बेहतर होता कि खेलते ही नही, Why Play At All

October 2, 2025 Chander Mohan 0

क्रिकेट को कभी जैंटलमेंस गेम अर्थात् शरीफ़ लोगों का खेल कहा गया था। जैसे टैनिस है। टैनिस में तो अभी भी कुछ शराफ़त बची है जो विम्बलडन में देखने को मिलती है पर क्रिकेट तो अब ‘गोलीबारी के बिना युद्ध’ बन चुका है। 1996 के विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुक़ाबला पर लेखक माइक मारकूज़ ने अपनी किताब का टाइटल War Minus The Shooting दिया था। अर्थात् युद्ध है केवल गोलियाँ और बम नहीं चल रहें। तब से लेकर अब तक मुक़ाबला और विस्फोटक बन चुका है जैसा हम हाल ही में एशिया कप में देख कर हटें है। पहलगाम के हमले के कुछ महीनों बाद मैच में तनाव तो होना ही था पर इस बार तो […]

हम ओलम्पिक स्तर राष्ट्र नहीं हैं, We Are Not Olympic Level

August 22, 2024 Chander Mohan 0

हमने यह बहुत बड़ी ग़लतफ़हमी पाल रखी है कि हम ओलम्पिक स्तर के देश हैं। जिस देश को केवल छ: मैडल मिलें हों जिनमें कोई गोल्ड मैडल नहीं है, उसे अभी ओलम्पिक खेलों की दावेदारी के बारे सोचना भी नही चाहिए। हमारा प्रदर्शन तो टोक्यो ओलम्पिक से भी बुरा रहा जहां हमें सात मैडल मिले थे जिनमें नीरज चोपड़ा का गोल्ड भी शामिल था। समझा गया कि पेरिस ओलम्पिक हमारे लिए गेम चेंजर होंगे और अपने अच्छे प्रदर्शन के बल पर हम 2036 के ओलम्पिक खेलों की मेज़बानी का दावा कर सकेंगे। इसीलिए ‘रूकना नहीं’ का नारा दिया गया। पर हमारा खेल क़ाफ़िला छह मैडल पर आ कर रुक गया। 85 देशों में टोक्यो में हम 48वीं पायदान पर थे […]