भी लोग अपराधी बनाए गए हैं जिनमें कुमार मंगलम बिरला तथा पूर्व कोयला […]

झटके खाती विदेश नीति

September 28, 2013 0

झटके खाती विदेश नीति प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना है कि जम्मू क्षेत्र में दोहरे आतंकी हमलों के बावजूद न्यूयार्क में नवाज शरीफ के साथ उनकी वार्ता रद्द नहीं की जाएगी। नवाज शरीफ जब से प्रधानमंत्री बने हैं भारत के साथ संबंध बेहतर करने की बात कह रहे हैं इसलिए इस अति गंभीर परिस्थिति में भी वार्ता रद्द न कर प्रधानमंत्री ने गलत नहीं किया। अगर अब वार्ता रद्द की जाती तो इसका मतलब आतंकियों को भारत-पाक संबंधों पर वीटो का अधिकार देने के बराबर होता। वह हर बार बातचीत से पहले कोई न कोई बड़ी घटना कर देते जिसके बाद भारत गुस्से में वार्ता की मेज़से हट जाता। शीतयुद्ध के दौरान भी अमेरिका तथा सोवियत यूनियन आपस में बात […]

मनमोहन II और बादल II

August 27, 2013 1

मनमोहन II और बादल II पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार अक्सर हर मामले पर अपनी मुसीबत के लिए केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार को कोसती रहती है पर देखा जाए तो दोनों सरकारों के कामकाज में काफी समानता है। डा. मनमोहन सिंह की पहली सरकार ने अच्छा काम किया था। देश की विकास की दर तेज हुई और हमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत इज्जत मिली। देश में आशा का माहौल था जिस कारण 2009 में लोगों ने यूपीए को दोबारा सत्ता में आने का मौका दिया। इसका बड़ा श्रेय खुद मनमोहन सिंह को जाता है क्योंकि मिडल क्लास तब उनकी दीवानी थी। लेकिन दूसरी बार यूपीए सरकार का प्रदर्शन शोचनीय रहा और सरकार भ्रष्टाचार, घपलों और गिर रही आर्थिक […]