• Author at Kremlin in Moscow

मुलाकात हुई क्या बात हुई (The Wuhan Meeting)

May 3, 2018 0

डोकलाम में भारत-चीन के बीच 72 दिन के टकराव के खत्म होने के ठीक आठ महीने के बाद भारत और चीन के नेता चीन के चित्रमय खूबसूरत शहर वुहान के बागों में सैर कर रहे थे और झील में किश्ती पर बैठ कर चाय पर चर्चा हो रही थी। डोकलाम टकराव के दौरान चीन के सरकारी मीडिया ने तो युद्ध की धमकी तक दे दी थी और उनकी सेना के प्रवक्ता ने भारत को चेतावनी दी थी कि वह ”1962 के युद्ध का सबक भूल गया है” लेकिन अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग प्रधानमंत्री मोदी से “रिश्तों में नए अध्याय” शुरू करने की बात कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जून में फिर चीन जा रहे […]

चीन और न्यू इंडिया (China and New India)

September 14, 2017 0

धीरे-धीरे आगे बढ़ने के बारे घबराने की जरूरत नहीं। घबराहट एक जगह स्थिर खड़े रहने के बारे होनी चाहिए। – चीनी मुहावरा डोकलाम पर विवाद फिलहाल शांत हो गया है। दोनों भारत तथा चीन की सेनाएं पुरानी जगह पर पहुंंच चुकी हैं। चीन ने सडक़ बनाने का प्रयास छोड़ दिया। चीन का कहना था कि अगर कोई विवाद है तो भूटान के साथ है पर आखिर उन्हें मामला भारत के साथ निबटाना पड़ा। टाईम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार खुद चीनी अधिकारियों ने वहां स्थित भारतीय राजदूत विजय गोखले से सम्पर्क स्थापित किया था। गोखले उस वक्त हांगकांग में थे। उनसे निवेदन किया गया कि वह तत्काल बीजिंग आ जाएं। उनके सुबह 2 बजे वापिस पहुंचने के बाद बातचीत […]

बाहुबली (Bahubali)

May 25, 2017 0

अपनी सरकार की तीसरी वर्षगांठ पर मोदी सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय अदालत में कुलभूषण जाधव मामले में देश को बढ़िया गिफ्ट दिया है। गिफ्ट बनता भी है। जिस तरह देश की जनता नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार अपना विश्वास प्रकट करती जा रही है, यहां तक कि उन्होंने नोटबंदी का कड़वा घूंट भी अधिक शिकायत किए बिना पी लिया, उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी तथा उनकी सरकार की भी जिम्मेवारी बनती है कि वह जनता की आशाओं को पूरा करने में दिन-रात लगा दे। ऐसा आभास भी मिल रहा है। कुलभूषण मामले में अभी लम्बी लड़ाई नजऱ आती है क्योंकि पाक सेना जिसने यह मुद्दा बनाया है, वह जल्द हार नहीं मानेगी। लेकिन विश्वास जरूर है कि हमारी सरकार उनकी रिहाई […]

इंदिरा गांधी और नरेन्द्र मोदी (Indira Gandhi and Narendra Modi)

November 29, 2016 0

राजदीप सरदेसाई के साथ इंटरव्यू में सोनिया गांधी का कहना था कि वह इससे सहमत नहीं कि नरेन्द्र मोदी इंदिरा गांधी जैसे ताकतवर नेता हैं। दिलचस्प है कि हमारे बड़े बड़े दबंग पत्रकार जब बड़े नेताओं से बात करते हैं तो उनकी सारी बोलती बंद हो जाती है। अरनब गोस्वामी की नरेन्द्र मोदी के साथ और अब राजदीप सरदेसाई की सोनिया गांधी की इंटरव्यू में भी इंटरव्यू करने वाला बिलकुल दब्बू था। प्रभाव यह दे रहे थे कि अपने सामने बैठे व्यक्ति के आभा मंडल से वह मंत्रमुग्ध हैं। जहां तक इंदिरा गांधी तथा नरेन्द्र मोदी के बीच तुलना का सवाल है दोनों का व्यक्तित्व, पृष्ठभूमि तथा कैरियर अलग अलग हैं। इंदिरा गांधी का जन्म देश के सबसे प्रतिष्ठित परिवारों […]

असली कहानी बदलते भारत की है (The Real Story is of Changing India)

October 4, 2016 0

भारत के संयम का बांध आखिर टूट गया। अगर जवाब नहीं दिया जाता तो सरकार तथा सेना दोनों की विश्वसनीयता पर चोट पहुंचती। 28-29 सितम्बर 2016 निर्णायक दिन रहेंगे। नियंत्रण रेखा पार कर तथा पाक अधिकृत कश्मीर के अंदर जाकर उन्हें ठोंकने की कार्रवाई बताती है कि देश, सरकार तथा सेना की बर्दाश्त खत्म हो रही है। पाकिस्तान समझता रहा कि भारत एक बनिया-ब्राह्मण सॉफ्ट स्टेट है, कुछ देर गर्जेगा फिर शांत हो जाएगा। उन्हें मालूम नहीं था कि यह नया आश्वस्त भारत है और यह सरकार वहां तक जाने की इज़ाजत देगी जहां 1971 के बाद किसी भारतीय सरकार ने जाने की इज़ाजत नहीं दी। 1999 में कारगिल युद्ध के समय भी प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सेना को […]

थोड़ा है थोड़े की ज़रूरत है (Thoda He Thoda Ki Zaroorat He)

August 16, 2016 0

शहीद राम प्रसाद बिस्मल जिन्हें 19 दिसम्बर 1927 में फांसी दी गई थी, ने लिखा था, कभी वह दिन भी आएगा जब अपना राज होगा, जब अपनी ही जमीं होगी और अपना आसमां होगा! अब जबकि देश आजादी के सात दशक पूरे कर रहा है देखने की जरूरत है कि हमने अपनी जमीं और अपने आसमां का बनाया क्या है? इसमें कोई शक नहीं कि देश ने बेहद तरक्की है। बाहर के लोग पूछते हैं कि अगला सुपर पावर कौन है, चीन या भारत? इस वक्त हमारी अर्थव्यवस्था योरूप की अर्थव्यवस्था से चार गुणा तेजी से बढ़ रही है और 2030 के दशक में हम यूरोपियन यूनियन की अर्थव्यवस्था को मात दे देंगे। 2050 तक हमारी अर्थव्यवस्था यूरोपियन यूनियन से […]

1 2