• Author at Kremlin in Moscow

आया कुमार, गया कुमार (Aya Kumar Gaya Kumar)

August 3, 2017 0

हमारे राजनेता कितने अवसरवादी हैं और उनकी अंतरात्मा कितनी लचीली है इसका एक बार फिर प्रमाण उन नीतीश कुमार ने दे दिया जिन्हें कभी कुछ लोग 2019 में नरेंद्र मोदी का विकल्प समझते थे। लेकिन इस मौसम के मुर्गे ने दीवार पर लिखा अच्छी तरह से पढ़ लिया कि विपक्ष के कथित महागठबंधन का कोई भविष्य नहीं और उन्हीं नरेंद्र मोदी तथा उसी भाजपा के सामने समर्पण कर दिया जिन्हें कभी वह गालियां दिया करते थे यहां तक कि अपने घर बुला कर भाजपा के नेताओं का भोज रद्द कर दिया क्योंकि इसमें तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होने वाले थे। आज उसी भाजपा के समर्थन से वह बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं जिस पर कहा […]

ए सैक्यूलरवाद, तेरे नाम पर क्या क्या अपराध किए जाते हैं! (Secularism, What Crimes are Committed in Thy Name)

July 13, 2017 0

किस्सा फ्रांस की क्रांति से जुड़ा है। 1789 में जब यह शुरू हुई तो मैडम रोलांड तथा उनके पति क्रांतिकारियों के प्रमुख तथा प्रभावशाली सदस्य थे लेकिन बाद में एक उग्रवादी गुट हावी हो गया। हजारों को कैद कर लिया गया और हजारों को ही मौत के घाट उतार दिया गया। मैडम रोलांड को पर्याप्त क्रांतिकारी नहीं समझा गया और 8 नवम्बर 1793 को उन्हें सर काटने की मशीन गिलोटीन पर भेज दिया गया। जब मैडम रोलांड को ले जाया जा रहा था तो रास्ते में पेरिस के क्रांतिकारी चौराहे पर आजादी की मूर्ति लगी हुई थी। उसकी तरफ उदासी से देखते हुए मैडम रोलांड ने यह शब्द कहे जो आज तक याद किए जाते हैं, O LIBERTY WHAT  CRIMES ARE […]

दिल्ली अभी दूर है (Dilli Abhi Door He)

April 26, 2016 0

‘संघ मुक्त भारत’ का आह्वान देकर नीतीश कुमार ने अभी से 2019 के लिए अपनी महत्वकांक्षा की ऊंची घोषणा कर दी है। वह चाहते हैं कि संघ, अभिप्राय नरेन्द्र मोदी तथा भाजपा से है, को हराने के लिए एक महागठबंधन बनाया जाए जिसका नेतृत्व (और कौन?) वह खुद करें। ‘संघ मुक्त भारत’ कैसा होगा? यह कोई राजनीतिक दल नहीं। और जिस संघ की देश भर में 57,000 शाखाएं हैं उससे मुक्ति नीतीशजी को कैसे मिलेगी? 1967 में राम मनोहर लोहिया ने कांग्रेस के खिलाफ ऐसा महागठबंधन बनाने का प्रयास किया था। लोहिया का कांग्रेस विरोधी गठबंधन स्थायी नहीं रहा था। मोरारजी देसाई, वीपी सिंह, चन्द्रशेखर, देवेगौड़ा और इन्द्र कुमार गुजराल की सरकारें लड़खड़ातीं और अंतरविरोध से भरी हुई थीं इसलिए […]

Narendra Modiji humara Pradhan Mantri lotta do

November 10, 2015 0

नरेन्द्र मोदीजी, हमारा प्रधानमंत्री लौटा दो पहला संकेत उस वक्त मिल गया था कि भाजपा के लिये बिहार विधानसभा में सब कुछ सही नहीं चल रहा जब अध्यक्ष अमित शाह ने यह कहा था कि ‘गलती से अगर हम हार गये तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे।’ यह इस चुनाव की सबसे दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणी थी। अब बिहार में पटाखे फूट रहे हैं और लोगों ने अमित शाह का ही पटाखा बना दिया। जो चुनाव विकास के मुद्दे से शुरू हुआ था उसका अंत पाकिस्तान तथा गाय के पोस्टर से हुआ। अफसोस है कि इस चुनाव अभियान मेें प्रधानमंत्री के पद का भी अवमूल्यन किया गया। नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। हमने उन्हेें देश के विकास के लिये चुना था लेकिन […]

टोपी में क्या रखा है?

August 20, 2013 4

टोपी में क्या रखा है? शेक्सपीयर ने कहा था कि नाम में क्या रखा है पर अगर वे आज के भारत को देखते तो जरूर पूछते है कि टोपी में क्या रखा है? मामला अभिनेता रजा मुराद की टिप्पणी से भड़क गया जब ईद के मौके पर भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिन्होंने मुस्लिम टोपी पहनी हुई थी की मौजूदगी में रजा मुराद ने नसीहत दे डाली कि शिवराज सिंह चौहान टोपी डालते हैं और दूसरे मुख्यमंत्रियों को इनसे सीख लेनी चाहिए। रजा मुराद का यह भी कहना था कि अगर टॉप पर रहना है तो टोपी पहननी पड़ेगी। ‘जो लोग खुद को प्रधानमंत्री पद का दावेदार समझते हैं उन्हें शिवराज से सीख