शशि थरूर: इधर या उधर, Whither Shashi Tharoor
आपरेशन सिंदूर अभी निलम्बित किया गया है पर उसे लेकर एक साइड स्टोरी शुरू हो गई है। अपना पक्ष रखने के लिए जो प्रतिनिधि मंडल विदेश भेजे गए हैं उनको लेकर राजनीतिक तू तू मैं मैं शुरू हो गई है। विशेष तौर पर कांग्रेस के नेता शशि थरूर को एक महत्वपूर्ण डैलिगेशन का लीडर बनाए जाने पर कांग्रेस पार्टी सरकार और थरूर दोनों से खूब नाराज़ है। 1994 में पी. वी.नरसिम्हा राव ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के मनावाधिकार सम्मेलन में भारत का पक्ष रखने के लिए विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भेजा था ताकि यह संदेश जा सके कि सारा देश एकजुट है। इस बार वह समन्वय नहीं है। पर यह बहुत ज़रूरी है […]