पाकिस्तान से बीतचीत होनी चाहिए?, Talks For Talk’s Sake ?
अगर कोई और यह बात कहता तो तत्काल उसे पाकिस्तान जाने के लिए कह दिया जाता। उसे एंटी- नैशनल करार दिया जाता। सोशल मीडिया की तोपों के द्वारा उसके ख़िलाफ़ ज़बरदस्त अभियान चलाया जाता। पर यहाँ तो संघ के वरिष्ठ अधिकारी दत्तात्रय होसबाले कह रहे थे कि पाकिस्तान की पुलवामा जैसी हरकतों का जवाब देते हुए भी “हमें दरवाज़े बंद नहीं करने चाहिए। हमें सदा बातचीत के लिए तैयार रहना चाहिए”। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पाकिस्तान की तरफ़ पहल को एक मिसाल कहा कि बार बार उत्तेजना के बावजूद उन्होंने संवाद जारी रखा। दत्तात्रय होसबाले भूल गए कि अटलजी की लाहौर यात्रा के दौरान ही पाकिस्तान ने कारगिल की चोटियों पर क़ब्ज़ा करना शुरू कर दिया था। […]