त्रासदी 1984 से बहुत पहले शुरू हो गई थी

February 12, 2014 Chander Mohan 2

त्रासदी 1984 से बहुत पहले शुरू हो गई थी अरनब गोस्वामी को दी गई राहुल गांधी की पहली इंटरव्यू से उठा गुब्बार थम नहीं रहा। क्योंकि यह लोग अपने घेरे में बंद रहते हैं और राहुल को तो अपने बारे तथा अपने परिवार के बारे बात करने का बहुत शौक है इसीलिए आभास नहीं कि देश बदल चुका है। मूर्ति भंजक हो गया है। पुरानी प्रतिष्ठाएं टूट रही हैं। राजनेताओं के प्रति जो आदर सत्कार था वह तेज़ी से खत्म हो रहा है। पिछले दस सालों के घपलों के कारण विशेष तौर पर गांधी परिवार अपनी आभा खो बैठा है। सोनिया गांधी को भी सरकार की असफलता तथा घपलों के लिए उतना ही जिम्मेवार ठहराया जा रहा है जितना डा. […]

मानवता शर्मसार हुई

February 9, 2014 Chander Mohan 0

 मानवता शर्मसार हुई वह 14 महीने की थी। अभी वह अपनी बेरोजगार मां का दूध ही पी रही थी कि सरकारी क्रूरता के कारण उसकी मौत हो गई। डॉक्टर कहते हैं कि वह कुपोषण से मारी गई। अगर यह भी सही है तो भी शर्म की बात है कि आज के पंजाब में एक बच्ची कुपोषण की शिकार हो गई। लेकिन नहीं, वह कुपोषण से नहीं मारी गई। वह सरकारी क्रूरता के कारण मारी गई। 2009 से बेरोजगार चल रही उसकी मां बाकी ईजीएस अध्यापकों के साथ बठिंडा की एक टंकी पर प्रदर्शन कर रही थी। मां की मजबूरी थी कि वह बेरोजगार थी और मजबूरी थी कि दूध पीती बच्ची को वह घर नहीं छोड़ सकती थी इसलिए इन […]

हंगामे से सूरत नहीं बदलेगी

February 5, 2014 Chander Mohan 0

हंगामे से सूरत नहीं बदलेगी हैदराबाद के एक ज्यूलरी शोरूम में सेंध लगाकर दो युवक लगभग करोड़ों रुपए के गहने निकालने में सफल रहे। इनमें से एक युवक ने समर्पण कर दिया पर समर्पण से पहले मुस्कराते हुए उसने एक टीवी चैनल को जो बताया वह दिलचस्प है। जी. किरण कुमार जो पायलेट बनना चाहता था पर राजमिस्त्री बन गया का कहना था कि  ‘राजनेता चोर है जो दिन-रात पांच वर्ष लूटते रहते हैं। मैं तो केवल एक रात के लिए चोर बना ताकि दुनिया को इस देश में असमानता बता सकूं।’ अधिकतर लोग अपनी बदमाशी के लिए ऐसे तर्क घड़ लेते हैं लेकिन राजनीतिज्ञों के बारे किरण कुमार ने जो कहा वह प्रभाव है जो अब सारे देश में […]

तीसरे मोर्चे की कवायद

February 3, 2014 Chander Mohan 1

तीसरे मोर्चे  की कवायद चुनाव नजदीक है और एक बार फिर तीसरे-चौथे मोर्चे को लेकर कवायद शुरू हो गई है। कई प्रादेशिक नेता पंख फडफ़ड़ा रहे हैं। नीतीश कुमार तथा मुलायम सिंह यादव सक्रिय हैं तो अन्नाद्रमुक ने सीपीआई के साथ गठबंधन कर लिया है। पश्चिम बंगाल में अलग-अलग तृणमूल कांग्रेस तथा मार्कसी पार्टी दोनों सक्रिय हैं। 14 पार्टियों को मिला कर एक गठबंधन बनाने का प्रयास हो रहा है। दूसरी तरफ यूपीए के खेमे में बेचैनी है। धमकियां देने के बाद उमर अब्दुल्ला अब कुछ खामोश हो गए हैं पर शरद पवार की पार्टी बार बार कह रही है कि नरेंद्र मोदी के बारे न्यायपालिका के फैसले को स्वीकार करना चाहिए। पहले प्रफुल्ल पटेल और अब शरद पवार का […]

येड़ा है पर मेरा है

January 29, 2014 Chander Mohan 0

येड़ा है, पर मेरा है? एक न्यूज चैनल ने यह समाचार दिया है कि जिस तरह दो पुलिस कर्मियों को छुट्टी पर भेज कर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपना धरना समाप्त करने का रास्ता दिया गया उससे राहुल गांधी बहुत नाराज़ हैं। यह भी बताया गया कि यह समझौता करते वक्त गृहमंत्री ने प्रधानमंत्री या सोनिया गांधी से सलाह नहीं ली। एक और अखबार में छपा है कि जो कुछ हुआ वह उपराज्यपाल नजीब जंग के स्तर पर हुआ, गृहमंत्रालय को भी इसकी जानकारी नहीं थी। अगर इन समाचारों को मानें तो प्रभाव यह मिलता है कि केंद्रीय सरकार के बाएं हाथ को मालूम नहीं कि दाया हाथ क्या कर रहा है जबकि यह मानना असंभव है कि […]

वो सुबह कभी तो आएगी!

January 26, 2014 Chander Mohan 0

वो सुबह कभी तो आएगी! इस गणतंत्र दिवस पर देश की जनता व्याकुल नज़र आती है कि हम कहीं अपने लक्ष्य से भटक गए हैं और कोई हमें सीधे रास्ते पर डालने वाला भी नहीं है। पिछले पांच वर्ष विशेष तौर पर हमें विभ्रांत छोड़ गए हैं। भटकन का प्रभाव है। जिनका काम देश को संभालना तथा उसे आगे ले जाना था उन्हीं के पैर रेत के बने पाए गए। देश में अराजकता का माहौल है। पश्चिम बंगाल में वीरभूमि में मुखिया के आदेश पर लड़की के साथ गांव में बने स्टेज पर बारी-बारी से सबने बलात्कार किया। उसके बेहोश होने के बाद भी यह सिलसिला चलता रहा। उस लड़की का कसूर था कि उसने दूसरी बरादरी के लड़के के […]