साईकिल क्यों पंक्चर हुई?

May 24, 2014 Chander Mohan 0

साईकिल क्यों पंक्चर हुई? समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव बेहद नाराज़ हैं। वे तो तीसरे मोर्चे के प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे थे पर लोगों ने ऐसी पिटाई की कि उत्तर प्रदेश में 80 में से केवल 5 सीटें सपा के निशान साईकिल पर जीत पाए। लोगों ने मुलायम सिंह यादव के परिवार का भी वही हाल किया जो दिल्ली में गांधी परिवार का किया या पंजाब में बादल परिवार का किया गया। सबके नीचे से ज़मीन खिसक गई है। इसलिए मुलायम सिंह यादव बेहद खफा हैं और गुस्सा अपने बेटे अखिलेश यादव पर निकल रहा है जो मुख्यमंत्री हैं। मुलायम सिंह इसलिए और भी दु:खी हैं कि उनके बराबर के विपक्षी नेता जयललिता, ममता बनर्जी या […]

बदलने की इंतज़ार में है फिज़ा

May 21, 2014 Chander Mohan 0

बदलने की इंतज़ार में है फिज़ा इतनी आशा किसी को नहीं थी। मैं दो साल से लिखता आ रहा हूं कि विकल्प केवल नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। मैं यह भी लिखता रहा हूं कि कांग्रेस 100 का आंकड़ा पार नहीं करेगी लेकिन यह कल्पना में भी नहीं सोचा था कि भाजपा को ऐसा छप्पड़ फाड़ जनसमर्थन मिलेगा। यह भी कल्पना नहीं थी कि कांग्रेस का इतना बेड़ागर्क होगा कि सौ से आधी सीट रह जाएंगी। जो ‘बौखलाए हुए चूहे’ हैं उन्होंने प्रियंका के प्यारे भाई की इतनी दुर्गत कर दी कि विपक्ष के नेता बनने योग्य भी नहीं छोड़ा। जनादेश स्पष्ट है। लोगों ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भरोसा व्यक्त किया है। जैसे मैंने […]

केवल मोदी

May 14, 2014 Chander Mohan 0

केवल मोदी यह हमारा सबसे अधिक ‘प्रैसिडैंशल’ चुनाव रहा है। जिस तरह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनने के लिए व्यक्ति पर आधारित चुनाव होता है उसी तरह इस बार हमारा चुनाव हुआ है अंतर केवल एक है कि एक तरफ नरेंद्र मोदी थे तो दूसरी तरफ कौन था? राहुल गांधी? अरविंद केजरीवाल? जयललिता? मुलायम सिंह यादव? नवीन पटनायक? या और कोई? इसी सवाल से पता चलता है कि सारा चुनाव नरेंद्र मोदी पर केंद्रित रहा। प्यार करो या नफरत करो, मुद्दा केवल मोदी थे। और कोई नेता प्रासंगिक नहीं रहा। न लाल कृष्ण आडवाणी, न सुषमा स्वराज, न अरुण जेतली, न राजनाथ सिंह, न नितिन गडकरी। इन नेताओं का महत्त्व कितना कम हो गया है यह इस बात से पता चलता […]

छोटे मियां सो छोटे मियां बड़े अब्दुल्ला सुभान अल्लाह!

May 8, 2014 Chander Mohan 0

छोटे मियां सो छोटे मियां बड़े अब्दुल्ला सुभान अल्लाह!   शेख अब्दुल्ला, फारुख अब्दुल्ला और अब उमर अब्दुल्ला। कश्मीर के किसी भी परिवार को इतना महत्त्व तथा इतनी सत्ता नहीं मिली जितनी अब्दुल्ला परिवार को मिली है। पर अफसोस की बात है कि उमर अब्दुल्ला भी अपने पिता तथा दादा के नक्शे कदम पर चल रहे हैं। हर कुछ समय के बाद देश को धमकी देना शुरू कर देते हैं। परिवार कोई न कोई मसला उठाता रहता है ताकि यह प्रभाव जाए कि जम्मू कश्मीर का बाकी देश के साथ रिश्ता अनिश्चित है और अगर अधिक परेशान किया गया तो हम बगावत तक कर सकते हैं। बिहार में गिरिराज सिंह के बयान कि जो नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हैं […]

किस्सा दो दामादों का

May 6, 2014 Chander Mohan 1

किस्सा दो दामादों का समाचार है कि सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा तीन साल से अपनी कम्पनियों का हिसाब किताब नहीं दे रहे। मार्च 2011 के बाद उसने अपनी 13 कम्पनियों की वार्षिक रिटर्न भी जमा नहीं करवाई। यह कानून का उल्लंघन तो है ही पर यह गांधी परिवार के दामाद की एक और काली तस्वीर भी प्रस्तुत करता है कि वह अपनी कम्पनियों तथा अपने धंधों के बारे जानकारी सार्वजनिक होने से रोकना चाहता है। अब इस ताज़ा रहस्योद्घाटन के बाद उनकी तथा गांधी परिवार की समस्या बढ़ जाएगी क्योंकि एक तरफ उनकी पत्नी प्रियंका ज़ोर-शोर से प्रचार कर रही है कि उनके पति को निशाना बनाया जा रहा है तो दूसरी तरफ पतिदेव अपने अरबों रुपए के […]

मेरे पास बेटी है !

April 30, 2014 Chander Mohan 0

‘मेरे पास बेटी है!’ दीवार फिल्म का शशि कपूर का डॉयलाग उलटाते हुए आज मां कह रही है कि ‘मेरे पास बेटी है।’ मेरा अभिप्राय सोनिया गांधी के चुनाव क्षेत्र राय बरेली में उनकी बेटी प्रियंका वाड्रा द्वारा दिए गए आक्रामक तथा जज्बाती भाषणों से है। कांग्रेस का प्रथम परिवार घिरा महसूस कर रहा है। इसलिए अचानक प्रियंका को सक्रिय और आक्रामक कर दिया गया। पहले सुलतानपुर जाकर उन्होंने बिना किसी उत्तेजना के वरुण गांधी पर ‘विश्वासघात’ का आरोप मढ़ दिया और अब रायबरेली जाकर शिकायत की कि उनके परिवार को जलील किया जा रहा है। विशेष तौर पर उनके पति पर हमले किए जा रहे हैं इसलिए संदेश दे दिया कि वह ऐसे हमलों का सामना करने के लिए […]