सबसे बड़ी चुनौती: विश्वास की बहाली, The Challenge Ahead

June 10, 2021 Chander Mohan 0

मोदी सरकार का आठवाँ वर्ष कोविड द्वारा की गई भयावह तबाही की छाया में शुरू हो रहा है। वायरस धीरे धीरे घट रहा है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार 350000 मौतें हो चुकीं है पर शमशान के रिकार्ड और गंगा मेंबहती लाशेंकुछ और ही आँकड़ा बता रहीं हैं। आगे तीसरी लहर की सम्भावना से घबराहट है।   जिस देश ने पिछले साल नरेन्द्र मोदी के कहने पर थालियाँ बजाईं थीं, दीपक जलाए थे, उस देश का मिज़ाज बहुत बिगड़ा हुआ है। मोदी इसे ‘शताब्दी में एक बार फैलने वाली महामारी’ क़रार  चुकें हैं पर इससे उनके ज़ख़्म तो नही भरते जो अपने प्रियजन खो बैठें हैं। सी-वोटर के सर्वेक्षण के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है, चाहे वह […]

क्या सुरंग के अंत में कोई रोशनी है? Is There Light At End of Tunnel?

September 10, 2020 Chander Mohan 0

चीन में उत्पन्न कोरोना वायरस से यहाँ भयावह स्थिति बन रही है। मरीज़ों का संख्या 45 लाख के नज़दीक पहुँच गई है। दैनिक मरीज़ों की संख्या 90000 के आसपास  है और शीघ्र हम लखपति बनने वाले हैं।दुनिया में हर तीसरा नया मरीज़ भारतीय है।  हम ब्राज़ील से आगे निकल चुकें हैं और अब केवल अमेरिका आगे रह गया है पर बड़ी जल्दी भारत महान उसे भी पछाड़ संक्रमण के शिखिर पर होगा। यह शिखिर क्या होगा और कब होगा कोई नही कह सकता। चाहे सरकार प्रतिवाद करती है पर नज़र आता है कि यहाँ कम्यूनिटी स्परैड है  अर्थात यह लोगों में फैल रहा है क्योंकि यह अब हर जगह से निकल रहा है। बचाव यह है कि शायद हमारी रोग […]

नरेन्द्र मोदी और उनके निंदक (Narendra Modi and his critics)

October 12, 2017 Chander Mohan 0

पिछले कुछ सप्ताह इस सरकार के लिए अच्छे नहीं रहे। जैसी संभावना थी जब से विकास की दर 7.2 फीसदी से 5.7 फीसदी गिरने का समाचार बाहर निकला है सरकार सुरक्षात्मक हो गई है। यशवंत सिन्हा तथा अरुण शोरी जैसे वाजपेयी सरकार के मंत्री असुखद सवाल खड़े कर रहे हैं। राहुल गांधी के चेहरे पर चमक आ गई है। मैंने खुद 7 सितम्बर के लेख में लिखा था, “सरकार की गिरती अर्थव्यवस्था के दुष्परिणामों से निबटने के लिए तैयार रहना चाहिए।“ मोदी सरकार के लिए इस सबसे असुखद है कि संघ भी सरकार की आर्थिक नीतियों से असंतुष्ट है। विजयदशमी पर अपने भाषण में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने छोटे व्यापारियों को आ रही दिक्कतों का मामला उठाया था। उसी […]