क्या संदेश? कौन संदेशवाहक? ,What Message? Who Messenger ?

September 7, 2023 Chander Mohan 0

  भारतीय जनता पार्टी और एनडीए दोनों इस मामले में स्पष्ट हैं कि उनका संदेश भी नरेन्द्र मोदी हैं और उनके संदेशवाहक भी नरेन्द्र मोदी ही हैं। किसी क़िस्म का कोई कंफ्यूजन नही है। सब कुछ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व के इर्द-गिर्द ही है। और कोई नहीं। भाजपा की सारी उर्जा, कारगुज़ारी, नीति सबका नाम भी नरेन्द्र मोदी हैं। लगभग दो अवधि पूरी करने के नज़दीक नरेन्द्र मोदी की स्थिति बाक़ी वैश्विक नेताओं से अलग है। शासन विरोधी भावना जिसका सामना दूसरों को करना पड़ता है उनकी लोकप्रियता को कोई क्षति नहीं पहुँचा रही। हाल ही में इंडिया टुडे-सीवोटर ‘मूड ऑफ द नेशन’ सर्वेक्षण के अनुसार 52 प्रतिशत लोग महसूस करते हैं कि वह प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे […]

एक अकेला सब पर भारी?, Is Modi Unbeatable ?

March 9, 2023 Chander Mohan 0

पूर्वोत्तर के तीन राज्यों, त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड से लोकसभा की महज़ 5 सीटें हैं पर इनके विधानसभा चुनाव हमारी राजनीति के लिए बहुत महत्व रंखते हैं।  कारण यह है कि यहाँ आदिवासी बाहुल्य है और त्रिपुरा को छोड़ कर बाक़ी दो प्रदेशों में ईसाई बहुमत है। यहाँ चर्च का दबदबा भी है। यह क्षेत्र परम्परागत कांग्रेस समर्थक रहा है। अब यहाँ तीनों प्रदेशों की सरकारों में भाजपा शामिल हो रही हैं।त्रिपुरा में भाजपा का वोट शेयर और सीटें कम हुई है पर पार्टी के पास अपना बहुमत है। नागालैंड में भाजपा एनडीपीपी के साथ मिल कर सरकार बना रही है। मेघालय में कॉनरैड  संगमा के खिलाफ चुनाव लड़ने और उन पर भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोप लगाने के बाद केवल […]

बीस साल बाद बीबीसी का बवाल, BBC: Why After 20 Years ?

February 2, 2023 Chander Mohan 0

2002 के गुजरात दंगे  1984 के दिल्ली के दंगों की तरह सदा एक कलंक रहेंगे। दुख है कि आज के युग में  भी नफरत की खूनी आँधी में  बेक़सूर मारे जाते हैं। यह न केवल प्रशासनिक असफलता बल्कि समाजिक गिरावट भी दर्शाता  है। दंगों का कोई औचित्य नहीं है, न होना चाहिए। पर गुजरात के दंगों को लेकर बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री इंडिया:द मोदी क्वश्चन खुद अपने पर कई सवाल खड़े कर गई है।  यह डॉक्यूमेंट्री गुजरात के दंगों तथा कुछ और मामलों को  लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सख़्त आलोचना करती है। इन दंगों में 1000 के क़रीब लोग मारे गए थे जिनमें  अधिकतर मुसलमान थे। बीबीसी के अनुसार ब्रिटिश सरकार गुजरात के घटनाक्रम पर बहुत ‘वरिड’ अर्थात् चिन्तित थी […]

मोदी का मुक़ाबला नहीं, भाजपा का है , Modi is Invincible: Not So BJP

December 15, 2022 Chander Mohan 0

दिल्ली एमसीडी, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव परिणाम बतातें हैं कि 1. मोदी का मुक़ाबला नहीं पर भाजपा का है। मोदी ब्रांड सबसे बढ़िया अपने गृह प्रदेश में चलता है बाक़ी जगह चुनौती मिल सकती है। 2. आप राष्ट्रीय पार्टी बन सकती है पर राष्ट्रीय विकल्प अभी नही है। 3. अभी भी कांग्रेस ही विकल्प लगती है पर हिमाचल प्रदेश की जीत स्थानीय नेताओं के बल पर है। उन्होंने चुनाव स्थानीय मुद्दों पर केन्द्रित रखा। चाहे प्रियंका गांधी को ज़बरदस्ती श्रेय देने की कोशिश हो रही है पर हिमाचल कांग्रेस  का संदेश है कि वह गांधी परिवार के बिना भी जीत सकती है। जिस  दिल्ली में शीला दीक्षित ने 15 साल बढ़िया शासन दिया था वहां से कांग्रेस का […]

बड़े इंजन की जीत, Big Victory of The ‘Big’ Engine

March 17, 2022 Chander Mohan 0

उत्तर प्रदेश में 37 वर्ष के बाद किसी मुख्यमंत्री को दोबारा बनने का मौक़ा मिला है। कोविड के दौरान मौतें, महंगाई, बढ़ती बेरोज़गारी, आर्थिक संकट, किसान आन्दोलन, के बावजूद भाजपा  दोबारा सत्ता में आने में सफल रही हैं। योगी आदित्यनाथ  अनथक है और विशेष तौर पर क़ानून और व्यवस्था के क्षेत्र में प्रदेश ने भारी सुधार किया है।  उन्हे ‘बुलडोज़र बाबा’ के नाम से जाना जाता है, जो जरूरी नही कि अच्छी बात है।  इस बार तो अयोध्या या धारा 370 का मामला भी नही था, चाहे योगी आदित्यनाथ ने 80 बनाम 20 का मुद्दा उठा कर ध्रुवीकरण की कोशिश की थी। अभी से कहा जारहा है कि भाजपा में उनकी स्थिति नम्बर 2 की बन गई है क्योंकि भाजपा […]

सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों का मिड-टर्म एग्ज़ाम, Midterm Exam of Ruling Party and Opposition

January 20, 2022 Chander Mohan 0

पाँच प्रदेशों की 690 सीटों पर चुनाव देश की भावी राजनीतिक दिशा तय करेंगे। सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम भाजपा, नरेन्द्र मोदी, योगी आदित्यनाथ के लिए बहुत महत्व रखतें हैं।  साथ ही यह भटक रही कांग्रेस पार्टी और उसके हाईकमान तथा प्रादेशिक शक्तियों की भी भावी दिशा तय करेंगे। अगर भाजपा आसानी से जीत जाती है तो योगी आदित्यनाथ इतिहास बनाऐगे क्योंकि गोबिन्द बल्लभ पंत के बाद एक अवधि पूरा करने के बाद किसी मुख्यमंत्री को दूसरी बार वहां चुना जाएगा।  इसी के साथ मोदी के बाद की भाजपा में वह ताकतवार उत्तराधिकारी बन उभरेंगे और भाजपा देश भर में अपना ऐजेडा जोरशोर से लागू करने में सफल रहेगी। विपक्ष और निरुत्साहित होगा और आपसी टकराव बढ़ेगा। […]