‘मयखाने’ में कांग्रेस

April 8, 2014 Chander Mohan 0

 ‘मयखाने’ में कांग्रेस सोनिया गांधी ने जामा मस्जिद के इमाम सईद अहमद बुखारी को बताया कि कुछ हिचकिचाने के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश करने का फैसला इसलिए किया ताकि ‘सैक्यूलरिज़्म’ को बढ़ाया जा सके। अभी तक तो यही समझा गया था कि कांग्रेस पार्टी में अपने परिवार की परम्परा कायम रखने के लिए सोनिया ने राजनीति में कदम रखा था लेकिन यहां वह इमाम बुखारी से कह रही थी कि नहीं, सब कुछ धर्मनिरपेक्षता के कारण किया गया। और इस कथित धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए उन्होंने किस का सहारा लिया? इमाम बुखारी! जिनका कहना है कि फिरकापरस्ती भ्रष्टाचार से बड़ी बुराई है। पर एक तरफ धर्मनिरपेक्षता तो दूसरी तरफ इमाम बुखारी? क्या कांग्रेस की अध्यक्षा को इसमें विरोधाभास […]

ब्रह्मास्त्र?

April 6, 2014 Chander Mohan 0

ब्रह्मास्त्र? वैसे तो कांग्रेस में यह मांग यदाकदा उठती रही है कि प्रियंका गांधी वाड्रा को राजनीति में लाया जाए। समझा जाता है कि लोगों के बीच वह अपने से एक साल बड़े भाई राहुल से अधिक सहज है। इस चर्चा को अब जबरदस्त बल मिला है क्योंकि इसे खुद कांग्रेस के प्रमुख महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने छेड़ दिया है। उन्होंने बताया है कि 1990 में राजीव गांधी ने उनसे कहा था कि उनकी बेटी की राजनीति में रूचि है और वह पुत्र राहुल से राजनीतिक मामलों में अधिक समझदार है। पुराने लोग याद करते हैं कि एक इंटरव्यू में भी राजीव गांधी ने कहा था कि उनकी बेटी की राजनीति में बेटे से अधिक दिलचस्पी है। तो क्या राजीव […]

इस ‘कश्मीरियत’ के क्या मायने?

April 2, 2014 Chander Mohan 0

 इस ‘कश्मीरियत’ के क्या मायने? यह अच्छी बात है कि मेरठ के निजी विश्वविद्यालय ने उन 67 कश्मीरी छात्रों का निलंबन वापिस ले लिया जिन्हें एशिया कप में भारत-पाक मैच के बाद पाकिस्तान की जीत पर खुशी मनाने तथा पाकिस्तान के पक्ष में नारे लगाने के लिए बाहर निकाला गया था। लेकिन यह प्रकरण बहुत असुखद सवाल भी छोड़ गया है। ये छात्र प्रधानमंत्री की छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत यहां भेजे गए थे फिर भी उस हरकत में लग गए जो निश्चित तौर पर उत्तेजना पैदा करने वाली थी और जिसे बाकी के छात्र बिल्कुल पसंद नहीं करते। ठीक है यह आयु ऐसी है जहां कई प्रकार की बेवकूफियां की जाती हैं लेकिन यह घटना एक बार फिर देश विरोधी […]

चूहे की दहाड़

March 26, 2014 Chander Mohan 0

The Mouse That Roared 1959 में हालीवुड की एक फिल्म आई थी ‘द माऊस दैट रोर्ड’, अर्थात् चूहे की दहाड़। यह फिल्म योरूप की एक काल्पनिक छोटी सी रियासत की कहानी है जिसके अपने फटेहाल हैं। इस स्थिति से निकलने के लिए सियाने यह तरतीब निकालते हैं कि शक्तिशाली अमेरिका पर हमला कर दिया जाए। रणनीति यह थी कि वे हार जाएंगे लेकिन दुनिया की नज़रों में आ जाएंगे इसलिए अमेरिका उनकी मदद करने के लिए मजबूर हो जाएगा। आजकल अरविंद केजरीवाल जिस तरह मीडिया को धमकियां दे रहे हैं और जिस तरह वे वाराणसी से नरेंद्र मोदी को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं उससे तो इस फिल्म की याद ताज़ा हो जाती है। उनका कहना है कि […]

गाली कमज़ोर का हथियार है

March 22, 2014 Chander Mohan 0

गाली कमज़ोर का हथियार है चुनाव अभियान पूरे यौवन पर है इसलिए कई नेता असंतुलित हो रहे हैं, अनाप शनाप कह रहे हैं। अरविंद केजरीवाल का कहना है कि सारा मीडिया बिका हुआ है। मीडिया को जेल भेजने की धमकी भी वे दे चुके हैं। नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस के वार लगातार बढ़ रहे हैं। कई साल पहले सोनिया गांधी ने उन्हे ‘मौत का सौदागर’ कहा था उसका खामियाज़ा पार्टी को अगले चुनाव में भुगतना पड़ा लेकिन इस चुनाव में फिर उसी कथा को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस पार्टी ने भाजपा तथा संघ पर ‘ज़हर की खेती’ करने का दोष लगाया है। राहुल गांधी संघ पर महात्मा गांधी की हत्या का दोष भी लगा चुके हैं। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद […]

नमो-नमो ही क्यों?

March 19, 2014 Chander Mohan 1

नमो-नमो ही क्यों? यह पहली बार नहीं कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक ने भाजपा के राजनीतिक मामलों में सार्वजनिक दखल दिया हो। पहले भी के. सुदर्शन ने टीवी के कैमरे के आगे आकर कहा था कि वाजपेयी तथा आडवाणी को रिटायर हो जाना चाहिए। दोनों ने उनकी बात अनसुनी कर दी थी। अब फिर संघ प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी कि ‘हमारा काम नमो-नमो करना नहीं’, से बहस खड़ी हो गई है। जहां भाजपा असहज है वहां भाजपा और विशेष तौर पर नरेंद्र मोदी के विरोधी बाग बाग हैं। वामपंथी अतुल अंजान का कहना है कि ‘संघ सही कह रहा है। अब उन्हें लगने लगा है कि मोदी भस्मासुर बनते जा रहे हैं।’ दिग्विजय सिंह का भी कहना […]