• Author with Sh. Atal Bihari Vajpayee

अबकी बार किस की सरकार? (Whose Government This Time?)

January 10, 2019 0

‘चोर’ – ‘चोर’ ,  ‘झूठा’ – ‘झूठा’ ,  ‘इस्तीफा दो’ – ‘इस्तीफा दो ‘। हम भारत के लोकतंत्र का जलूस निकलता देख रहें हैं। संसद में कागज़ के विमान चल चुके हैं गनीमत है कि अभी तक मामला धक्का-मुक्की या मार-पिटाई तक नहीं पहुंचा। पहले लोकसभा अध्यक्षों की ही तरह वर्तमान अध्यक्षा भी अराजक तत्वों के सामने बेबस नज़र आतीं हैं। बहुत पहले गद्दर पार्टी के नायक लाला हरदयाल ने ठीक ही कहा था कि  ‘पगड़ी अपनी संभालिएगा मीर, और बस्ती नहीं यह दिल्ली है!’   दिल्ली किसी की सगी नहीं। लेकिन दिल्ली में क्या होता है इसकी कहानी 555 किलोमीटर दूर लखनऊ में भी लिखी जा रही है जहां बुआ-भतीजे का गठबंधन हो रहा है। उत्तर प्रदेश देश को 80 […]

मायावती, मंज़िल और मजबूरी (Mayawati, Ambition and Limitation)

October 11, 2018 0

2014 के आम चुनाव में मायावती की बसपा को एक भी सीट नहीं मिली थी। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी बसपा का प्रदर्शन कमज़ोर रहा था तथा पार्टी को मात्र 19 सीटें ही मिली थीं। पिछले वर्षों में बसपा का ग्राफ तेजी से गिरा है। पांच सालों में बसपा ने 2021 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन केवल 32 सीटें ही जीत पाई। आठ राज्यों में वह अपना खाता भी नहीं खोल पाई। लोकसभा चुनावों में पार्टी ने 503 उम्मीदवार खड़े किए, एक भी जीत नहीं सका। 99 प्रतिशत उम्मीदवार तो जमानत तक नहीं बचा सके। जिन तीन प्रदेशों में चुनाव होने जा रहे हैं उनमें पिछली बार मध्यप्रदेश में बसपा को छ: प्रतिशत, राजस्थान में तीन […]

जब दरिया रुख बदलता है (When River Changes Course)

June 7, 2018 0

पिछले कुछ महीने मोदी सरकार तथा भाजपा के लिए अच्छे नहीं रहे। गोरखपुर तथा फूलपुर के बाद उत्तर प्रदेश में कैराना तथा नूरपुर की सीटें भाजपा द्वारा हारना बताता है कि पार्टी तेजी से ज़मीन खो रही है और इस बात की संभावना नहीं कि 2019 में भाजपा 2014 दोहरा सकेगी। अब तक के 27 संसदीय उप चुनावों में से भाजपा केवल 5 जीत सकी है और उसने 8 खो डालें है। इनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी तथा उप मुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्या की भी सीटें हैं और उत्तर प्रदेश वह प्रदेश है जिसने 2014 में भाजपा को 71 सीटें दी थी। मोदी ब्रैंड जिसने देश को चकाचौंध कर दिया था अब फीका पड़ रहा है। ठीक है कैराना […]

संजय कुमार जातव की बारात (Dalit Angst)

April 19, 2018 0

बिना उत्तेजना दिए, बिना किसी को गाली दिए, बिना कहीं आग लगाए यह दलित नौजवान पूर्वाग्रहों से लडऩे की देश के आगे बढ़िया मिसाल कायम कर गया है। संजय कुमार जातव की शादी इस महीने के अंत में है। वह जिस रास्ते से अपनी बारात ले जाना चाहता था उस रास्ते में ठाकुरों के घर पड़ते थे जो शताब्दियों पुराने पूर्वाग्रह में इस बारात के प्रवेश का विरोध कर रहे थे। संजय कुमार हाईकोर्ट तक भी गया कि यह उसके ‘सम्मान’ का मामला है पर दुर्भाग्यवश वहां से भी मदद नहीं मिली। उसने यह वायदा भी किया था कि उसकी बारात पूरी गरिमायुक्त होगी, कोई शराब नहीं पीएगा, कोई हथियार नहीं रखेगा और कुछ आपत्तिजनक नहीं कहा जाएगा। जिला प्रशासन […]