क्या हमने जल्दबाज़ी दिखाई ?, Deal: Time To Reconsider?

February 26, 2026 Chander Mohan 0

अमेरिका के राष्ट्रपति डानल्ड ट्र्मप को भारी झटका देते हुए वहाँ की सुप्रीम कोर्ट ने उनके द्वारा दुनिया भर पर लादे गए टैरिफ़ को 6-3 के बहुमत से रद्द कर दिया। अदालत का कहना है कि उनका संविधान टैरिफ़ लगाने का अधिकार उनकी कांग्रेस (संसद) को देता है, कार्यपालिका को नहीं। अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपति और उस देश के संस्थापकों में से एक थॉमस जैफरसन ने कहा था, “अगर हम सत्ताधारी लोगों को शरारत करने से रोकना चाहतें हैं तो उन्हें संविधान की ज़ंजीरों में बाँध देना चाहिए”।आदत के अनुसार ट्रम्प ख़ूब भड़क रहें हैं और यहाँ तक कह दिया कि यह फ़ैसला ‘शर्मनाक’ है और जजों ने देशहित के खिलाफ काम किया है। बड़ा मसला रिफंड का बनता है […]

पाकिस्तान की फ़ितरत, और भारत का सबक़, Pakistan’s Intransigence And India’s Lessons

May 15, 2025 Chander Mohan 0

भारत के साथ युद्ध विराम कर तीन घंटे के बाद ही पाकिस्तान ने उसका उल्लंघन कर दिया। इस पर शशि थरूर ने यह शे’र दोहराया है, उसकी फ़ितरत है मुकर जाने की,उसके वादे पर यक़ीन कैसे करूँ ? उनकी बात बिल्कुल सही है। असली समस्या पाकिस्तान की भारत विरोधी ‘फ़ितरत’ की है। उनका, विशेष तौर पर उनकी सेना का अस्तित्व ही भारत विरोध पर टिका है इसी कारण हर कुछ महीने के बाद वह शरारत करतें हैं। आज़ादी के बाद से ही अलग रंग रूप में यह सिलसिला चलता आ रहा है। आप फटेहाल है। पाकिस्तान के वरिष्ठ सम्पादक और पंजाब के मुख्यमंत्री रहे नजम सेठी ने माना है कि, “हम एक कमजोर मुल्क बन चुकें है। अंदरूनी हालात भी […]

ट्रम्प के हाथ में उस्तरा, World In Unstable Hands

April 10, 2025 Chander Mohan 0

अमेरिका का राष्ट्रपति दुनिया का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति है। वैसे तो रूस और अब चीन के राष्ट्रपति भी बहुत ताक़त रखते हैं पर अमेरिका के राष्ट्रपति का मुक़ाबला नहीं। अमेरिका के एक राष्ट्रपति हैरी एस.ट्रूमैन ने हिरोशिमा और नागासाकी पर बमबारी का आदेश दिया था जिसमें लाखों मारे गए थे। बताया जाता है कि परमाणु बम के जनक रॉबर्ट ओपेनहाइमर ने ट्र्मैन से पहले राष्ट्रपति रूज़वेल्ट को इसके इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी दी थी कि यह मानवता का विनाश कर सकता है पर उनकी मौत हो गई और विश्व युद्ध समाप्त करने के लिए ट्रूमैन ने जापान पर बमबारी का आदेश दे दिया। जब शक्ति पर कोई नियंत्रण न रहे तो यही होता है, वह क्रूर और असंवेदनशील बन जाती […]

असंतुलित हाथों में अमेरिका, और दुनिया, America, And World, In Unstable Hands

January 30, 2025 Chander Mohan 0

शायद ही किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्वाचन पर दुनिया में इतनी खलबली मची हो जितनी डॉनल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने पर मची है क्योंकि वह स्वभाव से सनकी हैं, अहंकारी है और अस्थिर हैं। और अब वह दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्ति बन गए है। निर्वाचित होने से लेकर अब तक वह कनाडा, चीन,भारत, पनामा, ग्रीनलैंड, ब्रिक्स देशों, डेनमार्क, मैक्सिको, रूस सब को धमकियाँ दे चुकें हैं। रोज़ाना नया निशाना ढूँढा जा रहा है। चीन को वह टैरिफ़ अर्थात् शुल्क, बढ़ाने की धमकी दे चुके हैं पर दिलचस्प है कि यह बढ़ौतरी कभी  60% बताई जाती है तो कभी 20% तो कभी 10% ! ब्रिक्स देश जिनमें भारत समेत चीन भी शामिल है, को 100 % टैरिफ़ की धमकी दी […]

इंडिया और ‘गुड फ्रैंड’ ट्रम्प, India And ‘Good Friend’ Trump

November 14, 2024 Chander Mohan 0

डौन्लड ट्रम्प के अमेरिका के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद दुनिया भर में खलबली मची हुई है। शायद ही किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव के बाद दुनिया इतनी परेशान नज़र आई हो। ट्रम्प का स्वभाव ऐसा है कि कुछ भी निश्चित नहीं। वह सनकी हैं, अस्थिर हैं और जल्दी में निर्णय लेने और बदलने के लिए कुख्यात हैं। उनके व्यक्तित्व के कारण अमेरिका पूरी तरह से विभाजित है। उनका कहना तो है कि सबको साथ लेकर चलना चाहता हूँ, पर पिछली बार जब वह जो बाइडेन से चुनाव हारे थे तो नतीजा मानने से इंकार कर दिया था और अपने समर्थकों को संसद भवन पर हमले के लिए उकसाया था। इस बार भी चुनाव अभियान में धमकी दी थी कि […]

कमला हैरिस: जश्न समय से पूर्व Kamala Harris: Celebrations Premature

August 20, 2020 Chander Mohan 0

कमला देवी हैरिस को अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन द्वारा उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार चुने जाने पर भारत में तथा इंडियन-अमेरिकन समुदाय में ख़ूब चर्चा  है। अगर वह जीत जातीं हैं तो वह पहली भारतवंशी अमेरिकी उपराष्ट्रपति होंगी। अगर वह हार भी जातीं हैं  तो कमला हैरिस डेमोक्रेटिक पार्टी का भविष्य होंगी और सम्भावना है कि चार साल के बाद वह पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार होंगी। अमेरिका में कई भारतीय बहुत जोश में हैं और उनका कहना है कि ‘अमेरिका में भी कमल खिल रहा है’। यह नारा भी तैयार किया गया है, “ अमेरिका का नेता कैसा हो, जो बाइडेन जैसा हो” पर साफ़ है कि बाइडेन में इनकी दिलचस्पी कम और […]