अमेरिका की दिशा और संकल्प पर सवाल, Doubts About America

September 30, 2021 Chander Mohan 0

अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ मुलाक़ात के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना था कि ‘भारत और अमेरिका स्वभाविक सांझेदार हैं’। सबसे पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ‘नैचूरल पार्टनर’ की बात कही थी। इसके पीछे भावना यह है कि क्योंकि दोनों देश लोकतान्त्रिक है इसलिए बहुत कुछ साँझा  हैं पर इसके बावजूद अमेरिका पाकिस्तान की मदद करता रहा है और भारत का झुकाव रूस की तरफ रहा है। अब अवश्य दोनों के सम्बन्ध गहरें हो रहें हैं। नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह और मज़बूत हुए हैं। अभी प्रधानमंत्री मोदी वाशिंगटन में राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाक़ात कर और चार क्वाड देशों के नेताओं की पहली इन-पर्सन बैठक से लौटें हैं। यह मुलाक़ातें अमेरिका द्वारा […]

क्वैड: जाना कहाँ तक है? Quad: Past Present and Future

March 25, 2021 Chander Mohan 0

एशिया में ग्रेट गेम शुरू हो चुकी है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जापान के प्रधानमंत्री योशिहीदे सुगा तथा आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के बीच पहली वर्चुअल शिखिर वार्ता दुनिया और विशेष तौर पर एशिया में सामरिक संतुलन बदलने की क्षमता रखती है। ‘क्वाड’ अर्थात चतुष्कोण की बैठक में फ़ैसला लिया गया कि भारत वैक्सीन निर्यात का बड़ा केन्द्र बनेगा। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन तथा हिन्द-प्रशांत महासागर में जहाज़ों के निर्बाध आवागमन पर चारों देशों के बीच ज़बरदस्त सहमति बनी है। लेकिन असली सहमति उस देश की ब्लैकमेल को रोकने पर बनी है जिस का संयुक्त बयान मे नाम नही लिया गया, चीन। चीन के आक्रामक रवैया और हठधर्मिता से सब परेशान हैं यही […]

शी ज़िनपिंग की ‘इंडिया प्रॉब्लम’ Xi Jinping’s India Problem

December 3, 2020 Chander Mohan 0

अपनी किताब ‘द इंडिया वे ‘ में विदेश मंत्री एस जयशंकर चीन के बारे लिखतें हैं, “एक समाज जिसने छल को शासन कला के उच्चतर स्तर पर पहुँचा दिया वह है चीन”। इसका उदाहरण वह  चीन की प्रसिद्ध किताब ‘बुक ऑफ़ क्वि’ में दी गई कहावतों से देतें हैं, ‘समुद्र पार करने के लिए आसमान को धोखे में रखना’, ‘पूर्व में आवाज़ कर फिर पश्चिम पर हमला करना’,‘पेड़ों को नक़ली फूलों से सजाना’ इत्यादि। जयशंकर बतातें हैं कि भारत से भिन्न चीन में इस छलकपट के बारे न कोई अपराध बोध है न कोई शंका, उलटा इसका कला के तौर पर गुणगान किया जाता है। भारत को चीन की कपट की नीति अच्छी तरह समझ आ रही है। जब वुहान […]

भारत-अमेरिका, 2+2 का गणित Arithmetic of 2+2

November 5, 2020 Chander Mohan 0

अपनी किताब ‘चॉयसेज़’ में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे शिवशंकर मेनन मार्च 2006 में भारत और अमेरिका के बीच हुए नागरिक परमाणु समझौते के औचित्य के बारे लिखतें हैं, “यह पहल इस धारणा पर आधारित थी कि भारत और अमेरिका के बीच सामरिक सांझेधारी बदली हुई परिस्थिति में हमारे हित में होगी। चाहे दोनों देश इसे खुलेआम स्वीकार नही करते कि उनकी यह सांझेधारी चीन का संतुलन क़ायम करने के लिए है, यह स्पष्ट है कि चीन का उत्थान इसकी प्रमुख प्रेरणा है”। शिवशंकर ने यह भी लिखा है कि भारत के विकास के लिए हमें अमरीकी टेक्नोलॉजी और बाज़ार की ज़रूरत है पर उनका ज़ोर उस बात पर अधिक है कि चीन का उत्थान यह जरूरी […]

चीन:सामान्य रिश्ते नही हो सकते Tension on Border

September 3, 2020 Chander Mohan 0

एक विचार प्रेरक लेख में चीन और पाकिस्तान मे हमारे पूर्व राजदूत गौतम बाम्बावाले ने चीन के ‘कूटनीति खेल’ के बारे लिखा है, “ज़मीन पर सैनिक तौर पर योजना के अनुसार बहुत कुछ हासिल करने के बाद चीन इस स्थिति को स्थाई बनाना चाहता है…इसी के साथ वह भरसक प्रयास करेगा कि बाक़ी भारत -चीन रिश्ता… व्यापार, लोगों के आपसी सम्बन्ध, और बहुपक्षीय मामलों में ‘ बिसनेस एज़ यूज़वल’ अर्थात हमेशा की तरह चलते रहे…अगर ऐसा होता है तो यह वास्तव में चीन की जीत होगी”। पूर्व राजदूत सावधान कर रहें हैं कि अब  चीन चाहता है कि अपने आत्म सम्मान को एक तरफ़ रख हम  समझौता कर लें और बाक़ी रिश्ते, विशेष तौर पर आर्थिक रिश्तों में कोई रूकावट […]

चीन, नेहरू और मोदी (China, Nehru and Modi)

June 25, 2020 Chander Mohan 0

दो सप्ताह पहले अपने लेख में मैंने लिखा था, “एक और भारतीय प्रधानमंत्री फेल हो रहें हैं…जिस तरह चीन अंतराष्ट्रीय मंच पर जवाहरलाल नेहरू को बर्दाश्त नही कर सका उसी तरह नरेन्द्र मोदी की अंतराष्ट्रीय पहुँच को पचा नही रहा और उसी तरह चुनौती दे रहा है”। 15-16 जून की रात को गलवान घाटी में जो हिंसक टकराव हुआ और हमारे  20 सैनिक शहीद हो गए से मेरी बात की पुष्टि हो गई कि एक और प्रधानमंत्री को चीन की तरफ़ से गम्भीर चुनौती मिल रही है। जवानों के ज़ख़्म बता रहें हैं कि उनके साथ अत्यन्त बर्बरता का सलूक किया गया जो कोई प्रोफैशनल आर्मी नही करती। इतनी क्रूरता दिखा कर चीन न केवल यह बता रहा है कि […]