पंजाब को मरहम चाहिए,छेड़खानी नहीं, Punjab Needs Balm Not Irritants

December 4, 2025 Chander Mohan 0

 यह सरकार कदम वापिस लेने के लिए जानी नहीं जाती। पर अगर कृषि से सम्बन्धित तीन क़ानून वापिस लेना भी शामिल किया जाए, तो पंजाब सम्बंधित तीन बड़े कदम इस सरकार ने वापिस लिए हैं। यह अच्छी बात भी है। लोकतंत्र में अलोकप्रिय कदम वापिस लेना समझदारी और संवेदनशीलता दिखाता है। पर सवाल तो है कि इस समय जबकि पंजाब भीषण बाढ़ से गुजरा है, आर्थिक हालत नाज़ुक है और प्रदेश गुरू तेगबहादुर के 350वें शहीदी दिवस से सम्बंधित समागमों में व्यस्त है, एक के बाद एक ऐसे कदम उंठाए ही क्यों गए? पंजाब एक बार्डर स्टेट है जिसके लोगों का संघर्ष का लम्बा इतिहास है। यहाँ लोगों से संवाद किए बिना छेड़खानी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। कृषि सम्बंधी […]

ख़ाक हो जाऐंगे हम तुमको खबर होने तक, Punjab Needs More Hand Holding

September 11, 2025 Chander Mohan 0

घुटने भर पानी में तस्वीर खीचवाने के बाद केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब की स्थिति को जलप्रलय कहा है और साथ ही भरोसा भी दिलवाया कि केन्द्र की सरकार ‘पंजाब के साथ मज़बूती से खड़ी है’। शिवराज सिंह चौहान की बात सही है। पंजाब की तबाही किसी प्रलय से कम नहीं है। ऐसी भयंकर बाढ़ इससे पहले 1988 में आई थी जब 500 लोग मारे गए थे पर विशेषज्ञ बता रहें हैं कि आज स्थिति 1988 से भी अधिक नाज़ुक और संकटपूर्ण है। उस वक़्त 12 ज़िले प्रभावित हुए थे जबकि इस बार सभी 23 ज़िले बाढ़ की गिरफ़्त में हैं। अनुमान है कि 4 लाख एकड़ खेत पानी से भर गए हैं। हैं।2000 गाँव पानी में […]

हम घर फूंक तमाशा देख रहें हैं, We Are Patiently Watching Our Own Ruination

June 27, 2024 Chander Mohan 0

चन्द्र मोहन    जलवायु के बारे…हम केवल खतरें में ही नहीं हैं,हम ख़तरा हैं। पर हम ही समाधान हैं –                                      एंटोनियो गुटेरेस संयुक्त राष्ट्र के महासचिव की यह संक्षिप्त टिप्पणी तीन बातें कहतीं हैं। जलवायु का ख़तरा है, यह ख़तरा हमने ही पैदा किया है और इसका समाधान भी हमारे पास ही है। जहां तक ख़तरा का सवाल है, इसके संकेत तो बहुत पहले से मिल रहे थे। सब कुछ असामान्य है, बारिश, बाढ़, सूखा,गर्मी,सर्दी, बर्फ़बारी। पर इस साल हमने गर्म होती धरती का भयानक रूप देखा है। विशेष तौर पर उत्तर भारत में जो हीट वेव चली है ऐसी पहले कभी नहीं देखी गई। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़े तो हर साल मिलतें है पर पहली बार […]

पहाड़ अब और बोझ नहीं उठा सकते, Hills Can’t Hold The Burden

August 31, 2023 Chander Mohan 0

शिमला में अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट जिसका काम शहर का योजनाबद्ध विकास करना है, की अपनी बहुमंज़िला इमारत को ख़ाली करवा लिया गया है क्योंकि इमारत असुरक्षित है। यह इमारत एक नाले के उपर बनाई गई है और जंगल के बीच है। अर्थात् जिनका काम शहर का सही विकास करवाना है खुद ही नियमों का उल्लंघन कर रहें हैं। शिमला की जो तबाही हुई है उसमें बड़ा हाथ विभिन्न सरकारों का है। मॉल रोड के ठीक बीच सीमेंट की भारी भरकम इमारत  इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी नाले पर  बनाई गई है। इसी तरह हाईकोर्ट, सचिवालय और इंदिरा गांधी मैडिकल कालेज और अस्पताल की ऊँची इमारतें हैं जो किसी बड़े धक्के के समय ताश के घर की तरह ढह जाएँगी। दूसरी […]

क्या कोई सबक़ सीखा जाएगा?, Floods: Will We Ever Learn A Lesson

July 20, 2023 Chander Mohan 0

हिमाचल प्रदेश में आई बाढ़ किसी आफ़त से कम नहीं है। जून 2013 में ऐसी ही आफ़त केदारनाथ में आई थी। सितंबर 2014 में कश्मीर में। बेहिसाब बारिश जो सामान्य से 12 गुना बताई जाती है से हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही हुई है। बरसात का स्वरूप भी बदल रहा है। पहले लम्बी बरसात चलती थी अब एकाध दिन में ही कसर निकल जाती है। हिमाचल  के जलप्रलय में हमने इमारतों को ताश के पत्तों की तरह बहते देखा है। असंख्य पुल टूट गए हैं। बताया  जाता है कि हिमाचल में मानसून और पश्चिमी विक्षोभ के टकराने से ऐसी बारिश हुई, जैसे केदारनाथ में हुआ था। कारण कुछ भी हो बहुत बड़ी त्रासदी हम देख कर हटें हैं। लगभग तीन […]

डूबता पड़ोसी, और हम, Pakistan Is Drowning, And India

September 8, 2022 Chander Mohan 0

पाकिस्तान डूब रहा है। केवल पानी में ही नहीं, वह आर्थिक, समाजिक और राजनीतिक तौर पर भी डूब रहा है। कई तो भविष्यवाणी कर रहें हैं कि वह अगला श्रीलंका बन सकता है।  सारे मापदंड विनाश का संकेत दे रहें हैं। और मदद करने की इच्छा रखते हुए भी भारत कुछ नहीं कर सकता। इस समय पाकिस्तान उनकी मंत्री शैरी रहमान के मुताबिक़, ‘भीमकाय बाढ़’ में डूबा हुआ है। इंगलैंड के आकार से अधिक क्षेत्र पानी में डूबा हुआ है।   डॉन अख़बार के अनुसार आधे से अधिक पाकिस्तान बाढ में डूबा हुआ है और लाखों लोग बेघर हो चुकें हैं।  1300 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है और यह संख्या बढ़ सकती है। 3 करोड़ से अधिक […]