मोहन भागवत : विरासत,चुनौती और दायित्व, Mohan Bhagwat: Legacy, Challenge And Responsibility

October 9, 2025 Chander Mohan 0

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष की विजयदशमी रैली में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संदेश में बहुत सामंजस्यपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सब तरह की विभिन्नताओं का सम्मान करती है। उनका कहना था कि अगर कोई हिन्दू कहलाने में असहज महसूस करता है तो वह ख़ुशी से खुद को ‘भारतीय’ कह सकता है। उनका यह भी संदेश था कि हिन्दू समाज को ‘हम’ और ‘वह’ की मानसिकता से खुद को अलग रखना है और समुदायों के बीच उत्तेजना फैलाना अस्वीकार होना चाहिए। मोहन भागवत प्रधानमंत्री मोदी के बाद देश के दूसरे सबसे शक्तिशाली नहीं तो सबसे प्रभावशाली व्यक्ति हैं। संघ का प्रभाव तो पहले से ही था पर जिस तरह भागवत उसे नई दिशा दे […]

माननीय,यह अमान्य है (Honourable Sirs, This is Unacceptable)

January 18, 2018 Chander Mohan 0

केस आबंटन को लेकर बगावत करने वाले सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों में से एक जस्टिस जोसफ कुरियन का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए बाहरी दखल की कोई जरूरत नहीं। पर माननीय, आपने ही तो ‘बाहरी दखल’ को आमंत्रित किया है। पत्रकार सम्मेलन का आपने ही उच्च न्यायालय के गंदे कपड़े सरेआम धो डाले थे। इसके बाद देश में भूचाल आना ही था। न्यायपालिका की इमारत हिल गई। मीडिया में अभी भी इसकी गर्मागर्म चर्चा हो रही है यहां तक कि इसरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू की यात्रा भी पीछे पड़ गई। प्रधानमंत्री मोदी ने न्यायपालिका की गरिमा को ध्यान में रखते हुए जरूर खामोशी इख्तयार ली लेकिन राहुल गांधी ने तो  भागे-भागे पत्रकार सम्मेलन भी […]