रेवड़ी की बरसात से कहीं छत न फट जाए, It’s Raining Freebies in Bihar

October 30, 2025 Chander Mohan 0

छह नवम्बर से शुरू होने वाले बिहार चुनाव के बारे पूर्व राजनयिक और पूर्व सांसद पवन वर्मा ने लिखा है, “ बिहार का ख़ज़ाना ख़ाली है,लेकिन रेवड़ियाँ और जुमले बरस रहें हैं”। उनकी बात सही है। बिहार देश का लम्बे समय से सबसे पिछड़ा प्रांत है। कोई आशा भी नज़र नहीं आती पर दोनों एनडीए और विपक्षी महागठबंघन धड़ाधड़ मुफ़्त देने के वादे कर रहे हैं। जिन्हें अंग्रेज़ी का मीडिया फ्रीबीज़ कहता है और प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार मज़ाक़ में रेवड़ियाँ कहा था, की ऐसी बरसात हो रही है कि आशंका है कि बिहार की आर्थिक छत ही कहीं फट न जाए! पटना से अर्थशास्त्री सूर्य भूषण बतातें हैं कि जो रेवड़ियाँ घोषित की गईं हैं वह लागू नहीं […]

जितनी आबादी उतना हक़ ? , Rights According To Population?

June 12, 2025 Chander Mohan 0

केन्द्रीय सरकार ने दो चरणों में जनगणना जिसमें जाति जनगणना भी शामिल होंगी, की घोषणा की है। उम्मीद है कि पूरी प्रकिया तीन साल में पूरी हो जाएगी। क्या परिणाम 2029 के चुनाव से पहले सामने आजाएगा,यह आने वाले समय का सबसे बड़ा प्रश्न होगा। जनगणना क्यों ज़रूरी है यह तो स्पष्ट ही है क्योंकि विकास आँकड़ों पर आधारित किया जाता है और मूलभूत आँकड़ा जनसंख्या और उसका स्वरूप है। इस बार आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी के अलावा धर्म और जाति के बारे भी जानकारी एकत्रित की जाएगी। यह जनगणना छ: साल की देरी से हो रही है। सरकार का बहाना था कि कोविड है पर कोविड 2023 के मध्य तक समाप्त हो चुका था। सरकार मामला लटकाती गई […]

नीतीश-मुक्त बिहार चाहिए, Bihar Needs To Be Nitish-Mukt

February 8, 2024 Chander Mohan 0

कसमें खाने के बाद कि “मर जाना क़बूल है, उनके साथ जाना क़बूल नही”, नीतीश कुमार फिर ‘उनमे’ (एनडीए)  शामिल हो गए हैं। यह उनका पाँचवा पलटा है। 2013 में भाजपा द्वारा नरेन्द्र मोदी को पीएम का चेहरा घोषित करने का बाद वह एनडीए को छोड़ गए थे। 2015 का चुनाव उन्होंने राजद-कांग्रेस और वामपंथी दलों के साथ मिल कर लड़ा था। 2017 में लोकसभा चुनाव से पहले वह एनडीए में लौट आए थे। पाँच साल के बाद यह भाँपते हुए कि भाजपा उनकी जेडीयू का विभाजन करने की कोशिश कर रही है उन्होंने एनडीए को छोड़ कर राजद के साथ सरकार बना ली। और अब 2024 में लोकसभा के चुनाव से पहले राजद-कांग्रेस और वाम को एक तरफ़ फेंक […]

संविधान निर्माता बेवक़ूफ़ नही थे, Our Founding Fathers Had Right Perspective

September 16, 2021 Chander Mohan 0

समाजवादी का लिबास ओड़े हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के प्रमुख नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाक़ात कर जातीय जनगणना की माँग की है। नीतीश कुमार के अनुसार प्रधानमंत्री ने उनकी माँग को ख़ारिज नही किया। इन लोगों का तर्क है कि जातीय जनगणना से विकास योजनाओं बनाने में मदद मिलेगी और ऐसी योजनाओं को बनाने का आधार केवल आर्थिक नही हो सकता क्योंकि जातीय पिछड़ापन अभी भी बड़ी समस्या है और इसका हल तब ही होगा जब पता चलेगा कि कौन सी जाति के कितने लोग है? तेजस्वी यादव का कहना था कि, ‘जातिगत जनगणना राष्ट्रीय हित में है और यह एतिहासिक तौर पर ग़रीबों के हक़ में क़दम होगा’। 1931 में अंग्रेज़ों के समय […]

देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ Bihar : Credit To Modi

November 12, 2020 Chander Mohan 0

बिहार के चुनाव की कहानी पाँच मल्लाहों की कहानी है। एक ने नाव को पार लगा दिया,नरेन्द्र मोदी। एक जिसने अपनी नाव डुबो दी,नीतीश कुमार। एक जिसने बराबर नाव खड़ी कर दी और किनारे से तनिक दूर रह गया, तेजस्वी यादव। एक, जो नाव को बीच समुंदर छोड़ भाग गया, राहुल गांधी। और एक जिसने दूसरों की ख़ातिर अपनी नाव बनाने से ही इंकार कर दिया और बेगानी शादी में अब्दुल्ला बन कर रह गया, चिराग़ पासवान ! सारे एग्जिट पोल और दिल्ली से गए पत्रकारों के अनुमानों को धत्ता बताते हुए बिहार के लोगों ने फिर एनडीए में विश्वास प्रकट कर दिया। यह परिणाम चौंका देने वाला है क्योंकि चुनाव, कोरोना संकट जिस दौरान करोड़ों ज़िन्दगियाँ अस्तवयस्त हुईं है, […]

जो क़ब्र खोद कर मुर्दा तलाशतें हैं Stop This Media Madness

August 27, 2020 Chander Mohan 0

यह अच्छी बात है कि सुशांत सिंह राजपूत की अप्राकृतिक मौत की जाँच सीबीआई को सौंप दी गई है। आशा है कि एक दिन इस मामले को भी समापन मिलेगा। पर सीबीआई का ट्रैक रिकार्ड भी बहुत अच्छा  नही है जो जिया खान आत्महत्या और आरुषि हत्याकांड की जाँच से पता चलता है जिन्हें सीबीआई हल नही कर सकी। मीडिया की भी आलोचना हुई थी कि तलवार दम्पति को दोषी ठहराने के लिए इन्होंने अपने अपने स्टूडियो में मुक़द्दमा चलाया हुआ था।  सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बारे भी कुछ चैनल जिन्हें दोषी मानते है,के ख़िलाफ़ ‘मीडिया ट्रायल’ अर्थात मीडिया द्वारा मुक़द्दमा चलाए हुए है। वह ख़ुद ही गवाह, वक़ील और जज सब  बने हुए हैं। अभी जाँच शुरू […]