पंजाब को मरहम चाहिए,छेड़खानी नहीं, Punjab Needs Balm Not Irritants
यह सरकार कदम वापिस लेने के लिए जानी नहीं जाती। पर अगर कृषि से सम्बन्धित तीन क़ानून वापिस लेना भी शामिल किया जाए, तो पंजाब सम्बंधित तीन बड़े कदम इस सरकार ने वापिस लिए हैं। यह अच्छी बात भी है। लोकतंत्र में अलोकप्रिय कदम वापिस लेना समझदारी और संवेदनशीलता दिखाता है। पर सवाल तो है कि इस समय जबकि पंजाब भीषण बाढ़ से गुजरा है, आर्थिक हालत नाज़ुक है और प्रदेश गुरू तेगबहादुर के 350वें शहीदी दिवस से सम्बंधित समागमों में व्यस्त है, एक के बाद एक ऐसे कदम उंठाए ही क्यों गए? पंजाब एक बार्डर स्टेट है जिसके लोगों का संघर्ष का लम्बा इतिहास है। यहाँ लोगों से संवाद किए बिना छेड़खानी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। कृषि सम्बंधी […]