शुरुआत की तरफ सफर या तनाव की तरफ वापिसी? (Will Kartarpur Corridor be a Bridge of Peace ?)

November 7, 2019 Chander Mohan 0

9 नवम्बर का दिन ऐतिहासिक होगा जब सात दशकों की इंतजार के बाद पाकिस्तान में स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जहां गुरु नानक देव ने अपने अंतिम दिन गुजारे थे, के दर्शन के लिए गलियारा खोल दिया जाएगा। इसे लेकर संगतों में भारी उत्साह है आखिर बहुत पुरानी हसरत पूरी हो रही है पर इस गलियारे के उद्घाटन समागम को लेकर पंजाब में कुछ दुर्भाग्यपूर्ण विवाद रहा है कि कौन मंच लगाएगा, कौन नहीं? कितनी शर्मनाक बात है कि ऐसे ऐतिहासिक दिन को भी सब नेता मिल कर मनाने को तैयार नहीं जबकि सब खुद को गुरु नानक देव जी के अनुयायी कहते हैं जिन्होंने सदा भाईचारे, सादगी तथा बराबरी का संदेश दिया था। क्या एक दिन के लिए हम राजनीति […]

ब्रिटेन और ‘खालिस्तान’ (Britain and ‘Khalistan’)

August 30, 2018 Chander Mohan 0

12 अगस्त को कथित ‘खालिस्तान’  के  समर्थन में कथित ‘सिख  फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) का लंडन में रिफरैंडम 2020 के नाम पर तमाशा फ्लॉप शो रहा। दुनिया भर में प्रचार करने के बावजूद वहां केवल 2500 के करीब ही लोग उपस्थित थे। बार-बार प्रयास करने के बावजूद पाकिस्तान तथा दूसरे देशों में बैठे आतंकी नेता पंजाब की धरती पर आतंकवाद फिर खड़ा नहीं कर सके। इन तत्वों के पास पैसे की कमी नहीं है। इसी के बल पर वह लंडन की रैली में बाहर से लोगों को ला सके और उन्हें वहां ठहरा सके। इंटरनैट पर इनकी उपस्थिति बहुत है। सोशल मीडिया का वह खूब इस्तेमाल करते हैं। जिस तरह जेहादी युवकों को रैडिकल कर रहे हैं उसी तरह यह कथित […]

मुद्दत से आरज़ू थी सीधा करे कोई (The Trudeau Fiasco)

March 1, 2018 Chander Mohan 0

कैनेडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो अपनी एक सप्ताह की यात्रा के बाद स्वदेश पहुंच गए। जाने से पहले वह बता गए कि वह भारत की एकता तथा अखंडता में विश्वास रखतें हैं और किसी भी प्रकार के उग्रवाद का समर्थन नहीं करते। धन्यवाद ट्रूडो जी, पर ऐसे स्पष्टीकरण की जरूरत भी क्यों पड़े? किसी और देश के नेता को तो ऐसा कहने की जरूरत नहीं पड़ी। इसका जवाब है कि खुद ट्रूडो तथा उनकी सरकार के कुछ मंत्री पंजाब में खालिस्तान की मुहिम को हवा देते रहे हैं। इसी का परिणाम था कि ट्रूडो की आठ दिन की यात्रा आखिर में खंडहर में परिवर्तित होकर रह गई थी। कैनेडा का मीडिया विलाप करता रहा कि उनके प्रधानमंत्री का ठंडा स्वागत […]