इंसानियत अभी ज़िन्दा है, When State Fails Society Rises

May 13, 2021 Chander Mohan 0

चारों तरफ़ बेबसी का माहौल है। भविष्य के प्रति अनिश्चितता है। शिखिर पर सन्नाटा है। पहले जीने के लिए अस्पतालों के आगे क़तार लगती थी, अब मरने के बाद शमशानघाट के आगे क़तार लग रही है। भारी चिन्ता है कि ग्रामीण क्षेत्र, विशेषतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार, जो पहली लहर में बचे रहे थे वह अब प्रभावित हो रहें हैं। गाँव वाले खाँसी बुखार की बात कर रहें हैं, असलियत क्या है कोई जानता नही क्योंकि अधिकतर गाँवों में अंगरेज़ो के समय की हैल्थ व्यवस्था है। विदेशों से एनआरआई और सरकारें सहायता भेज रहीं हैं लेकिन बाबू मानसिकता यहां भी अड़चन डाल रही है। ग़ुस्से से भरे एक एनआरआई सज्जन ने शिकायत की है कि बाहर से भेजे सिलेंडर […]

हमारे अधूरे लोकतन्त्र की जय ! Our Imperfect -Perfect Democracy

May 6, 2021 Chander Mohan 0

जिस वक़्त टीवी पर पाँच प्रदेशों के चुनाव परिणाम आ रहे थे उसी वक़्त एक चैनल पर यह एस-ओ-एस फ़्लैश हो रहा था कि दिल्ली के बच्चों के एक अस्पताल में आक्सिजन ख़त्म हो रही है। उसके बाद आप के एक नेता ने उन्हे छ: सिलेंडर पहुँचा भी दिए लेकिन ऐसी अपील की नौबत ही क्यों आए? उससे एक दिन पहले दिल्ली के ही बतरा  अस्पताल में आक्सिजन की कमी से 12 मरीज़ मारे जा चुके थे। यह स्थिति तब है जब दिल्ली हाईकोर्ट लगातार केन्द्र और सरकार को फटकार लगाताआर हा है। हाईकोर्ट का यहां तक कहना था कि राज्य नागरिकों के बुनियादी जीवन के अधिकारकी रक्षा करने में असफल रहा है। यह बहुत बड़ा अभियोग है लेकिन सच्चाई […]

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं, Who is Accountable?

April 29, 2021 Chander Mohan 0

हम कहाँ आ गए? क्यों आ गए? कैसे आ गए? सरकारी आँकड़े बेमायने हो चुकें हैं। शवों के साथ सच्चाई को दफ़नाने का प्रयास हो रहा हैपर फुटपाथों पर जल रही चिताएँ तो देश को असली तस्वीर बताती है। अस्पतालों के बाहर मरीज़ों से भरी एंमबूलेंस की लाइन तो हक़ीक़त  बताती हैं। बैड और दवाई के लिए गिड़गिड़ाते मरीज़ और परिवार तो वास्तविकता बतातें हैं। कई परिवार तो अंतिम संस्कार भी नही करवा सके। शमशान और क़ब्रिस्तान में जगह नही रही। कई जगह जल जल कर शमशान की चिमनी पिघलने लगी है। बेंगलूर के एक शमशान ने टोकन सिस्टम शुरू कर दिया है, फ़र्स्ट कम फ़र्स्ट सर्व। कई अस्पतालों में आक्सिजन की कमी के कारण मरीज़ मर चुकें हैं। हरियाणा […]

दोस्ती और दूरियाँ : भारत और रूस, India -Russia : Distant Friends

April 22, 2021 Chander Mohan 0

एक समय भारत और सोवियत यूनियन के रिश्ते इतने घनिष्ठ थे कि उनके पूर्व प्रधानमंत्री निकिता क्रूश्चेवने हमे कहा था, ‘आप हिमालय से आवाज़ लगाओ हम तुरंत चले आएँगे’। यह उन्होंने चीन से हमे मिल रहे खतरे के संदर्भ में कहा था। तब उस देश की नीति इतनी स्पष्ट भारत पक्षीय थी कि पाकिस्तान की उन्होंने कोई परवाह नही की। अब संबंध इतने बदल चुकें हैं कि रूस के विदेश मंत्री सर्गोइ लावरोव अपनी भारत यात्रा के बाद सीधा इस्लामाबाद पहुँचे जहाँ हवाई अड्डे पर उनका स्वागत पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मुहम्मद क़ुरैशी ने किया। क़ुरैशी साहिब उस बिल्ली की तरह प्रसन्न नजर आ रहे थे जिसने दूध का कटोरा चाट लिया हो! लावरोव ने इमरान खान और जनरल […]

…और कराची बेकरी बंद हो गई , Disturbing Closure Of Karachi Bakery

April 15, 2021 Chander Mohan 0

बात फ़रवरी 1999 की है जब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी  अपनी बस यात्रा पर लाहौर गए थे। एक शाम पहले मैं भी मीडिया पार्टी के साथ वहां पहुँचा था। लाहौर का हम पंजाबियों के लिए विशेष आकर्षण है। मेरी तो पैदायश ही लाहौर की है। वहां फ़ुर्सत के समय हम कुछ लोग लाहौर देखने निकल पड़े थे। मशहूर अनारकली भी देखी जो मुझे एक तंग बाज़ार से अधिक कुछ नही लगी। मैं विशेषतौर पर निसबत रोड पर अपना पैतृक घर देखना चाहता था। वह मकान तो मिला नही क्योंकि उसकी जगह एक मार्केट बन गई थी पर उस चौंक में ‘पंजाब बेकरी’ अवश्य नजर आई। हम अन्दर गए तो पता चला कि वह परिवार जालन्धर के बस्ती शेख़ से वहां […]

महाराष्ट्र: एक बेमतलब सरकार, Maharashtra : A Pointless Government

April 8, 2021 Chander Mohan 0

मुम्बई जैसा कोई शहर नही।  कोलकाता और चेन्नई बहुत पिछड़ चुकें हैं और दिल्ली केवल अपने इतिहास और सरकारी घमंड पर इतराती हैपर भारत की प्रतिभा ने मिल कर जो शहर बनाया वह मुम्बई है। यह शहर है जहाँ सपने पूरे होते हैं पर यह सपनों का क़ब्रिस्तान भी है ! 1.2 करोड़ लोग यहां तंग जगह में रहते हैं। अगर यहाँ भारत का सबसे रईस शख़्स मुकेश अम्बानी  अपने 400000 वर्ग फ़ुट 27 मंज़िले बंगले एंटीलिया में परिवार सहित रहता है तो दुनिया का सबसे बड़ा स्लम धारावी भी यहीं है। मार्च 2019 की नाइट फ़्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार मुम्बई दुनिया का 12 वाँ सबसे रईस शहर है। इस रिपोर्ट के अनुसार ‘शहर में दौलत पैदा होती है’। […]