• Author at Kremlin in Moscow

उड़ता पंजाब, गिरता पंजाब (The Fall of Punjab)

May 31, 2018 0

फिल्म बनी थी ‘उड़ता पंजाब’। अब फिल्म बननी चाहिए ‘गिरता  पंजाब’। पंजाब जो कभी देश का नंबर 1 प्रांत था, नशा, अपराध, उग्रवाद, प्रशासनिक उदासीनता और राजनीतिक भ्रष्टाचार के कारण अब एक गिरता हुआ प्रांत है। 2013 और 2017 के बीच उत्तर प्रदेश तथा केरल के साथ पंजाब सबसे कम विकास करने वाला प्रदेश था। पंजाब की विकास की दर बिहार से भी कम है। पश्चिमी बंगाल के साथ पंजाब सबसे कर्जदार प्रदेश है। रोजगार है नहीं जिसके कारण बड़ी संख्या में युवा विदेश भागने का कानूनी और गैर कानूनी प्रयास करते रहते हैं। इस वक्त एक अति गंभीर मामला सामने आया है जिससे प्रदेश के पर्यावरण को भारी क्षति पहुंची है। बटाला के कीड़ी अफगान स्थित शूगर मिल से […]

डॉलर के जाल में फंसे कबूतर (False Dollar Dreams)

April 12, 2018 0

पंजाब ग़मगीन है। जब से इराक में मारे गए 39 भारतीयों, जिनमें 27 पंजाबी हैं, के अंग-भंग शव लाए गए हैं तब से हर घर में इसकी चर्चा है क्योंकि यह त्रासदी सब को छूती है। जिसे पंजाब में ‘कबूतरबाजी’ अर्थात इंसानी तस्करी या गैर कानूनी ढंग से बाहर भेजना कहा जाता है, यह धंधा हजारों पंजाबी घरों को छूता है। बेरोजगारी, ड्रग्स तथा भ्रष्टाचार ने कभी देश के 1 नंबर रहे प्रांत का हुलिया बिगाड़ दिया है। खेती लाभकारी नहीं रही। सरकारी नौकरियां सीमित हैं तथा आरक्षण ने उन्हें और सीमित कर दिया जिस कारण जो बाहर निकल सकता है वह सही या गलत कोशिश कर रहा है। कई कामयाब हो भी जाते हैं पर कई इराक में मारे […]

वह हमारा सज्जन नहीं (He Not Our ‘Sajjan’)

April 19, 2017 0

कैनेडा के रक्षामंत्री हरजीत सिंह सज्जन ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह के इस आरोप का जवाब नहीं दिया कि वह खालिस्तानी समर्थक हैं। कैनेडा की सरकार ने अवश्य अमरेंद्र सिंह के बयान को ‘निराशाजनक’ कहा है जबकि सज्जन का कहना है कि उनका सारा ध्यान भारत तथा कैनेडा के रिश्तों को मज़बूत करने पर ही लगेगा। लेकिन उल्लेखनीय है कि वहां खालिस्तान समर्थकों पर रोक लगाने का कैनेडा की सरकार ने कभी प्रयास नहीं किया। लेकिन उनकी यात्रा विवाद में तो आ गई है क्योंकि अमरेंद्र सिंह ने सज्जन की पंजाब यात्रा के दौरान उनसे मिलने से इंकार कर दिया है। पंजाब में आमतौर से यह परम्परा रही है कि जो पंजाबी मूल के बड़े लोग अमेरिका या कैनेडा […]

शिकारी खुद शिकार हो गया! (The Hunter is Hunted)

September 6, 2016 0

आप से दुत्कारे नवजोत सिंह सिद्धू ने अपना आवाज-ए-पंजाब मोर्चा बना लिया है। इस मोर्चे में शामिल वह चार लोग हैं जिनकी बादल विरोधी छवि है। अभी तक कोई स्पष्टता नहीं कि पार्टी की विचारधारा क्या होगी, कौन इसके सदस्य होंगे? इतने कम समय में संगठन कैसे खड़ा होगा? 117 सीटों पर उम्मीदवार कहां से आएंगे? साधन कहां हैं? आदत के अनुसार सिद्धू दम्पति मामले को लटकाए रखे हुए है। घोषणा किश्तों में की जाती है पर ऐसी सिद्धू दम्पति की राजनीति है। वह सब कुछ रहस्यमय रखना पसंद करते हैं। अभी तो इनका भविष्य अनिश्चित नजर आता है। एक समय मनप्रीत बादल की भी बड़ी अच्छी छवि थी। जब उन्होंने अकाली दल छोड़ा तो समझा गया कि पंजाब की […]

उड़ता सिद्धू (Udta Sidhu)

July 26, 2016 1

    दो महीने पहले भाजपा को अपनी मां कहने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी को छोड़ गए हैं। कसमें खाने के बाद लोग मुकर जाते हैं। राजनीतिक मजबूरी में भी लोग बदल जाते हैं यह बात तो समझ अाती है लेकिन यह नहीं समझ अाता कि तीन महीने पहले सिद्धू ने राज्यसभा का मनोनयन क्यों स्वीकार किया था अगर उन्होंने इसे छोड़ना ही था? यह उन लोगों से विश्वासघात है जिन्होंने उसे इस काबिल समझा और खुद महामहिम राष्ट्रपति के पद का अनादर है जिन्होंने उनका मनोनयन किया। यह तो साफ है कि उन्होंने अकाली-भाजपा के साथ अपने सारे पुल साढ़ लिए हैं। उनकी पत्नी कह चुकी हैं कि लालबत्ती वाली गाडि़यों में ड्रग्स जाते हैं। खुद सिद्धू […]

Punjab bechean kyon he

June 23, 2015 0

पंजाब क्यों बेचैन है? आनंदपुर साहिब के 350वें स्थापना दिवस का समारोह धार्मिक उत्साह के साथ सम्पन्न हो गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नहीं आए। बताया गया कि तंजानिया के राष्ट्रपति की यात्रा के कारण वह व्यस्त थे पर अखबारों में छपा है कि वह अकाली दल की दिशा को लेकर खिन्न हैं इसलिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के व्यक्तिगत अनुरोध के बावजूद नहीं पहुंचे। बेहतर होता कि वह आते। आनंदपुर साहिब का देश के इतिहास में विशेष स्थान है जो राजनीतिक मतभेदों से ऊपर होना चाहिए। यह नहीं कि केन्द्र या भाजपा की अकाली नेतृत्व के प्रति शिकायतें जायज़ नहीं हैं। क्योंकि विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं इसलिए अकाली नेतृत्व में हताशा अधिक नज़र आ रही है। लोगों को […]

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