लद्दाख क्यों बेचैन है, Why This Unrest In Ladakh

March 26, 2026 Chander Mohan 0

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जिनके जीवन से प्रेरित फ़िल्म 3 इडियटस बनी थी, रिहा होकर लेह लौट आएं हैं। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (एनएसए) के तहत गिरफ़्तार किया गया था और जोधपुर जेल में रखा गया था। इस क़ानून के तहत किसी को अधिकतम 12 महीने हिरासत मे रखा जा सकता है पर सुप्रीम कोर्ट में गिरफ़्तारी की वकालत करने के बाद सरकार ने वांगचुक को 169 दिन के बाद रिहा कर दिया। जब उन्हें गिरफ़्तार किया गया तो बताया गया कि वह ‘राष्ट्र विरोधी गतिविधियों’ में संलिप्त है जिस बात से देश में शायद ही कोई सहमत हो। बहुत लोग तो उन्हें राष्ट्रीय ख़ज़ाना मानते हैं। और अगर वह वास्तव में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे तो छोड़ा […]

क्या हमने जल्दबाज़ी दिखाई ?, Deal: Time To Reconsider?

February 26, 2026 Chander Mohan 0

अमेरिका के राष्ट्रपति डानल्ड ट्र्मप को भारी झटका देते हुए वहाँ की सुप्रीम कोर्ट ने उनके द्वारा दुनिया भर पर लादे गए टैरिफ़ को 6-3 के बहुमत से रद्द कर दिया। अदालत का कहना है कि उनका संविधान टैरिफ़ लगाने का अधिकार उनकी कांग्रेस (संसद) को देता है, कार्यपालिका को नहीं। अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपति और उस देश के संस्थापकों में से एक थॉमस जैफरसन ने कहा था, “अगर हम सत्ताधारी लोगों को शरारत करने से रोकना चाहतें हैं तो उन्हें संविधान की ज़ंजीरों में बाँध देना चाहिए”।आदत के अनुसार ट्रम्प ख़ूब भड़क रहें हैं और यहाँ तक कह दिया कि यह फ़ैसला ‘शर्मनाक’ है और जजों ने देशहित के खिलाफ काम किया है। बड़ा मसला रिफंड का बनता है […]

ट्रम्प के हाथ में उस्तरा, World In Unstable Hands

April 10, 2025 Chander Mohan 0

अमेरिका का राष्ट्रपति दुनिया का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति है। वैसे तो रूस और अब चीन के राष्ट्रपति भी बहुत ताक़त रखते हैं पर अमेरिका के राष्ट्रपति का मुक़ाबला नहीं। अमेरिका के एक राष्ट्रपति हैरी एस.ट्रूमैन ने हिरोशिमा और नागासाकी पर बमबारी का आदेश दिया था जिसमें लाखों मारे गए थे। बताया जाता है कि परमाणु बम के जनक रॉबर्ट ओपेनहाइमर ने ट्र्मैन से पहले राष्ट्रपति रूज़वेल्ट को इसके इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी दी थी कि यह मानवता का विनाश कर सकता है पर उनकी मौत हो गई और विश्व युद्ध समाप्त करने के लिए ट्रूमैन ने जापान पर बमबारी का आदेश दे दिया। जब शक्ति पर कोई नियंत्रण न रहे तो यही होता है, वह क्रूर और असंवेदनशील बन जाती […]

बीजिंग अभी दूर है, Beijing, A Bridge Too Far

October 31, 2024 Chander Mohan 0

रूस के शहर कज़ान में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी वार्ता में प्रधानमंत्री ने हिन्दी में बात की थी। पर अचानक बीच में अंग्रेज़ी का सहारा लेते हुए उन्होंने कहा “Mutual trust, mutual respect and mutual sensitivity should be the basis of our ties” अर्थात् आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता हमारे सम्बंधों की बुनियाद होनी चाहिए। अब जबकि पूर्वी लद्दाख से दोनों देशों की सेना की वापिसी शुरू हो चुकी है रिश्तों के उपर trust शब्द मंडरा रहा है। बड़ा सवाल यह ही है कि क्या हम चीन पर भरोसा कर सकते हैं? आख़िर सब कुछ ठीक चल रहा था। दोनों देशों के बीच व्यापारिक सम्बंध मज़बूत थे फिर चीन ने 2020 में गलवान में […]

अनिश्चित, अस्थिर दुनिया में भारत , India In An Unstable World

October 3, 2024 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रूस, यूक्रेन और अमेरिका की यात्राओं ने एक बार फिर प्रदर्शित कर दिया कि भारत अब बड़ा अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी बन गया है। रूस,फ़्रांस और ब्रिटेन के नेताओं ने भारत को सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बनाने की वकालत की है। अमेरिका पहले ही समर्थन दे चुका है। मामला चीन पर जा कर रूका हुआ है। इंग्लैंड के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की भविष्यवाणी है कि 2050 तक अमेरिका, चीन और भारत तीन सुपर पावर होंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यात्राओं से यहाँ यह चर्चा शुरू हो गई कि भारत यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थता कर सकता है। रूस के राष्ट्रपति ने खुलेआम कहा भी है कि वह चाहतें हैं कि भारत, चीन और ब्राज़ील मध्यस्थता करें पर यह […]

अस्थिर,अनिश्चित दुनिया में भारत, India In Uncertain World,

July 18, 2024 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा को लेकर पश्चिम के देश काफ़ी परेशान लग रहें हैं। तीसरी बार निर्वाचित होने के बाद नरेन्द्र मोदी की पहली विदेश यात्रा रूस की थी जबकि अब तक परम्परा रही है कि भारत के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री पड़ोस के किसी देश की यात्रा सबसे पहले करते हैं। यात्रा के दौरान नरेन्द्र मोदी और पुतिन के बीच गर्मजोशी को भी पश्चिम में पसंद नहीं किया गया। प्रधानमंत्री ने रूस को ‘सुख दुख का साथी’ कहा, जो बात पुतिन को पसंद आई। कड़वी टिप्पणी युक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की थी कि, “दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के नेता का दुनिया को सबसे खूनी नेता को ग़ले लगाना निराशाजनक है”। जेलेंस्की की टिप्पणी रूस द्वारा युक्रेन […]