बेहतर होता कि खेलते ही नही, Why Play At All
क्रिकेट को कभी जैंटलमेंस गेम अर्थात् शरीफ़ लोगों का खेल कहा गया था। जैसे टैनिस है। टैनिस में तो अभी भी कुछ शराफ़त बची है जो विम्बलडन में देखने को मिलती है पर क्रिकेट तो अब ‘गोलीबारी के बिना युद्ध’ बन चुका है। 1996 के विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुक़ाबला पर लेखक माइक मारकूज़ ने अपनी किताब का टाइटल War Minus The Shooting दिया था। अर्थात् युद्ध है केवल गोलियाँ और बम नहीं चल रहें। तब से लेकर अब तक मुक़ाबला और विस्फोटक बन चुका है जैसा हम हाल ही में एशिया कप में देख कर हटें है। पहलगाम के हमले के कुछ महीनों बाद मैच में तनाव तो होना ही था पर इस बार तो […]