सबसे बड़ी चुनौती: विश्वास की बहाली, The Challenge Ahead

June 10, 2021 Chander Mohan 0

मोदी सरकार का आठवाँ वर्ष कोविड द्वारा की गई भयावह तबाही की छाया में शुरू हो रहा है। वायरस धीरे धीरे घट रहा है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार 350000 मौतें हो चुकीं है पर शमशान के रिकार्ड और गंगा मेंबहती लाशेंकुछ और ही आँकड़ा बता रहीं हैं। आगे तीसरी लहर की सम्भावना से घबराहट है।   जिस देश ने पिछले साल नरेन्द्र मोदी के कहने पर थालियाँ बजाईं थीं, दीपक जलाए थे, उस देश का मिज़ाज बहुत बिगड़ा हुआ है। मोदी इसे ‘शताब्दी में एक बार फैलने वाली महामारी’ क़रार  चुकें हैं पर इससे उनके ज़ख़्म तो नही भरते जो अपने प्रियजन खो बैठें हैं। सी-वोटर के सर्वेक्षण के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है, चाहे वह […]

कोरोना काल में सरकार और विपक्ष , Government and Opposition in Covid Times

May 20, 2021 Chander Mohan 0

आजाद भारत में इस महामारी से पहले बड़ा राष्ट्रीय संकट 1962 की सर्दियों में आया था जब चीन के हाथों हमें मार पड़ी थी। यह शिकस्त हमें बड़े सबक़ सिखा गई पर तब के घटनाक्रम में लोकतन्त्र के लिए भी सबक़ छिपा है। देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने निश्चित किया कि संसद में घटनाक्रम पर पूरी बहस हो। बहस के दौरान वह पूरा समय सदन में मौजूद रहे यह जानते हुए भी कि उनसे कड़वे और असुखद सवाल पूछे जाएँगे। वह महसूस करते थे कि वह देश के नेता हैं इसलिए जो कुछ हुआ सबसे अधिक उनकी जवाबदेही बनती है। विपक्ष ने सरकार और विशेष तौर पर नेहरू पर ज़बरदस्त हमला किया। उन्होने ख़ूब बेइज़्ज़ती सही। अगर […]

हमारे अधूरे लोकतन्त्र की जय ! Our Imperfect -Perfect Democracy

May 6, 2021 Chander Mohan 0

जिस वक़्त टीवी पर पाँच प्रदेशों के चुनाव परिणाम आ रहे थे उसी वक़्त एक चैनल पर यह एस-ओ-एस फ़्लैश हो रहा था कि दिल्ली के बच्चों के एक अस्पताल में आक्सिजन ख़त्म हो रही है। उसके बाद आप के एक नेता ने उन्हे छ: सिलेंडर पहुँचा भी दिए लेकिन ऐसी अपील की नौबत ही क्यों आए? उससे एक दिन पहले दिल्ली के ही बतरा  अस्पताल में आक्सिजन की कमी से 12 मरीज़ मारे जा चुके थे। यह स्थिति तब है जब दिल्ली हाईकोर्ट लगातार केन्द्र और सरकार को फटकार लगाताआर हा है। हाईकोर्ट का यहां तक कहना था कि राज्य नागरिकों के बुनियादी जीवन के अधिकारकी रक्षा करने में असफल रहा है। यह बहुत बड़ा अभियोग है लेकिन सच्चाई […]

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं, Who is Accountable?

April 29, 2021 Chander Mohan 0

हम कहाँ आ गए? क्यों आ गए? कैसे आ गए? सरकारी आँकड़े बेमायने हो चुकें हैं। शवों के साथ सच्चाई को दफ़नाने का प्रयास हो रहा हैपर फुटपाथों पर जल रही चिताएँ तो देश को असली तस्वीर बताती है। अस्पतालों के बाहर मरीज़ों से भरी एंमबूलेंस की लाइन तो हक़ीक़त  बताती हैं। बैड और दवाई के लिए गिड़गिड़ाते मरीज़ और परिवार तो वास्तविकता बतातें हैं। कई परिवार तो अंतिम संस्कार भी नही करवा सके। शमशान और क़ब्रिस्तान में जगह नही रही। कई जगह जल जल कर शमशान की चिमनी पिघलने लगी है। बेंगलूर के एक शमशान ने टोकन सिस्टम शुरू कर दिया है, फ़र्स्ट कम फ़र्स्ट सर्व। कई अस्पतालों में आक्सिजन की कमी के कारण मरीज़ मर चुकें हैं। हरियाणा […]

टीकाकरण : इंतज़ार किस का है? , Vaccination: Waiting for what?

February 18, 2021 Chander Mohan 0

पिछले सप्ताह मैंने कोविड-19 की वैक्सीन कोवीशील्ड का पहला टीका लगवा लिया है।यह टीका जालन्धर के सिविल अस्पताल में लगाया गया। 28 दिन के बाद टीके की दूसरी डोज़ लगेगी। यह सारी कहानी इसलिए बता रहा हूं क्योंकि आज भी बहुत लोग टीका लगवाने से घबरा रहें हैं। एक दूसरे कि तरफ़ देखा जा रहा है कि इसका कोई साइड इफैक्ट अर्थात बुरा असर तो नही है? मुझे भी सावधान किया गया था। कईयों का कहना था कि भारत में बनी वैक्सीन से फाइज़र या स्पुटनिक अधिक प्रभावी हैं इसलिए इनकी इंतज़ार करनी चाहिए। लेकिन मेरा अपनी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा है इसलिए मैंने कोवीशील्ड का टीका लगवाया है। अगर डा. हर्ष वर्धन या डा. रणदीप गुलेरिया जैसे लोग कह […]