• Author at Kremlin in Moscow

नेहरू और पटेल (Nehru and Patel)

November 9, 2017 0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शिकायत है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम को इतिहास से मिटाने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री की शिकायत गलत नहीं। जवाहरलाल नेहरू के बाद शास्त्री जी का कार्यकाल अल्पावधि रहा और शासन की बागडोर दशकों नेहरू-गांधी परिवार के हाथ रही इस कारण जिनके भी नेहरू के साथ मतभेद थे उन्होंने उनकी सम्मानीय जगह नहीं दी गई। पटेल, सुभाष बोस, सी. राजगोपालाचारी, अम्बेदकर, अबुल कलाम आजाद सबकी उपेक्षा सत्तारुढ़ ‘डायनेस्टी’ द्वारा की गई। इसका इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है कि जिस महान देशभक्त तथा प्रशासक ने 500 से अधिक रियासतों को इकट्ठा कर भारत संघ में विलय करवाया, पटेल, उन्हें भारत रत्न देर से 1991 में दिया गया। तब तक जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा […]

कैसे बनेगा ‘न्यू इंडिया’? (Is ‘New India’ Possible?)

August 17, 2017 0

यह लेख मैं 15 अगस्त को लिख रहा हूं। प्रधानमंत्री मोदी लाल किले से अपना चौथा भाषण दे हटें हैं। प्रधानमंत्री का भाषण अच्छा था लेकिन पिछले भाषणों जैसा प्रभावशाली नहीं था। इस देश को संभालने तथा वायदे पूरे करने का बोझ किसी को भी थका सकता है। उन्होंने 2022 तक ‘न्यू इंडिया’ लाने की बात कही। क्या यह संभव हो सकेगा? यह स्वतंत्रता दिवस है भी ऐतिहासिक क्योंकि हम अपनी आजादी के सात दशक पूरे कर गए हैं। इसी आजादी के बारे राम प्रसाद बिस्मिल जिन्हें दिसम्बर 1927 में फांसी दी गई थी, ने लिखा था, कभी वह दिन भी आएगा जब अपना राज देखेंगे, जब अपनी ही जमीं होगी और अपना आसमां होगा! अब 70 वर्ष से अपनी जमीन […]

थोड़ा है थोड़े की ज़रूरत है (Thoda He Thoda Ki Zaroorat He)

August 16, 2016 0

शहीद राम प्रसाद बिस्मल जिन्हें 19 दिसम्बर 1927 में फांसी दी गई थी, ने लिखा था, कभी वह दिन भी आएगा जब अपना राज होगा, जब अपनी ही जमीं होगी और अपना आसमां होगा! अब जबकि देश आजादी के सात दशक पूरे कर रहा है देखने की जरूरत है कि हमने अपनी जमीं और अपने आसमां का बनाया क्या है? इसमें कोई शक नहीं कि देश ने बेहद तरक्की है। बाहर के लोग पूछते हैं कि अगला सुपर पावर कौन है, चीन या भारत? इस वक्त हमारी अर्थव्यवस्था योरूप की अर्थव्यवस्था से चार गुणा तेजी से बढ़ रही है और 2030 के दशक में हम यूरोपियन यूनियन की अर्थव्यवस्था को मात दे देंगे। 2050 तक हमारी अर्थव्यवस्था यूरोपियन यूनियन से […]

Netaji ka Ruhasya

April 18, 2015 0

नेताजी का रहस्य 18 अगस्त 1945 को ताईवान के तिहोकु हवाई अड्डे पर विमान दुर्घटना में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की ‘मौत’ तब से ही रहस्य रही है क्योंकि बहुत लोग हैं जो मानते हैं कि (1) उस विमान में बोस थे ही नहीं, (2) हादसा हुआ ही नहीं, (3) वह हादसे में बच निकले थे। चर्चा रही है कि वह रूस पहुंच गए जहां स्टालिन ने उन्हें कैद कर लिया था। यह भी चर्चा है कि उन्होंने जानबूझ कर अपनी मौत की अफवाह फैला दी थी। कई कहते रहे कि वह संन्यासी बन कर हिमालय में चले गए थे। कहा गया कि वह 1985 तक जीवित रहे और उनके अनुयायी उन्हें ‘भगवानजी’ के नाम से जानते थे। उनके किसी […]