देश की समस्या नम्बर-1, बेरोज़गारी, Problem No. 1-Unemployment

May 1, 2024 Chander Mohan 0

पहला समाचार महाराष्ट्र में मुम्बई से कुछ दूर पालघर से है जहां आदिवासी महिलाओं ने सरकार से मिले 5 किलो चावल और एक साड़ी यह कहते हुए लौटा दिए कि उन्हें ख़ैरात नहीं चाहिए, रोज़गार चाहिए। नरेन्द्र मोदी का चित्र लगे बैग में उन्हें राहत सामग्री भेजी गई थी पर लौटा दी गई क्योंकि उनका कहना था कि उन्हें मुफ़्त कुछ नहीं चाहिए, उन्हें सशक्त बनाया जाऐं, वह इज़्ज़त की रोटी खाना चाहतीं हैं। सरकार की तरफ़ से 80 करोड़ लोगों को 5 किलो मुफत चावल या आटा दिया जाता है। और यह महिलाओं अपने बच्चों के लिए वह शिक्षा चाहतीं हैं जिनसे उन्हें बाद में रोज़गार मिल सके। दूसरा समाचार हमारे प्रीमियर इंस्टीट्यूट्स आईआईटी से है जहां पहली बार […]

लहर विहीन चुनाव की ऊँची नीची लहरें,Waves of a Waveless Election

April 25, 2024 Chander Mohan 0

लोकतंत्र का महापर्व भारत में शुरू हो गया है। यह कितनी बड़ी क़वायद है यह इस बात से पता चलता है कि हमारी 97 करोड़ वोटर संख्या अमेरिका, इंग्लैंड, फ़्रांस,रूस, ब्राज़ील और जापान की संयुक्त जनसंख्या से अधिक है। पर पहले चरण की 102 सीटों के लिए वोटिंग से पता चलता है कि इस बार जोश कुछ ठंडा है, मतदान 2019 के मुक़ाबले लगभग 5 प्रतिशत कम हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी और विपक्षी नेताओं के धुआँधार प्रचार के बावजूद सड़क पर प्रतिक्रिया उत्साहहीन है। कोई लहर नज़र नहीं आती। शायद सोच लिया कि कोई बदलाव नहीं होने वाला। यह चुनाव कुछ बातें स्पष्ट करतें हैं:- 1.हमारे लोकतंत्र को कोई ख़तरा नहीं है : विपक्ष बहुत शोर मचा रहा है कि […]

पाकिस्तान को डूबने से बचाना हमारी ज़िम्मेवारी नहीं हो सकती, Not Our Duty To Save Pakistan

April 18, 2024 Chander Mohan 0

भारत और पाकिस्तान के बीच ठहरे पानी में उनके विदेश मंत्री इसहाक डार ने पत्थर उछाल दिया है। क़रीब पाँच वर्ष के बाद उन्होंने भारत के साथ व्यापार सम्बंध बहाल करने की इच्छा जताई है। लंडन में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा है कि उनके देश का व्यापारिक समुदाय भारत के साथ फिर कारोबार शुरू करना चाहता है। और उनका कहना था कि, “हम भारत के साथ व्यापार के मामले को गंभीरता से देखेंगे”। स्मरण रहे कि 2019 में जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने सारे रिश्ते तोड़ दिए थे और कहा था कि जब तक जम्मू कश्मीर में पुरानी स्थिति बहाल नहीं होती यह रिश्ते भी बहाल नहीं होंगे। कहा गया कि […]

मनमोहन सिंह: इतिहास क्या कहेगा?, How Will History Judge ManMohan Singh?

April 11, 2024 Chander Mohan 0

33 वर्ष सांसद रहने के बाद 91 वर्षीय डा.मनमोहन सिंह सक्रिय राजनीति से रिटायर हो गए है। शायद ही कोई और राजनेता होगा जिसका उनके जैसा अनुभव और देश के प्रति उनके जैसा योगदान होगा। वह मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे, रिसर्व बैंक के गवर्नर रहे,भारत सरकार के वित्त सचिव रहे,यूजीसी के अध्यक्ष रहे,योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे,1991 में वित्त मंत्री बने और 2004 मे देश के प्रधानमंत्री बन गए। इतनी बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक यात्रा के बाद भी वह उसी तरह बेदाग़ हैं जैसे वह यह यात्रा शुरू करने के समय थे। उनके शासन काल के साथ कुछ विवाद भी जुड़े हैं जिन पर आगे चल कर चर्चा करूँगा, यहाँ यह कहना चाहूँगा कि आजकल ऐसे लोग नहीं मिलते। वह […]

यह राजनीति है, धर्म नीति नहीं, Its Politics, Not Religion

April 4, 2024 Chander Mohan 0

पुरानी बात है। इंदिरा गांधी की एमरजैंसी का सारा वक़्त समर्थन करने के बाद 1977 में वरिष्ठ मंत्री बाबू जगजीवन राम कांग्रेस को छोड़ कर जनता पार्टी में शामिल हो गए। वह जालंधर में जनता पार्टी की सभा को सम्बोधित करने के लिए आए तो मैंने उनसे मुलाक़ात की थी। उनके द्वारा पार्टी छोड़ने पर जब मैंने सवाल किया तो उनका जवाब आज तक मुझे याद है, “यह राजनीति है धर्म नीति नहीं, बेटा”। बाबू जगजीवन राम के पास तो फिर औचित्य था कि वह इंदिरा गांधी की तानाशाही का विरोध करने के लिए जनता पार्टी में शामिल हुए है। उस समय तो बहुत कम लोग दलबदल करते थे पर आजकल की हमारी राजनीति तो भारत की आज़ादी से पहले […]

समाज में बढ़ती ख़तरनाक असमानता, Increasing Dangerous Inequality

March 28, 2024 Chander Mohan 0

हमारे संविधान की उद्देशिका में लिखा है कि “भारत एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, पंथ- निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य” है। मूल प्रस्तावना में ‘समाजवादी’ और ‘पंथ- निरपेक्ष’ नही थे, इन्हें 1976 में एमरजैंसी के दौरान इंदिरा गांधी सरकार ने शामिल करवाया था। 1976 से लेकर आज तक दुनिया बहुत बदल चुकी है। समाजवाद के मक्का, रूस और चीन, में ही इसे दफ़ना दिया गया है। चीन के पूर्व नेता डेंग जियाओपिंग ने एक बार कहा था ‘अमीर होना भव्य है’। चीन की तरह रूस भी पूंजीवाद के रास्ते पर चल रहा है। चीन और रूस तानाशाही है जहां लोगों की भावना को आराम से कुचला जा सकता है पर भारत तो लोकतंत्र है जहां लोगों की तकलीफ़ों की अनदेखी नहीं होनी […]