यह युद्ध का युग नही है, This Not Era of War

March 19, 2026 Chander Mohan 0

डवाइट डी.आइज़नहॉवर जो द्वितीय विश्वयुद्ध में योरूप में सुप्रीम कमांडर थे और बाद में अमेरिका के 34वें राष्ट्रपति बने ने कहा था, “मैं युद्ध से नफ़रत करता हूँ क्योंकि मैंने उसका अनुभव किया है। मैंने उसकी क्रूरता, निरर्थकता और मूर्खता देखी है”। आज जबकि एक और अमेरिकी राष्ट्रपति ने मध्यपूर्व में एक और युद्ध शुरू कर दिया है, आइज़नहॉवर के इन शब्दों की सार्थकता समझ आती है। ट्रम्प की मूर्खता की बात करने से पहले यह याद रखना चाहिए कि दुनिया में एक और युद्ध भी चल रहा है। चार साल पहले रूस ने युक्रेन पर हमला किया था। अनुमान है कि दोनों तरफ़ से मारे गए की संख्या 500000-600000 के क़रीब है। घायल लाखों में है। युक्रेन छोटा है […]

कूटनीतिक धुंध में भारत- रूस, Diplomatic Fog and Indo-Russia

December 11, 2025 Chander Mohan 0

रूस के राष्ट्रपति पुतिन अपनी दो दिन भारत यात्रा से बहुत संतुष्ट लौटें होंगें। उन पर पश्चिम के देशों ने प्रतिबंध लगाया हुआ है, उन्हें वॉर क्रिमिनल तक कहा जा रहा है, पर यहाँ दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री उनका भव्य स्वागत कर रहे थे। हवाई अड्डे पर नरेन्द्र मोदी ने पुतिन को हग किया, दोनों एक ही कार में बैठ कर वह प्रधानमंत्री के निवास स्थान तक पहुँचे जहां उनके लिए प्राईवेट डिनर रखा गया। यह कूटनीतिक शिष्टाचार के सामान्य कदम नहीं हैं। जिसे लंडन के गार्डियन अख़बार ने मोदी -पुतिन ‘ब्रोमांस’ अर्थात् बिरादर+रोमांस,कहा है पश्चिमी राजधानियों में निश्चित तौर पर अखरा होगा। यूक्रेन युद्ध द्वारा अंतराष्ट्रीय कानून के खुले उल्लंघन के बावजूद पुतिन अपने लोगों को […]

डानल्ड ट्रम्प को ग़ुस्सा क्यों आता है, Donald Trump Ko Gussa Kyon Aata He

September 4, 2025 Chander Mohan 0

भारत और अमेरिका के रिश्ते लड़खड़ा रहें हैं। अगर जल्द न रोका गया तो ऐसी जगह पहुँच जाएँगे कि मुरम्मत की गुंजाइश नहीं रहेगी और जब तक ट्रम्प व्हाइट हाउस छोड़ेंगे तब तक इन रिश्तों का कुछ नहीं बचेगा। भारत दवारा रूस से तेल ख़रीदने पर अतिरिक्त 25% टैरिफ़ (कुल 50%) लगा दिया गया है जबकि चीन जो हमसे भी अधिक ख़रीदता है पर 30% टैरिफ है। कूटनीतिक शालीनता को एक तरफ़ रख न केवल ट्रम्प बल्कि उनके कई सलाहकार रोज़ाना हमें लताड़ रहें हैं। एक कथित सलाहकार पीटर नावरो का कहना है कि युक्रेन का युद्ध ‘मोदी का युद्ध है’ ! फिर कहना था कि “रूस से तेल ख़रीद से भारत में ब्राह्मण मुनाफ़ा कमा रहे हैं”। भारत अमेरिका […]

ट्रम्प की स्ट्राइक और हमारे नेतृत्व की परीक्षा, Trump Strike And Test For Our Leadership Trump

August 7, 2025 Chander Mohan 0

“मुझे फ़र्क़ नहीं पड़ता कि भारत रूस के साथ क्या करता है। वह अपनी डैड इकानिमी को मिल कर गिरा सकतें हैं”, भारत पर 25% +25% टैरिफ़ थोपते हुए अमेरिका के असंतुलित राष्ट्रपति डानल्ड ट्रम्प के यह कड़वे शब्द बहुत देर चुभतें रहेंगे और इनमें भारत और अमेरिका के रिश्ते को तबाह करने की पूरी क्षमता है। ऐसे कहा जा रहा है कि जैसे हम नार्थ कोरिया हों। सामरिक विशेषज्ञ डैरिक ग्रासमैन के अनुसार, “मई 1998 के बाद यह भारत और अमेरिका की सामरिक पार्टनरशिप के लिए सबसे बुरा दिन है”। इसी के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति ने घोषणा की कि उन्होंने पाकिस्तान के साथ समझौता किया है और दोनों मिल कर पाकिस्तान के “विशाल तेल रिज़र्व” का विकास करेंगे। […]

अनिश्चित, अस्थिर दुनिया में भारत , India In An Unstable World

October 3, 2024 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रूस, यूक्रेन और अमेरिका की यात्राओं ने एक बार फिर प्रदर्शित कर दिया कि भारत अब बड़ा अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी बन गया है। रूस,फ़्रांस और ब्रिटेन के नेताओं ने भारत को सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बनाने की वकालत की है। अमेरिका पहले ही समर्थन दे चुका है। मामला चीन पर जा कर रूका हुआ है। इंग्लैंड के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की भविष्यवाणी है कि 2050 तक अमेरिका, चीन और भारत तीन सुपर पावर होंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यात्राओं से यहाँ यह चर्चा शुरू हो गई कि भारत यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थता कर सकता है। रूस के राष्ट्रपति ने खुलेआम कहा भी है कि वह चाहतें हैं कि भारत, चीन और ब्राज़ील मध्यस्थता करें पर यह […]

अस्थिर,अनिश्चित दुनिया में भारत, India In Uncertain World,

July 18, 2024 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा को लेकर पश्चिम के देश काफ़ी परेशान लग रहें हैं। तीसरी बार निर्वाचित होने के बाद नरेन्द्र मोदी की पहली विदेश यात्रा रूस की थी जबकि अब तक परम्परा रही है कि भारत के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री पड़ोस के किसी देश की यात्रा सबसे पहले करते हैं। यात्रा के दौरान नरेन्द्र मोदी और पुतिन के बीच गर्मजोशी को भी पश्चिम में पसंद नहीं किया गया। प्रधानमंत्री ने रूस को ‘सुख दुख का साथी’ कहा, जो बात पुतिन को पसंद आई। कड़वी टिप्पणी युक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की थी कि, “दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के नेता का दुनिया को सबसे खूनी नेता को ग़ले लगाना निराशाजनक है”। जेलेंस्की की टिप्पणी रूस द्वारा युक्रेन […]