सावरकर, गांधी और इतिहास के पन्ने, Gandhi, Savarkar and The Pages of History

October 21, 2021 Chander Mohan 0

यह देश वैचारिक रूप से इतना बँटता जा रहा है कि स्वतंत्रता सेनानियों को भी बक्शा नही जा रहा। समय समय पर गांधीजी और नेहरू जैसे महान् नेताओं पर कीचड़ उछालने का प्रयास हो चुका है। यह वह लोग हैं जिन्होने देश को आजाद करवाया था। यह हमारे आईकॉन अर्थात आदर्श हैं। हर देश हर समाज को ऐसे लोग चाहिए जिनकी जीवनी से आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरणा ले सकें। अमेरिका में लिंकन, इंग्लैंड में चर्चिल, फ़्रांस में डीगॉल, रूस में लेनिन, दक्षिण अफ़्रीका में मंडेला जैसे लोग आईकॉन है। यह नही कि इन्होंने ग़लतियाँ नही की पर इनके योगदान को याद किया जाता है ग़लतियों या कमज़ोरियों को नही। अफ़सोस है कि हमारे यहाँ तो गांधी को भी बख़्शा नही […]

यह कहां आ गए हम (Where Have We Reached?)

March 5, 2020 Chander Mohan 0

दिल्ली के दंगों में मरने वालों की संख्या 50 के करीब पहुंच गई है। करोड़ों की जयदाद नष्ट हो गई है। केवल एक इलाके में 170 वाहन जला दिए गए हैं। देश की और बड़ी हानि हुई  है क्योंकि साम्प्रदायिक सौहार्द पर आंच आ गई और एक विकासशील,शांतमय, लोकतांत्रिक देश की हमारी छवि तहस-नहस हो गई है। 2014 में जब नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो देश में बहुत जोश था। दो बार अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा से इस बात की पुष्टि हो गई है कि अब भारत बड़े अंतर्राष्ट्रीय मेज़ में बैठने वाला स्थाई देश बन चुका है। देश में आत्मविश्वास था जो बालाकोट के हमले से और पक्का हो गया था। लेकिन दिल्ली चुनाव के लिए […]

इन्हें बख्श दो (Why Divide Freedom Fighters)

October 24, 2019 Chander Mohan 0

  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव बहुत असुखद विवाद छोड़ गया है। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें वीर सावरकर के नाम से भी जाना जाता है, को भारत रत्न देने की मांग की है। चुनाव प्रचार में भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगा कि उनकी सरकारों ने सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दिया? वह भूल गए कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार तथा नरेन्द्र मोदी की पहली सरकार ने भी सावरकर को भारत रत्न नहीं दिया था लेकिन अब महाराष्ट्र के चुनाव की मजबूरी थी इसलिए मामला गर्म किया गया। इसके विपरीत बहुत से लोग है जो सावरकर को भारत रत्न देने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सावरकर ने पांच […]

सबसे बदतमीज़ चुनाव (Most Abusive Election)

May 22, 2019 Chander Mohan 0

आज चुनाव परिणाम आ जाएंगे। जैसी चुनौतियां देश के आगे हैं हमें मज़बूत सरकार चाहिए। अर्थ व्यवस्था की हालत बहुत अ‘छी नहीं है मंदी के संकेत हैं। निर्यात गिर रहें हैं। अमेरिका तथा चीन के बीच ट्रेड वॉर शुरू हो चुकी है। अमेरिका तथा ईरान के बीच जो तनातनी है वह भी खतरनाक दिशा ले सकती है। खाड़ी क्षेत्र में लाखों भारतीय रहते हैं जो अरबों डॉलर देश को भेजते हैं। ऐसी नाजुक स्थिति में दिल्ली में कोई घपला सरकार घातक सिद्ध हो सकती है। पर यह अलग बात है। इस वक्त तो हम अपने इतिहास के सबसे बुरे चुनाव से गुज़र कर हटें हैं। यह एक बदतमीज़ और बेसुरा चुनाव था जहां सब नेता अपनी-अपनी मर्यादा की लक्ष्मण रेखा […]

विभाजन और भव्य त्रिमूर्ति (Partition: The Grand Triumvirate)

November 15, 2018 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वह लोग जो जवाहर लाल नेहरू को आजादी के बाद प्रधानमंत्री बनाए जाने की आलोचना करते हैं यह भूलते हैं कि यह फैसला महात्मा गांधी का था जिसे सरदार पटेल ने सहर्ष स्वीकार किया था। गांधी जी ने जवाहर लाल नेहरू के बारे लिखा था, “यह मेरी भाषा बोलेगा।” गांधी जी की इस इच्छा को पटेल ने खुशी से स्वीकार कर लिया था और उन्होंने नेहरू को कहा था, “उस लक्ष्य के लिए जिसके लिए भारत में किसी ने उतनी कुर्बानी नहीं दी जितनी आपने दी है मेरी बेहिचिक वफादारी और निष्ठा आपके साथ है। हमारी जोड़ी बेजोड़ है।“ जो लोग नेहरू की आलोचना करते हैं उन्हें पटेल के इन शब्दों का ध्यान रखना चाहिए जिनमें […]

क्योंकि तब सरदार पटेल थे (Because Sardar Patel was There)

November 8, 2018 Chander Mohan 0

सरदार वल्लभभाई पटेल के बारे मई 1933 में महात्मा गांधी लिखते हैं,“क्या मुझे इस बात का अहसास नहीं कि भगवान की मुझ पर कितनी अनुकंपा रही है कि मुझे वल्लभभाई जैसे असाधारण व्यक्ति का साथ मिला है। ” उन्होंने पटेल से यह भी कहा था, “तुम्हारा दिल शेर जैसा हैं”। लेकिन सरदार पटेल के योगदान के बारे सटीक टिप्पणी राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने मई 1959 में की थी कि, “आज एक भारत है जिसके बारे हम सोच सकते हैं और बात कर सकते हैं तो यह बहुत कुछ सरदार पटेल की शासन कला तथा मजबूत प्रशासन का परिणाम है।“ भारत की प्राचीन सभ्यता है लेकिन हम सदा बिखरे रहें हैं। यही कारण है कि 1947 से लगभग एक हजार […]