संदेशवाहक को मत मारो

February 28, 2014 Chander Mohan 0

संदेशवाहक को मत मारो चुनाव नजदीक है, कांग्रेस की हालत बहुत अच्छी नहीं लगती इसलिए पार्टी के बड़े नेता बहक रहे हैं। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे जो कभी महाराष्ट्र में दरोगा रह चुके हैं ने बौखलाते हुए मीडिया को दरोगा वाली भाषा में धमकाना शुरू कर दिया है। उन्होंने एलैक्ट्रॉनिक मीडिया को कुचलने तक की धमकी दे दी। शिंदे की धमकी थी कि ‘खुफिया विभाग मेरे पास है और मैं जानता हूं कि यह सब कौन कर रहा है।’ आलोचना के बाद अवश्य शिंदे ने कुछ बदलने का प्रयास किया। अब उनका कहना है कि वे सोशल मीडिया के बारे बात कर रहे थे उनकी बात का संबंध एलैक्ट्रॉनिक मीडिया से बिल्कुल नहीं था जबकि शोलापुर में जो उन्होंने कहा […]

इंसाफ़ का लतीफ़ा बन रहा है

February 25, 2014 Chander Mohan 0

इंसाफ का लतीफा बन रहा है अब तो सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है पर तमिलनाडु सरकार का राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई का फैसला निंदनीय है। सुप्रीम कोर्ट ने जिस दिन दया याचिका के निपटारे में देरी को लेकर उनकी सजा को आजीवन कारावास में बदला उसी के अगले दिन जयललिता की सरकार ने उन्हें रिहा करने का फैसला कर दिया। न फाईल देखी न दस्तावेज की जांच की गई न ही केंद्र से सलाह ली गई। मुझे तो सुप्रीम कोर्ट का फैसला ही समझ नहीं आया। अदालतों में वर्षों मामले लंबित रहते हैं। क्या इन्हें भी ‘देरी’  का औचित्य बता कर खत्म कर दिया जाएगा? कुछ सामाजिक संगठन भी दलील दे रहे हैं कि क्योंकि दया […]

कैसा देश संभाला था, डॉ. साहिब, कैसा बना दिया?

February 19, 2014 Chander Mohan 1

कैसा देश संभाला था, डॉ. साहिब, कैसा बना दिया? भारत की आज़ादी का तीखा विरोध करते हुए ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विसंटन चर्चिल ने ब्रिटिश संसद में कहा था, ‘सत्ता बदमाशों, धूर्तों तथा मुफ्तखोरों के हाथ आ जाएगी.. वे एक-दूसरे के साथ लड़ते रहेंगे और भारत राजनीतिक कलह में खो जाएगा।’ पिछले वीरवार को अलग तेलंगाना बनाने के मुद्दे को लेकर संसद में जो कुछ हुआ वह क्या चर्चिल के शब्दों को सही साबित नहीं कर रहा? एक हमला हमारी संसद पर दिसंबर 2001 में आतंकवादियों ने किया यह दूसरा हमला सांसदों ने ही संसद पर कर दिया। राज्यमंत्री राजीव शुक्ला कह रहे हैं कि यह सांसदों की हत्या का प्रयास था। क्या हमने इसलिए इन्हें वोट दिए थे कि […]

जमाना झुकता है झुकाने वाला चाहिए

February 17, 2014 Chander Mohan 0

ज़माना झुकता है झुकाने वाला चाहिए आखिर अमेरिका को नरेंद्र मोदी के प्रति अपना रवैया बदलना ही पड़ा। 2005 में गुजरात दंगों के कारण ‘धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन’ की शिकायत पर मोदी का वीज़ा रद्द कर दिया गया था। उल्लेखनीय है कि दंगे 2002 में हुए अमेरिका की अंतरात्मा को तड़पने में तीन साल क्यों लग गए? अगर इन दंगों पर उन्हें तकलीफ थी तो तत्काल प्रतिक्रिया की जाती लेकिन तीन साल के बाद अचानक अमेरिका के कथित सिद्धांत उसे तड़पाने लगे। उल्लेखनीय यह भी है कि उस देश ने कभी भी क्रूर तानाशाहों या शासकों के साथ दोस्ती करने से परहेज़ नहीं किया जब तक यह उसके हित में हो। पाकिस्तान के हर सैनिक तानाशाह जिसने लोकतंत्र का गला […]

त्रासदी 1984 से बहुत पहले शुरू हो गई थी

February 12, 2014 Chander Mohan 2

त्रासदी 1984 से बहुत पहले शुरू हो गई थी अरनब गोस्वामी को दी गई राहुल गांधी की पहली इंटरव्यू से उठा गुब्बार थम नहीं रहा। क्योंकि यह लोग अपने घेरे में बंद रहते हैं और राहुल को तो अपने बारे तथा अपने परिवार के बारे बात करने का बहुत शौक है इसीलिए आभास नहीं कि देश बदल चुका है। मूर्ति भंजक हो गया है। पुरानी प्रतिष्ठाएं टूट रही हैं। राजनेताओं के प्रति जो आदर सत्कार था वह तेज़ी से खत्म हो रहा है। पिछले दस सालों के घपलों के कारण विशेष तौर पर गांधी परिवार अपनी आभा खो बैठा है। सोनिया गांधी को भी सरकार की असफलता तथा घपलों के लिए उतना ही जिम्मेवार ठहराया जा रहा है जितना डा. […]

मानवता शर्मसार हुई

February 9, 2014 Chander Mohan 0

 मानवता शर्मसार हुई वह 14 महीने की थी। अभी वह अपनी बेरोजगार मां का दूध ही पी रही थी कि सरकारी क्रूरता के कारण उसकी मौत हो गई। डॉक्टर कहते हैं कि वह कुपोषण से मारी गई। अगर यह भी सही है तो भी शर्म की बात है कि आज के पंजाब में एक बच्ची कुपोषण की शिकार हो गई। लेकिन नहीं, वह कुपोषण से नहीं मारी गई। वह सरकारी क्रूरता के कारण मारी गई। 2009 से बेरोजगार चल रही उसकी मां बाकी ईजीएस अध्यापकों के साथ बठिंडा की एक टंकी पर प्रदर्शन कर रही थी। मां की मजबूरी थी कि वह बेरोजगार थी और मजबूरी थी कि दूध पीती बच्ची को वह घर नहीं छोड़ सकती थी इसलिए इन […]