विदेश नीति की दिशा पर पुनर्विचार चाहिए, Foreign Policy Direction Needs Course Correction
अमेरिका-इज़राइल और ईरान का युद्ध हिन्द महासागर की लहरों पर सवार हो कर हमारे दरवाज़े तक पहुँच चुका है। श्रीलंका के तट से 44 नौटिकल मील दूर अमेरिका की पनडुब्बी द्वारा ईरान के युद्धपोत ‘डेना” को टॉरपीडो से डुबोए जाने की घटना के बाद से भारत की भूमिका को लेकर देश और विदेश में बहुत चर्चा, और आलोचना, हो रही है। यह जहाज़ हमारा महमान था और विशाखापटनम में बहुराष्ट्रीय नौसेना अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद लौट रहा था कि उसे डुबो दिया गया। लेकिन हम तो इस युद्ध से तब से जुड़े हुए हैं जब से प्रधानमंत्री मोदी ने इज़राइल की यात्रा की थी। इस यात्रा की समाप्ति के कुछ ही घंटों के बाद ईरान पर हमला कर […]