• In Kuwait

मुद्दा तो है, पर है नहीं (An Issue That Should Be There)

March 21, 2019 0

चुनाव के शोर-शराबे, गाली-गलौच और आरोप-प्रत्यारोप में कई महत्वपूर्ण मुद्दे औझल हो गए हैं और राजनीति का बेसुरापन हॉवी हो गया है। मेरा अभिप्राय देश में बढ़ते प्रदूषण से है जो बुरी तरह से सेहत और कई मामलों में जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। प्रकाश सिंह बादल जब मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने पंजाब के बारे कहा था कि “न साडा पानी साफ, न साडी हवा साफ और न ही साडा खाना साफ।“ और बादल तो देश के एक प्रमुख प्रगतिशील प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। अफसोस है कि देश में फैलते प्रदूषण के बारे कोई भी पार्टी या नेता प्रमुखता से बात नहीं कर रहा। उत्तराखंड में पर्यावरण से छेड़छाड़ की हम बहुत कीमत चुका हटे हैं लेकिन कोई सबक […]

दिवाली पर बम और पटाखे (Bombs and Crackers of Diwali)

October 19, 2017 0

भारतीय जनता पार्टी के लिए दिवाली की शुरूआत अच्छी नहीं रही। जिस गुरदासपुर से 2014 में भाजपा के विनोद खन्ना 1.36 हजार से विजयी रहे थे वहां इस बार पार्टी दो लाख से हार गई। यह हार किसी बम गिरने से कम नहीं। भाजपा की पराजय के कई कारण हैं। उनके उम्मीदवार की छवि संदिग्ध है। पूर्व अकाली मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह पर रेप का मामला दर्ज होने से अकाली दल उस क्षेत्र में बहुत बदनाम है। पंजाब भाजपा के पास न कोई नेता हैं और न ही किसी को उभरने ही दिया गया। दिल्ली का रवैया उपेक्षापूर्ण रहा है और पार्टी को अकालियों के पास गिरवी रख दिया गया। लेकिन असली कारण और है। लोग विशेष तौर पर कारोबारी, […]

दिल्ली का शर्मनाक पतन (The Shameful Fall of Delhi)

November 8, 2016 0

जस वक्त दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक पूर्व सैनिक की आत्महत्या को भुनाने में लगे हुए थे दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर से बहुत पार कर गया था। यह पिछले 17 साल में सबसे खतरनाक स्तर पर है। सारा एनसीआर क्षेत्र ही जहरीली चादर से ढका प्रतीत होता है। लोगों का दम घुट रहा है। सुरक्षित से 12 गुणा खतरनाक स्तर तक प्रदूषण है। पहले कहा जा रहा था कि दिल्ली में सांस लेने वालों के अंदर रोजाना 20 सिगरेट के बराबर विषैला धुआं जा रहा है, अब बताया जा रहा है कि यह 40 सिगरेट के बराबर है। हवा इतनी जहरीली बन चुकी है कि घरों के अंदर भी कइयों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। […]

प्रदूषित दिल्ली : अब तो नखरे छोड़ो (Pradooshit Dilli : Ab to Nukhre Choro)

December 23, 2015 0

दिल्ली में प्रदूषण की मात्रा के हर सभ्य मापदंड से ऊपर निकल जाने के बाद तथा बड़ी अदालत द्वारा शहर को ‘गैस चैम्बर’ कहे जाने के बाद कुछ हरकत नज़र आ रही है। दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली में एक-एक दिन छोड़ कर सम-विषम के नम्बर के वाहन चलाए जाएंगे तो दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में नए डीजल वाहन की रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है। पर अपनी आरामपरस्त जिन्दगी के आदी दिल्ली वाले प्रदूषण से बचने के लिए अपने लाइफ स्टाइल में कोई भी कुर्बानी देने को तैयार नहीं। चारों तरफ विरोध हो रहा है। केजरीवाल सरकार के कदम को ‘तुगलकी फरमान’ कहा जा रहा है। लेखक चेतन भगत […]